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पेड़ काटने से रोकने पर धमकाया, लिखाया केस
प्रतापगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 03 Jul 2018 08:01 PM IST
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जबरन पेड़ काटने का विरोध करने पर विपक्षियों ने जान से मारने की धमकी दी। उल्टे आरोपियों ने पुलिस को गुमराह कर पीड़ित पर ही अपहरण व फिरौती मांगने का केस दर्ज करा दिया। फर्जी केस दर्ज होने से परिजनों व गांव वालों में आक्रोश है। मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की गई है।
लालगंज कोतवाली के शिवबोझ पूरे धनई निवासी गिरीश चंद्र की भूमिधरी की जमीन पर लगा पेड़ बीती 27 जून को गांव के ही ओम प्रकाश व सोम प्रकाश जबरन काटने लगे। जानकारी पर गिरीश अपनी मां राजकुमारी के साथ पहुंचा और पेड़ काटने का विरोध करने लगा। इस पर नाराज आरोपियाें ने उसे गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी। आरोपियों ने कुल्हाड़ी लेकर दौड़ाया तो गिरीश अपनी मां के साथ जान बचाकर घर चला आया। आरोपियों की धमकी से वह भयवश घर में ही तीन दिनों तक रुका रहा। इसके बाद आरोपियों ने अफसरों को गुमराह कर गिरीश के खिलाफ किशोर के अपहरण व फिरौती मांगने का केस दर्ज करा दिया। इसकी जानकारी पीड़ित परिवार व गांव वालाें को हुई तो आक्रोश पनप उठा। गिरीश की मां राजकुमारी ने पुलिस अधीक्षक समेत प्रदेश के अफसराें को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि आरोपियों ने किशोर को घर से कहीं भेज दिया और फर्जी मुकदमें में उसके बेटे का फंसा दिया। पुलिस ने जांच करने से इंकार किया तो रसूख व ऊंची पहुंच तथा पुलिस अफसराें को गुमराह कर केस दर्ज करा दिया। इस बारे में कोतवाल ने बताया कि केस जरूर दर्ज किया गया है, लेकिन जांच के बाद ही किसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी। केस फर्जी निकला तो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा।
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लालगंज कोतवाली के शिवबोझ पूरे धनई निवासी गिरीश चंद्र की भूमिधरी की जमीन पर लगा पेड़ बीती 27 जून को गांव के ही ओम प्रकाश व सोम प्रकाश जबरन काटने लगे। जानकारी पर गिरीश अपनी मां राजकुमारी के साथ पहुंचा और पेड़ काटने का विरोध करने लगा। इस पर नाराज आरोपियाें ने उसे गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी। आरोपियों ने कुल्हाड़ी लेकर दौड़ाया तो गिरीश अपनी मां के साथ जान बचाकर घर चला आया। आरोपियों की धमकी से वह भयवश घर में ही तीन दिनों तक रुका रहा। इसके बाद आरोपियों ने अफसरों को गुमराह कर गिरीश के खिलाफ किशोर के अपहरण व फिरौती मांगने का केस दर्ज करा दिया। इसकी जानकारी पीड़ित परिवार व गांव वालाें को हुई तो आक्रोश पनप उठा। गिरीश की मां राजकुमारी ने पुलिस अधीक्षक समेत प्रदेश के अफसराें को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि आरोपियों ने किशोर को घर से कहीं भेज दिया और फर्जी मुकदमें में उसके बेटे का फंसा दिया। पुलिस ने जांच करने से इंकार किया तो रसूख व ऊंची पहुंच तथा पुलिस अफसराें को गुमराह कर केस दर्ज करा दिया। इस बारे में कोतवाल ने बताया कि केस जरूर दर्ज किया गया है, लेकिन जांच के बाद ही किसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी। केस फर्जी निकला तो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा।
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