{"_id":"1e47740129e09453b881ff5ad2006346","slug":"greed-are-lost-in-sweat-earnings-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लालच में गंवा रहे पसीने की कमाई","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
लालच में गंवा रहे पसीने की कमाई
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Fri, 26 Dec 2014 10:06 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लाखों के लालच में लोग खून पसीने की कमाई गंवा रहे हैं। मोबाइल पर मिले संदेश के फेर में अब तक दर्जनों लोग फंस चुके हैं। बात बिगड़ने पर मामले की शिकायत लेकर पुलिस के पास फरियाद करने पहुंचते हैं। ऐसे शातिरों को पकड़ने में पुलिस को पसीना छूट रहा है।
नगर कोतवाली के राजगढ़ निवासी कमलेश पुत्र रामप्यारे के मोबाइल पर 5 दिसंबर को एक फोन आया। संदेश दिया गया कि वह पांच लाख रुपए का इनाम जीत चुका है। इसके लिए उसे पहले 25 हजार रुपए बैंक एकाउंट में जमा करना होगा। लाखों के लालच में फंसे कमलेश को दूसरे दिन सब्जबाग दिखाकर फोन करने वाले ने अलग-अलग दिनों में 25 हजार रुपए जमा करा लिए। 25 हजार रुपए जमा करने के बाद कमलेश अपना एकाउंट देखने गया तो उसमें रुपए नहीं थे। उस फोन नंबर पर बात की तो उसे और रुपए जमा करने के लिए कहा गया। पीड़ित ने सोमवार को एएसपी से मामले की शिकायत की।
नगर कोतवाली के ही कांशीराम कालोनी जोगापुर की रहने वाली मारिया पत्नी ताबिश भी ऐसे लोगों का शिकार हो गई। जून माह में उसे मोबाइल पर संदेश मिला कि वह दस लाख रुपए जीत चुकी है। इसे पाने के लिए उसे एक बैंक एकाउंट में बीस हजार रुपए जमा करने हैं। उसने दस हजार रुपए जमा कर दिया। इस बीच अपने परिचित से पूरी बात बताई तो उसने ऐसे मोबाइल कालों की सच्चाई बताई। जिस एकाउंट में उसने रुपए जमा किए थे। मोबाइल नंबर पर बात करने की कोशिश की लेकिन वह नंबर बंद हो गया था।
विज्ञापन
केस-3 --
नगर कोतवाली के करनपुर निवासी मनोज कुमार के साथ भी ऐसी ही घटना घटी। उसके मोबाइल पर भी एक लड़की ने फोन कर 25 लाख रुपए मोबाइल नंबर के लकी ड्रा में जीतने की बात बताई। इसके लिए उससे तीन बार में तीस हजार रुपये जमा करने को कहा गया। उसने रुपए जमा कर दिया लेकिन उसके एकाउंट में एक धेला भी नहीं आया। इससे परेशान मनोज ने उस नंबर पर फोन लगाया लेकिन वह बंद हो गया था। जिस एकाउंट में रुपए डाले थे उसमें से रुपए निकाल लिए गए थे। उसने मामले की शिकायत पुलिस से की लेकिन ऐसे शातिर दिमाग लोगों के खिलाफ पुलिस के एक भी कदम आगे नहीं बढ़े।
प्रभ्ाारी क्राइम स्वाट टीम मनाोज श्ाुक्ला ने बताया लाखों रुपए इनाम का लालच देकर लोगों के मेहनत की कमाई लूटने वालों की तलाश की जा रही है। अधिकांश मोबाइल नंबर फर्जी आईडी के होते हैं। वे घटनाओं को अंजाम देने के बाद अपना मोबाइल नंबर बंद कर देते हैं।
विज्ञापन
नगर कोतवाली के राजगढ़ निवासी कमलेश पुत्र रामप्यारे के मोबाइल पर 5 दिसंबर को एक फोन आया। संदेश दिया गया कि वह पांच लाख रुपए का इनाम जीत चुका है। इसके लिए उसे पहले 25 हजार रुपए बैंक एकाउंट में जमा करना होगा। लाखों के लालच में फंसे कमलेश को दूसरे दिन सब्जबाग दिखाकर फोन करने वाले ने अलग-अलग दिनों में 25 हजार रुपए जमा करा लिए। 25 हजार रुपए जमा करने के बाद कमलेश अपना एकाउंट देखने गया तो उसमें रुपए नहीं थे। उस फोन नंबर पर बात की तो उसे और रुपए जमा करने के लिए कहा गया। पीड़ित ने सोमवार को एएसपी से मामले की शिकायत की।
विज्ञापन
नगर कोतवाली के ही कांशीराम कालोनी जोगापुर की रहने वाली मारिया पत्नी ताबिश भी ऐसे लोगों का शिकार हो गई। जून माह में उसे मोबाइल पर संदेश मिला कि वह दस लाख रुपए जीत चुकी है। इसे पाने के लिए उसे एक बैंक एकाउंट में बीस हजार रुपए जमा करने हैं। उसने दस हजार रुपए जमा कर दिया। इस बीच अपने परिचित से पूरी बात बताई तो उसने ऐसे मोबाइल कालों की सच्चाई बताई। जिस एकाउंट में उसने रुपए जमा किए थे। मोबाइल नंबर पर बात करने की कोशिश की लेकिन वह नंबर बंद हो गया था।
विज्ञापन
केस-3 --
नगर कोतवाली के करनपुर निवासी मनोज कुमार के साथ भी ऐसी ही घटना घटी। उसके मोबाइल पर भी एक लड़की ने फोन कर 25 लाख रुपए मोबाइल नंबर के लकी ड्रा में जीतने की बात बताई। इसके लिए उससे तीन बार में तीस हजार रुपये जमा करने को कहा गया। उसने रुपए जमा कर दिया लेकिन उसके एकाउंट में एक धेला भी नहीं आया। इससे परेशान मनोज ने उस नंबर पर फोन लगाया लेकिन वह बंद हो गया था। जिस एकाउंट में रुपए डाले थे उसमें से रुपए निकाल लिए गए थे। उसने मामले की शिकायत पुलिस से की लेकिन ऐसे शातिर दिमाग लोगों के खिलाफ पुलिस के एक भी कदम आगे नहीं बढ़े।
प्रभ्ाारी क्राइम स्वाट टीम मनाोज श्ाुक्ला ने बताया लाखों रुपए इनाम का लालच देकर लोगों के मेहनत की कमाई लूटने वालों की तलाश की जा रही है। अधिकांश मोबाइल नंबर फर्जी आईडी के होते हैं। वे घटनाओं को अंजाम देने के बाद अपना मोबाइल नंबर बंद कर देते हैं।