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जेल में बंदियों के बीच खूनी संघर्ष
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Tue, 22 Sep 2015 11:53 PM IST
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जिला कारागार में सोमवार की रात बंदियों के बीच मारपीट हो गई। इसमें दो हत्यारोपी बंदियों का सिर फट गया और आंख पर गंभीर चोट आई। आधा दर्जन बंदी मामूली रूप से घायल हुए। सभी को रात में ही इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। जिला कारागार के बैरक नंबर आठ में करीब 70 बंदी निरुद्ध हैं। जिसमें पट्टी कोतवाली के सदहा निवासी सपा नेता विजय यादव के भतीजे के हत्यारोपी राकेश यादव व बृजेश यादव भी शामिल हैं। सोमवार की रात राकेश यादव के बैरक में बंद गैस एजेंसी के सेल्समैन को लूटने के आरोपी विकास मिश्र, यशवंत समेत दूसरे बंदियों से कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर राकेश और विकास के बीच मारपीट होने लगी।
यह देख उनके साथ निरुद्ध बंदी भी मारपीट में शामिल हो गए। जब तक बंदीरक्षक डिप्टी जेलर समेत अन्य बंदीरक्षकों को बुलाता, उससे पहले ही विकास गुट के लोगों ने राकेश यादव व बृजेश यादव को मारपीट कर लहूलुहान कर दिया। राकेश का सिर फट गया तो बृजेश की आंख पर गंभीर चोटें आ गईं। विकास समेत आधा दर्जन बंदियों को भी मामूली चोटें आईं। इस बीच जेल अधिकारी पहुंचे और बैरक खुलवाकर किसी तरह मारपीट कर रहे बंदियों पर काबू पाया। इसके बाद बंदियों को दूसरी बैरकों में भेजा गया।
घायल राकेश और बृजेश का पहले तो जेल के चिकित्सक ने इलाज किया। बाद में बृजेश की हालत गंभीर देखते हुए डाक्टर ने उसे जिला अस्पताल भेज दिया। यहां डाक्टरों ने आंख पर लगी चोट का इलाज करने के बाद उसे जेल भेजा। इस घटना के बाद जेल में बंदियों के बीच तनातनी है। जेल अधीक्षक दिलीप कुमार का कहना है कि मारपीट करने वाले बंदियों को दूसरी बैरकों में कर दिया गया है। घायल बंदियों का मेडिकल कराया गया है। मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।
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यह देख उनके साथ निरुद्ध बंदी भी मारपीट में शामिल हो गए। जब तक बंदीरक्षक डिप्टी जेलर समेत अन्य बंदीरक्षकों को बुलाता, उससे पहले ही विकास गुट के लोगों ने राकेश यादव व बृजेश यादव को मारपीट कर लहूलुहान कर दिया। राकेश का सिर फट गया तो बृजेश की आंख पर गंभीर चोटें आ गईं। विकास समेत आधा दर्जन बंदियों को भी मामूली चोटें आईं। इस बीच जेल अधिकारी पहुंचे और बैरक खुलवाकर किसी तरह मारपीट कर रहे बंदियों पर काबू पाया। इसके बाद बंदियों को दूसरी बैरकों में भेजा गया।
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घायल राकेश और बृजेश का पहले तो जेल के चिकित्सक ने इलाज किया। बाद में बृजेश की हालत गंभीर देखते हुए डाक्टर ने उसे जिला अस्पताल भेज दिया। यहां डाक्टरों ने आंख पर लगी चोट का इलाज करने के बाद उसे जेल भेजा। इस घटना के बाद जेल में बंदियों के बीच तनातनी है। जेल अधीक्षक दिलीप कुमार का कहना है कि मारपीट करने वाले बंदियों को दूसरी बैरकों में कर दिया गया है। घायल बंदियों का मेडिकल कराया गया है। मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।
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