{"_id":"5b64960a4f1c1ba61f8b6b75","slug":"deadly-transformer-on-roads","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौत के ट्रांसफार्मर हटाने में रोड़ा बनी नगरपालिका ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मौत के ट्रांसफार्मर हटाने में रोड़ा बनी नगरपालिका
प्रतापगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 03 Aug 2018 11:32 PM IST
विज्ञापन
news
- फोटो : pratpgarh
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर में चौराहों एवं सडक़ों पर खुले में रखे गए मौत के ट्रांसफार्मरों को हटाने की कवायद वर्षों से चली आ रही है, मगर अब तक विद्युत विभाग इसमें सफल नहीं हो सका है। अब जबकि एक बार फिर विभाग ने इन ट्रांसफार्मरों को स्थानांतरित करने की कार्ययोजना तैयार की तो नगरपालिका रोड़ा बन गई है। ट्रांसफार्मरों को नई जगह पर रखने के लिए पालिका जमीन नहीं उपलब्ध करा पा रही है। उधर, लगातार हो रही बारिश के कारण सडक़ पर खुले में रखे गए ट्रांसफार्मरों से कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
शहर में विद्युत आपूर्ति के लिए सडक़ों के किनारे स्थापित ट्रांसफार्मर लगभग पांच दशक पुराने हैं। तब बाजारों इतनी भीड़भाड़ और वाहनों की आवाजाही नहीं थी। धीरे-धीरे शहर की आबादी बढ़ी और आवागमन भी तेज हुआ। इसे ध्यान में रखकर सडक़ें तो बढ़ाई गईं, मगर ट्रांसफार्मरों को स्थानांतरित नहीं किया गया। शहर के संपर्क मार्गों के साथ ही राज्यमार्ग तक रखे यह ट्रांसफार्मर अब हादसे का सबब बन गए हैं। शहर के नयामाल गोदाम रोड पर 400 केवीए का ट्रांसफार्मर है। रोड से मुहल्लों के साथ ही दर्जनों गांवों का आवागमन होता है। सडक़ से लगा हुआ ट्रांसफार्मर खुला पड़ा है। तार जर्जर हो चुके हैं, जिनसे आए दिन चिंगारी व लपटें उठती हैं। इससे लोगों के लिए हमेशा खतरा बना रहता है। लोग जान हथेली पर रखकर निकलते हैं। भगवाचुंगी से कचहरी रोड पर बलीपुर मुहल्ले के समीप भी ढाई सौ केवीए का ट्रांसफार्मर रखा है। ट्रांसफार्मर से सटकर ही विवेक नगर मोड़ है। सुबह से देर रात लोगों को आना-जाना रहता है।
यहां पूर्व में घटनाएं भी हो चुकी हैं। पल्टन बाजार व तिलक इंटर कालेज के समीप रखा ट्रांसफार्मर भी हादसे को दावत दे रहा है। सेफ्टी पिन आदि खुले हुए हैं। इसी प्रकार जैन मंदिर, पुराना मालगोदाम रोड, बाबागंज के सामने, क पूर चौराहा, महिला अस्पताल में भी इसी तरह ट्रांसफार्मर खुले पड़े हैं, जो राहगीरों एवं शहरियों के लिए हादसे का सबब बन रहे हैं। अब तक दर्जनभर से अधिक लोग झुलस चुके हैं। बिजली विभाग ने हादसों पर रोक लगाने के लिए ट्रांसफार्मरों का स्थानांतरण करने की पहल शुरू की है। स्थानांतरण संबंधी सारे कागजी कोरम पूरे कर लिए गए हैं। नगरपालिका को भी इस बारे में अवगत कराया गया है, मगर अफसरों की उदासीनता के चलते अब तक नगरपालिका की ओर से स्थान उपलब्ध नहीं कराया जा सका है। यही कारण है कि अब तक ट्रांसफार्मरों को हटाया नहीं जा सका है। एसडीओ अजीत यादव का कहना है कि स्थान मुहैया होने पर ट्रांसफार्मरों का स्थान परिवर्तन का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
