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थाने के करीब छात्रा से छिनैती
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Wed, 28 Jan 2015 11:10 PM IST
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बुधवार की शाम भाई के साथ रिक्शे पर बैठकर स्टेशन आ रही छात्रा का बैग छीनकर बदमाश फरार हो गए। बेखौफ बदमाशों ने आरपीएफ व जीआरपी थाने के बीच इस घटना को अंजाम दिया। बाइक से आए बदमाश जीआरपी के दीवान के सामने से निकल गए। जीआरपी व चीता पुलिस ने स्टेशन व ट्रेन की तलाशी ली लेकिन बदमाशों को कोई सुराग नहीं लगा।
कोतवाली नगर के सदर बाजार बेल्हादेवी मंदिर के निकट की रहने वाली इंदू पाठक पुत्री गरुड़ पाठक भाई विवेक पाठक के साथ काशी एक्सप्रेस ट्रेन पकड़ने रिक्शे से स्टेशन आ रही थी। रिक्शा रेलवे सुरक्षा बल थाने के बगल पहुंचा उसी समय पीछे से बाइक पर सवार आए दो बदमाश इंदू पाठक का बैग छीनकर भागने लगे। उनको भागता देख विवेक ने शोर मचाया। जीआरपी के दीवान मेराज अहमद संयोग से उस समय थाने के पीछे खड़े थे।
जब तक वे कुछ समझ पाते बदमाश उनके सामने से निकल गए। एसओ जीआरपी बीके सिंह सिंघम व कोतवाली पुलिस स्टेशन पर पहुंची। तलाश की गई लेकिन बदमाशों का सुराग नहीं लगा। विवेक ने बताया कि बाइक पर दो लोग सवार थे। बाइक का नंबर नहीं था। पीड़ित ने बताया कि बैग में टेबलेट, बैंक का एटीएम व नकदी थे। विवेक ने बताया कि इंदू दिल्ली में रहकर तैयारी कर रही है। वहां बड़े भाई के पास रहती है। काशी विश्वनाथ में आरक्षण था। वह उसको छोड़ने स्टेशन आ रहा था। एसओ जीआरपी ने बताया कि घटना कोतवाली क्षेत्र की है। इंदू के परिजन कोतवाली पहुंच गए।
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पीड़ित का दावा है कि घटना के वक्त जीआरपी के दीवान मेराज अहमद सड़क के किनारे खड़े थे। सड़क से भी कुछ लोग गुजर रहे थे। इन लोगों ने बदमाशों के चेहरों को अच्छी तरह से देखा है। विवेक ने शोर मचाया लेकिन कोई मदद को आगे नहीं आया। इसका लाभ उठाकर बदमाश भाग निकले।
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कोतवाली नगर के सदर बाजार बेल्हादेवी मंदिर के निकट की रहने वाली इंदू पाठक पुत्री गरुड़ पाठक भाई विवेक पाठक के साथ काशी एक्सप्रेस ट्रेन पकड़ने रिक्शे से स्टेशन आ रही थी। रिक्शा रेलवे सुरक्षा बल थाने के बगल पहुंचा उसी समय पीछे से बाइक पर सवार आए दो बदमाश इंदू पाठक का बैग छीनकर भागने लगे। उनको भागता देख विवेक ने शोर मचाया। जीआरपी के दीवान मेराज अहमद संयोग से उस समय थाने के पीछे खड़े थे।
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जब तक वे कुछ समझ पाते बदमाश उनके सामने से निकल गए। एसओ जीआरपी बीके सिंह सिंघम व कोतवाली पुलिस स्टेशन पर पहुंची। तलाश की गई लेकिन बदमाशों का सुराग नहीं लगा। विवेक ने बताया कि बाइक पर दो लोग सवार थे। बाइक का नंबर नहीं था। पीड़ित ने बताया कि बैग में टेबलेट, बैंक का एटीएम व नकदी थे। विवेक ने बताया कि इंदू दिल्ली में रहकर तैयारी कर रही है। वहां बड़े भाई के पास रहती है। काशी विश्वनाथ में आरक्षण था। वह उसको छोड़ने स्टेशन आ रहा था। एसओ जीआरपी ने बताया कि घटना कोतवाली क्षेत्र की है। इंदू के परिजन कोतवाली पहुंच गए।
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पीड़ित का दावा है कि घटना के वक्त जीआरपी के दीवान मेराज अहमद सड़क के किनारे खड़े थे। सड़क से भी कुछ लोग गुजर रहे थे। इन लोगों ने बदमाशों के चेहरों को अच्छी तरह से देखा है। विवेक ने शोर मचाया लेकिन कोई मदद को आगे नहीं आया। इसका लाभ उठाकर बदमाश भाग निकले।