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25 हजार के ईनामी को पुलिस ने दबोचा

Wed, 24 Oct 2018 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़ Updated Wed, 24 Oct 2018 11:20 PM IST
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police arrest 25 thousand prize money criminal
प्रतापगढ़। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो; प्रतापगढ़।

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चार साल पहले पुलिस अभिरक्षा से फरार 25 हजार के ईनामी सजायाफ्ता कैदी को पुलिस ने धर दबोचा। उसकी तलाश में पुलिसकर्मियों को कई प्रांतों की धूल फांकनी पड़ी। अधिवक्ता की हत्या में उम्रकैद की सजा काटने के दौरान वह फरार हो गया था। पुलिस अधीक्षक ने गिरफ्तार करने वाली टीम को 10 हजार रुपये का पुरस्कार दिया है।


पुलिस अधीक्षक देवरंजन वर्मा ने बताया कि तीन दिसंबर 2004 में कंधई थाना क्षेत्र के नेवरा में अधिवक्ता मुन्नीलाल की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक के परिजनों की तहरीर पर पड़ोस के रहने वाले भूपेंद्र पाल पुत्र राजाराम पाल व उसके परिवार के लोगों को नामजद किया गया था। सुनवाई के दौरान 20 सितंबर 2007 को न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास की सुनाई थी। कोर्ट से परिवार के लोगों को राहत मिल गई थी। तबियत खराब होने के कारण 29 अप्रैल 2014 को जिला कारागार से भूपेंद्र को इलाज कराने के लिए एसआरएन ले जाया जा रहा था।
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भुपियामऊ के पास पुलिस अभिरक्षा से भूपेंद्र फरार हो गया। जिसकी तलाश में पुलिस टीम लगी थी। उसे भुपियामऊ पुल के करीब से ही दबोचने में स्पेशल टीम के निरीक्षक, शहर कोतवाल और सर्विलांस प्रभारी की टीम का अहम योगदान रहा। पुलिस सूत्रों की मानें तो हाईकोर्ट की सख्ती के बाद भूपेंद्र को पकड़ने के लिए पुलिस टीमें लगाई गईं थीं। इसके लिए निरीक्षक मृत्युंजय मिश्रा की टीम पंजाब से लेकर सूरत तक भागदौड़ करती रही। यहां तक कि पुलिसकर्मियों को साधू की वेशभूषा धारण कर भूपेंद्र की गिरफ्तारी का प्रयास करना पड़ा। पुलिस ने बुधवार को उसकी गिरफ्तारी दिखाते हुए जेल भेज दिया। उसके ऊपर कंधई थाने में तीन व नगर कोतवाली में एक मुकदमा दर्ज है।
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पुलिस अभिरक्षा से फरार ईनामी हत्यारोपी भूपेंद्र पाल पुलिस से बचने के लिए हरसंभव प्रयास करता रहा। कुछ दिनों तक पंजाब के पारले जी बिस्किट कंपनी में काम किया। वहां तीन सालों तक काम करने के बाद अपना ठिकाना बदल लिया। जिसकी किसी को भनक नहीं थी। हालांकि खोजबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि गुजरात प्रांत के सूरत के शीतल इंडस्ट्री में कपड़ों में एंब्रायडरी का काम करने लगा। उसकी पत्नी व एक बेटी भी उसके साथ ही रहती थी।



अधिवक्ता मुन्नीलाल की हत्या के मामले में सजायाफ्ता ईनामी बदमाश भूपेंद्र को पुलिसकर्मी पहचानते तक नहीं थे। बड़ी मुश्किल से फोटो जुटा पाने के बाद पुलिस उसके पीछे पड़ गई। सूरत में भूपेंद्र को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस उसे ट्रेन से लेकर आने की तैयारी कर रही थी लेकिन एसपी देवरंजन वर्मा से बातचीत करने के बाद उसे हवाईजहाज से लेकर आने के लिए पुलिसकर्मी मजबूर हो गए। 
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