सड़क पर रखे ट्रांसफार्मरों के चले अक्सर लगता है जाम
संपर्क मार्गों एवं राज्यमार्ग पर रखे इन ट्रांसफार्मरों के चलते अक्सर जाम की समस्या खड़ी हो जाती है। सडक़ संकरी होने से वाहनों का आवागमन सुगमता से नहीं हो पाता है। जिससे भीषण जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। रोज शहर में यही ट्रांसफार्मर जाम का कारण बन रहे हैं।
विज्ञापन
शहर में विद्युत आपूर्ति के लिए सडक़ों के किनारे स्थापित ट्रांसफार्मर लगभग पांच दशक पुराने हैं। तब बाजारों इतनी भीड़भाड़ और वाहनों की आवाजाही नहीं थी। धीरे-धीरे शहर की आबादी बढ़ी और आवागमन भी तेज हुआ। इसे ध्यान में रखकर सडक़ें तो बढ़ाई गईं, मगर ट्रांसफार्मरों को स्थानांतरित नहीं किया गया। शहर के संपर्क मार्गों के साथ ही राज्यमार्ग तक रखे यह ट्रांसफार्मर अब हादसे का सबब बन गए हैं। शहर के नयामाल गोदाम रोड पर 400 केवीए का ट्रांसफार्मर है। रोड से मुहल्लों के साथ ही दर्जनों गांवों का आवागमन होता है। सडक़ से लगा हुआ ट्रांसफार्मर खुला पड़ा है। तार जर्जर हो चुके हैं, जिनसे आए दिन चिंगारी व लपटें उठती हैं। इससे लोगों के लिए हमेशा खतरा बना रहता है। लोग जान हथेली पर रखकर निकलते हैं। भगवाचुंगी से कचहरी रोड पर बलीपुर मुहल्ले के समीप भी ढाई सौ केवीए का ट्रांसफार्मर रखा है। ट्रांसफार्मर से सटकर ही विवेक नगर मोड़ है। सुबह से देर रात लोगों को आना-जाना रहता है।
विज्ञापन
यहां पूर्व में घटनाएं भी हो चुकी हैं। पल्टन बाजार व तिलक इंटर कालेज के समीप रखा ट्रांसफार्मर भी हादसे को दावत दे रहा है। सेफ्टी पिन आदि खुले हुए हैं। इसी प्रकार जैन मंदिर, पुराना मालगोदाम रोड, बाबागंज के सामने, क पूर चौराहा, महिला अस्पताल में भी इसी तरह ट्रांसफार्मर खुले पड़े हैं, जो राहगीरों एवं शहरियों के लिए हादसे का सबब बन रहे हैं। अब तक दर्जनभर से अधिक लोग झुलस चुके हैं। बिजली विभाग ने हादसों पर रोक लगाने के लिए ट्रांसफार्मरों का स्थानांतरण करने की पहल शुरू की है। स्थानांतरण संबंधी सारे कागजी कोरम पूरे कर लिए गए हैं। नगरपालिका को भी इस बारे में अवगत कराया गया है, मगर अफसरों की उदासीनता के चलते अब तक नगरपालिका की ओर से स्थान उपलब्ध नहीं कराया जा सका है। यही कारण है कि अब तक ट्रांसफार्मरों को हटाया नहीं जा सका है। एसडीओ अजीत यादव का कहना है कि स्थान मुहैया होने पर ट्रांसफार्मरों का स्थान परिवर्तन का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
सड़क पर रखे ट्रांसफार्मरों के चले अक्सर लगता है जाम
संपर्क मार्गों एवं राज्यमार्ग पर रखे इन ट्रांसफार्मरों के चलते अक्सर जाम की समस्या खड़ी हो जाती है। सडक़ संकरी होने से वाहनों का आवागमन सुगमता से नहीं हो पाता है। जिससे भीषण जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। रोज शहर में यही ट्रांसफार्मर जाम का कारण बन रहे हैं।