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इंसास राइफल चुराने वाला नहीं लगा पुलिस के हाथ
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Fri, 03 Jul 2015 12:17 AM IST
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वाराणसी जीआरपी के सिपाही राजेंद्र प्रसाद की इंसास राइफल चुराने वाले युवक को पुलिस तलाश नहीं सकी। कोहंड़ौर पुलिस उसे पकड़ने के लिए रिश्तेदारों के घर छापेमारी कर रही है। कोहंड़ौर थाना क्षेत्र के पूरे कोलाहल निवासी रामपूजन मिश्रा ने 29 जून को वीएल पैसेंजर ट्रेन से जीआरपी के सिपाही राजेंद्र प्रसाद की इंसास राइफल उड़ा दी थी। बुधवार को गांव के लोगों ने उसके हाथ में राइफल देखी तो दंग रह गए। वह लोगों को डराने के लिए भी राइफल तान देता था। शुक्र था कि चैंबर में कारतूस फंसा होने के कारण फायर नहीं हुआ।
इस बीच ग्रामीणों की खबर पर पहुंची पुलिस ने उसे दौड़ा लिया। पुलिस के हाथ वह नहीं आया, लेकिन राइफल मिल गई। इस बात की जानकारी मिलने पर वाराणसी जीआरपी के प्रभारी ने जंघई चौकी प्रभारी को राइफल की जांच के लिए भेजा। जांच के दौरान राइफल ट्रेन से चोरी होने वाली ही निकली। अधिकारियों के आदेश पर कोहंड़ौर पुलिस ने पूरे कोलाहल गांव में डेरा डाल रखा है। इसके बाद भी आरोपी युवक पुलिस के हाथ नहीं लगा। उसकी तलाश में कोहंड़ौर पुलिस ने कई ठिकानों पर दबिश देने के साथ ही रिश्तेदारी में भी छापेमारी की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। उधर, पुलिस की छापामारी से रिश्तेदार परेशान रहे।
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इस बीच ग्रामीणों की खबर पर पहुंची पुलिस ने उसे दौड़ा लिया। पुलिस के हाथ वह नहीं आया, लेकिन राइफल मिल गई। इस बात की जानकारी मिलने पर वाराणसी जीआरपी के प्रभारी ने जंघई चौकी प्रभारी को राइफल की जांच के लिए भेजा। जांच के दौरान राइफल ट्रेन से चोरी होने वाली ही निकली। अधिकारियों के आदेश पर कोहंड़ौर पुलिस ने पूरे कोलाहल गांव में डेरा डाल रखा है। इसके बाद भी आरोपी युवक पुलिस के हाथ नहीं लगा। उसकी तलाश में कोहंड़ौर पुलिस ने कई ठिकानों पर दबिश देने के साथ ही रिश्तेदारी में भी छापेमारी की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। उधर, पुलिस की छापामारी से रिश्तेदार परेशान रहे।
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