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नामजद हत्यारोपियों के बेल्हा आने की पुष्टि
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 08 Dec 2014 12:10 AM IST
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प्रतापगढ़। शहर के कपूर चौराहे पर एक दिसंबर को आधीरात गोली मारकर की गई सचिन सोनी (14) पुत्र सियाराम सोनी की हत्या के सभी छह आरोपी घटना के दिन बेल्हा में थे। काल डिटेल से इसकी पुष्टि हो गई लेकिन अब तक कोई गिरफ्तार नहीं हो सका है।
नगर कोतवाली के कटरा मेदनीगंज कस्बा निवासी सचिन चार बहनों का सबसे छोटा और इकलौता भाई था घटना के दिन उसके तीसरे नंबर की बहन सगुन उर्फ ज्योति की शादी का आयोजन शहर के अजीतनगर स्थित उत्सव मैरेज हाल में था। जयमाल के दौरान ही सचिन अपने दो मौसेरे भाइयों के साथ स्कूटी से बाहर निकला और कपूर चौराहे के पास उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। सचिन के पिता सियाराम ने अपनी दूसरे नंबर की बेटी आरती के पूर्व पति जेल में बंद सोरांव फाफामऊ निवासी राजकुमार की साजिश से हत्या करने का आरोप लगाया।
उसने राजकुमार और उसके पिता पर साजिश रचने, राजकुमार के भाई रामप्रताप उर्फ सुनील सोनी, सोरांव फाफामऊ निवासी नूरेन कसाई, जावेद कसाई को शूटर बताते हुए छह लोगाें के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की लेकिन सभी फरार मिले। इलाहाबाद पुलिस से भी सहयोग लेने के बाद अब तक उन्हें पकड़ने में सफलता नहीं मिल सकी। इधर पुलिस ने सचिन के पड़ोस में रहने वाले कुछ लोगाें को संदिग्ध मानते हुए मोबाइल काल डिटेल खंगाली तो पता चला उनकी बात नामजद हत्यारोपियों से हुई है।
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छानबीन के दौरान ही पुलिस को सभी आरोपियों का नंबर मिल गया। सर्विलांस से काल डिटेल खंगाली तो तीनाें शूटरों के मोबाइल का लोकेशन घटना के दिन शाम से ही बेल्हा में मिला। शहर कोतवाल बलिराम मिश्र ने बताया कि नामजदगी सही है। वे घटना के दिन बेल्हा में थे। उनके पकड़े जाने के बाद योजना में शामिल कुछ और लोगों का नाम सामने आने की संभावना है।
नगर कोतवाली के कटरा मेदनीगंज कस्बा निवासी सचिन चार बहनों का सबसे छोटा और इकलौता भाई था घटना के दिन उसके तीसरे नंबर की बहन सगुन उर्फ ज्योति की शादी का आयोजन शहर के अजीतनगर स्थित उत्सव मैरेज हाल में था। जयमाल के दौरान ही सचिन अपने दो मौसेरे भाइयों के साथ स्कूटी से बाहर निकला और कपूर चौराहे के पास उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। सचिन के पिता सियाराम ने अपनी दूसरे नंबर की बेटी आरती के पूर्व पति जेल में बंद सोरांव फाफामऊ निवासी राजकुमार की साजिश से हत्या करने का आरोप लगाया।
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उसने राजकुमार और उसके पिता पर साजिश रचने, राजकुमार के भाई रामप्रताप उर्फ सुनील सोनी, सोरांव फाफामऊ निवासी नूरेन कसाई, जावेद कसाई को शूटर बताते हुए छह लोगाें के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की लेकिन सभी फरार मिले। इलाहाबाद पुलिस से भी सहयोग लेने के बाद अब तक उन्हें पकड़ने में सफलता नहीं मिल सकी। इधर पुलिस ने सचिन के पड़ोस में रहने वाले कुछ लोगाें को संदिग्ध मानते हुए मोबाइल काल डिटेल खंगाली तो पता चला उनकी बात नामजद हत्यारोपियों से हुई है।
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छानबीन के दौरान ही पुलिस को सभी आरोपियों का नंबर मिल गया। सर्विलांस से काल डिटेल खंगाली तो तीनाें शूटरों के मोबाइल का लोकेशन घटना के दिन शाम से ही बेल्हा में मिला। शहर कोतवाल बलिराम मिश्र ने बताया कि नामजदगी सही है। वे घटना के दिन बेल्हा में थे। उनके पकड़े जाने के बाद योजना में शामिल कुछ और लोगों का नाम सामने आने की संभावना है।