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छह माह पहले बीओबी में संजय ने खुलवाया था खाता
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Tue, 03 Apr 2018 01:21 AM IST
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आतंकियों को फंडिंग करने के आरोप में जेल भेजे गए संजय सरोज ने छह माह पहले अपना बैंक खाता पृथ्वीगंज बाजार स्थित बीओबी की डिजिटल शाखा में खुलवाया था। लेकिन संजय के लेनदेन की जानकारी देने से बैंक प्रबंधन बचता नजर आया।
उधर, एटीएस ने सरोज के एक रिश्तेदार और राजापुर औवार के रहने वाले साथी पर भी नजर गड़ा रखी है। टीम लगातार उनकी तलाश में लगी है।
एटीएस ने गत दिनों नगर कोतवाली के भगेसरा पृथ्वीगंज निवासी संजय सरोज और नीरज मिश्रा को आतंकियों को फंडिंग करने के आरोप में जेल भेजा था। जबकि राजापुर औवार के ईंट भट्ठा मजदूर ओमप्रकाश वनवासी और चंपतपुर के सुधाकर तिवारी को एटीएस ने सरकारी गवाह बनाकर छोड़ दिया था। ओमप्रकाश का बैंक में खाता खुलवाने वाला उसका पड़ोसी संजय सरोज का दोस्त है। वह घर से फरार चल रहा है। इसके साथ एटीएस को संजय के एक रिश्तेदार की भी तलाश है। सोमवार को बाजार स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा डिजिटल शाखा के कैशियर भीमरत्न ने केवल यह बताया कि संजय ने छह माह पहले बैंक में अपना खाता खुलवाया था। उसके खाते में कितनी रकम आई या निकाली गई। इस बात की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। सूत्रों की मानें तो संजय अपना व परिवार के लोगों का खाता कई बैंकों में खुलवा रखा है। हालांकि एटीएस के कभी भी दस्तक देने की अफवाह के चलते बैंककर्मी भी अलर्ट दिखे। हर आने जाने वाले लोगों पर बैंककर्मी निगाह रखे हुए थे।
आतंकियों को फंडिंग करने के आरोपी संजय सरोज के एक रिश्तेदार को एटीएस तलाश रही है। काफी प्रयास के बाद भी उसका पता नहीं चल पा रहा है। सूत्रों की मानें तो संजय का रिश्तेदार उर्दू अनुवादक है। उसने कुछ दिनों तक एक शिक्षण संस्थान में बच्चों को तालीम भी दी थी। उसकी तलाश में एटीएस लगी हुई, लेकिन अभी तक वह उनके हाथ नहीं लगा।
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नगर कोतवाली के पृथ्वीगंज भगेसरा निवासी संजय सरोज के मकान में सोमवार को चहल पहल दिखी। सुबह कपड़े की दुकान का शटर तो खुल गया, लेकिन दरवाजा बाहर से बंद था।
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उधर, एटीएस ने सरोज के एक रिश्तेदार और राजापुर औवार के रहने वाले साथी पर भी नजर गड़ा रखी है। टीम लगातार उनकी तलाश में लगी है।
एटीएस ने गत दिनों नगर कोतवाली के भगेसरा पृथ्वीगंज निवासी संजय सरोज और नीरज मिश्रा को आतंकियों को फंडिंग करने के आरोप में जेल भेजा था। जबकि राजापुर औवार के ईंट भट्ठा मजदूर ओमप्रकाश वनवासी और चंपतपुर के सुधाकर तिवारी को एटीएस ने सरकारी गवाह बनाकर छोड़ दिया था। ओमप्रकाश का बैंक में खाता खुलवाने वाला उसका पड़ोसी संजय सरोज का दोस्त है। वह घर से फरार चल रहा है। इसके साथ एटीएस को संजय के एक रिश्तेदार की भी तलाश है। सोमवार को बाजार स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा डिजिटल शाखा के कैशियर भीमरत्न ने केवल यह बताया कि संजय ने छह माह पहले बैंक में अपना खाता खुलवाया था। उसके खाते में कितनी रकम आई या निकाली गई। इस बात की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। सूत्रों की मानें तो संजय अपना व परिवार के लोगों का खाता कई बैंकों में खुलवा रखा है। हालांकि एटीएस के कभी भी दस्तक देने की अफवाह के चलते बैंककर्मी भी अलर्ट दिखे। हर आने जाने वाले लोगों पर बैंककर्मी निगाह रखे हुए थे।
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आतंकियों को फंडिंग करने के आरोपी संजय सरोज के एक रिश्तेदार को एटीएस तलाश रही है। काफी प्रयास के बाद भी उसका पता नहीं चल पा रहा है। सूत्रों की मानें तो संजय का रिश्तेदार उर्दू अनुवादक है। उसने कुछ दिनों तक एक शिक्षण संस्थान में बच्चों को तालीम भी दी थी। उसकी तलाश में एटीएस लगी हुई, लेकिन अभी तक वह उनके हाथ नहीं लगा।
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नगर कोतवाली के पृथ्वीगंज भगेसरा निवासी संजय सरोज के मकान में सोमवार को चहल पहल दिखी। सुबह कपड़े की दुकान का शटर तो खुल गया, लेकिन दरवाजा बाहर से बंद था।