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युवती ने आग लगाकर दी जान
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Wed, 24 Jun 2015 11:58 PM IST
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नगर कोतवाली के ईश्वरनाथ का पुरवा गांव की एक महिला ने आग लगाकर जान दे दी। कई वर्ष पहले उसके पति ने भी आग लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली थी। ईश्वरनाथ का पुरवा निवासी ऊषा देवी (26) पत्नी स्व.दिनेश का घर में मंगलवार की शाम परिजनों से विवाद हो गया। इससे नाराज होकर उसने आग लगा ली। वह जलने लगी। ग्रामीणों की मानें तो आग का गोला बनी ऊषा ने जान बचाने के लिए बगल स्थित कुएं में छलांग लगा दी। इस बीच गांव के तमाम लोग पहुंच गए। किसी तरह उसे कुएं से बाहर निकाला गया। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत बिगड़ने पर डाक्टरों ने इलाहाबाद रेफर कर दिया। इलाहाबाद के एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान ऊषा की मौत हो गई। इसकी जानकारी होने पर घर में कोहराम मच गया। परिजन शव प्रतापगढ़ लेकर आए और पुलिस को सूचना दी। कोतवाली पुलिस ने पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ऊषा का चार साल का बेटा राज है।
ईश्वरनाथ का पुरवा निवासी मासूम राज जब एक वर्ष का था तब उसके पिता दिनेश ने आग लगाकर अपनी जिंदगी खत्म कर ली। मंगलवार को उसकी मां ऊषा ने भी आग लगाकर अपनी जान दे दी। पिता की मौत के बाद वह मां की ममता के आंचल में पल-बढ़ रहा था, लेकिन अब वह भी उसे छोड़कर चली गई। माता-पिता का साया सिर से हटने के बाद से राज अकेला हो गया। बुधवार को पोस्टमार्टम में उसे बिलखते देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
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ईश्वरनाथ का पुरवा निवासी मासूम राज जब एक वर्ष का था तब उसके पिता दिनेश ने आग लगाकर अपनी जिंदगी खत्म कर ली। मंगलवार को उसकी मां ऊषा ने भी आग लगाकर अपनी जान दे दी। पिता की मौत के बाद वह मां की ममता के आंचल में पल-बढ़ रहा था, लेकिन अब वह भी उसे छोड़कर चली गई। माता-पिता का साया सिर से हटने के बाद से राज अकेला हो गया। बुधवार को पोस्टमार्टम में उसे बिलखते देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
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