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अब शासन करेगा दुकानों के ध्वस्तीकरण का फैसला
Sun, 13 Jan 2019 12:16 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 13 Jan 2019 12:16 AM IST
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प्रतापगढ़। जिला व महिला अस्पताल की जमीन पर बनी 60 दुकानों पर जिला प्रशासन कोई फैसला नहीं कर सका है। मामला उलझते देख राजस्व विभाग की रिपोर्ट को जिलाधिकारी ने सीधे शासन को भेजते हुए अग्रिम कार्रवाई के लिए मार्गदर्शन मांगा है। प्रस्तावित मेडिकल कालेज निर्माण के लिए नगर पालिका को नक्शा पास करने के लिए भेजा गया है।
जिला व महिला अस्पताल के साथ ही क्षय रोग की जमीन पर मेडिकल कॉलेज बनाया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए कवायद जारी है। शिक्षण के लिए पूरे केशवराय में निर्माण भी प्रारंभ हो गया है। चूंकि जिला व महिला अस्पताल की जमीन कई साल पहले दान में दी गई थी। राजस्व विभाग का दावा है कि दोनों अस्पतालों के बाहरी छोर पर 60 दुकानें जो बनी हैं, वह अस्पताल की जमीन में हैं। इन दुकानों का राजस्व विभाग में कोई साक्ष्य मौजूद नहीं है। मेडिकल कालेज के लिए प्रस्तावित जमीन की खोजबीन के दौरान यह मामला सामने आया था।
व्यापारियों ने दुकानों के ध्वस्तीकरण की आशंका को देखते हुए प्रदर्शन करते हुए इंसाफ मांगा था। सूत्रों की मानें तो राजस्व विभाग ने अपनी जांच में 60 दुकानों को अस्पताल की जमीन पर बना पाया था। सदर तहसील प्रशासन ने जांच रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी को भेजी। जिसे देखने के बाद जिलाधिकारी शंभु कुमार ने अब अस्पताल की जमीन पर बनी दुकानों से संबंधित प्रकरण शासन को भेज दिया है। वहां से जो भी आदेश मिलेगा, जिला प्रशासन उस पर अमल करेगा। प्रस्तावित मेडिकल कालेज का नक्शा स्वीकृत करने के लिए नगर पालिका को भेजा गया है। अवकाश के बावजूद शनिवार को नक्शे को लेकर पालिका कार्यालय में माथापच्ची होती रही।
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जिला व महिला अस्पताल के साथ ही क्षय रोग की जमीन पर मेडिकल कॉलेज बनाया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए कवायद जारी है। शिक्षण के लिए पूरे केशवराय में निर्माण भी प्रारंभ हो गया है। चूंकि जिला व महिला अस्पताल की जमीन कई साल पहले दान में दी गई थी। राजस्व विभाग का दावा है कि दोनों अस्पतालों के बाहरी छोर पर 60 दुकानें जो बनी हैं, वह अस्पताल की जमीन में हैं। इन दुकानों का राजस्व विभाग में कोई साक्ष्य मौजूद नहीं है। मेडिकल कालेज के लिए प्रस्तावित जमीन की खोजबीन के दौरान यह मामला सामने आया था।
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व्यापारियों ने दुकानों के ध्वस्तीकरण की आशंका को देखते हुए प्रदर्शन करते हुए इंसाफ मांगा था। सूत्रों की मानें तो राजस्व विभाग ने अपनी जांच में 60 दुकानों को अस्पताल की जमीन पर बना पाया था। सदर तहसील प्रशासन ने जांच रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी को भेजी। जिसे देखने के बाद जिलाधिकारी शंभु कुमार ने अब अस्पताल की जमीन पर बनी दुकानों से संबंधित प्रकरण शासन को भेज दिया है। वहां से जो भी आदेश मिलेगा, जिला प्रशासन उस पर अमल करेगा। प्रस्तावित मेडिकल कालेज का नक्शा स्वीकृत करने के लिए नगर पालिका को भेजा गया है। अवकाश के बावजूद शनिवार को नक्शे को लेकर पालिका कार्यालय में माथापच्ची होती रही।
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