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पुलिया से टकराई बाइक, युवक की मौत
प्रतापगढ़
Updated Wed, 28 Jun 2017 08:27 PM IST
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विहार। बहन की शादी में कोई कमी न रह जाए। इसके लिए बाजार से सामान खरीदकर लौट रहे युवक की बाइक नहर पुलिया से टकरा गई। जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई। बाइक पर सवार रिश्तेदार को मामूली चोटें आईं। यह खबर घर पहुंची तो शादी वाले घर में करुण क्रंदन से पूरे गांव में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी।
बाघराय थाना क्षेत्र के पीथीपुर निवासी गुलशन सरोज (25) पुत्र गजानंद सरोज की इकलौती बहन सन्नोदवी का विवाह था। इकलौती बहन की शादी में कोई कोर कसर न रह जाए, इसके लिए गुलशन परेशान था। दोपहर में हलवाई का सामान कम पड़ गया। जिसे लेने के लिए वह अपने मामा के दामाद मिट्ठू को लेकर शकरदहा बाजार गया। सामान खरीदने के बाद वह बाइक से घर वापस लौटने लगा।
बताते हैं कि बाजार से कुछ आगे जाने के बाद नहर पुलिया की रेलिंग से उसकी बाइक जा टकराई। जिससे दोनों नहर में जा गिरे। यह देख रहे आसपास के लोग उन्हे बचाने के लिए दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने सबसे पहले मिट्ठू को बाहर निकाला। इसके बाद गुलशन को खोजने लगे। नहर में उसे खोजते हुए लोगों को वक्त लग गया। जब उसे बाहर निकाला तो उसकी सांसें थम चुकी थी।
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यह खबर घर पहुंची तो कोहराम मच गया। लोग रोते बिलखते घटनास्थल की ओर भागे। आसपास के लोग गुलशन को लेकर नजदीकी डाक्टर के पास पहुंचे। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस बात की जानकारी मिलते ही बहन सन्नो, पत्नी सपना व पिता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वे लोग शव लेकर घर पहुंच गए। मंगलगीत वाले घर में करुण क्रंदन से हर किसी की आंखों से आंसू गिरने लगता। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंच गई। परिजनों ने कोई कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। जिसके बाद ग्राम प्रधान की मौजूदगी में पंचायतनामा भरा गया। देर शाम परिवार के लोगों ने ऋंग्वेरपुर घाट पर शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
बेटीं के सिर से छिना साया, पिता भी हुआ बेसहारा
पीथीपुर निवासी गुलशन सरोज के ऊपर किशोर अवस्था से ही परिवार के खर्च की जिम्मेदारी आ पड़ी। वह पहले मजदूरी करता रहा बाद में दिल्ली, मुंबई के बाद गुजरात जाकर प्राइवेट कंपनी में काम करने लगा। तीन साल पहले उसकी शादी सपना से हुई। इकलौते बेटी गुलशन की शादी करने के लिए दिव्यांग पिता गजानंद को काफी परेशानी उठानी पड़ी थी। इकलौते बेटे की मौत से जहां पिता बेसहारा हो गया है। वहीं गुलशन की चार माह की बेटी से पिता का साया छिन गया। इस घटना से पूरे गांव में गम का माहौल व्याप्त रहा।
इकलौते बेटे की कमाई से चलता था परिवार का खर्च
बाघराय थाना क्षेत्र के पीथीपुर निवासी गजानंद सरोज के परिवार का खर्च गुलशन की कमाई से चलता था। परिवार के लोगों की इच्छाओं को पूरी करने के साथ ही अपनी शादी में हुए खर्च की वह भरपाई करने के बाद बहन के हाथ पीला करने के लिए परेशान रहता था। रिश्तेदारों से अच्छा से रिश्ता खोजने के लिए कहता रहता था। जब बहन का रिश्ता तय हो गया। तक उसने सुकून की सांस ली। बेटे को याद कर गजानंद बिलख पड़ता था।
सादगी से हुई शादी
पीथीपुर के प्रधान ने बताया कि गुलशन की मौत के बाद सन्नो की शादी में व्यवधान की नौबत आ गई थी। परिवार के लोगों के अलावा दूल्हा पक्ष से बातचीत के बाद तय हुआ कि दूल्हा सादगी के साथ आएगा और विवाह की रस्म पूरी होगी। इसके लिए लोग आंखों में अश्क लेकर शादी के रस्मों को पूरा करने में जुटे रहे। बारात आई और सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शादी कराई गई। गुरुवार की सुबह सन्नो की विदाई होगी।
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बाघराय थाना क्षेत्र के पीथीपुर निवासी गुलशन सरोज (25) पुत्र गजानंद सरोज की इकलौती बहन सन्नोदवी का विवाह था। इकलौती बहन की शादी में कोई कोर कसर न रह जाए, इसके लिए गुलशन परेशान था। दोपहर में हलवाई का सामान कम पड़ गया। जिसे लेने के लिए वह अपने मामा के दामाद मिट्ठू को लेकर शकरदहा बाजार गया। सामान खरीदने के बाद वह बाइक से घर वापस लौटने लगा।
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बताते हैं कि बाजार से कुछ आगे जाने के बाद नहर पुलिया की रेलिंग से उसकी बाइक जा टकराई। जिससे दोनों नहर में जा गिरे। यह देख रहे आसपास के लोग उन्हे बचाने के लिए दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने सबसे पहले मिट्ठू को बाहर निकाला। इसके बाद गुलशन को खोजने लगे। नहर में उसे खोजते हुए लोगों को वक्त लग गया। जब उसे बाहर निकाला तो उसकी सांसें थम चुकी थी।
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यह खबर घर पहुंची तो कोहराम मच गया। लोग रोते बिलखते घटनास्थल की ओर भागे। आसपास के लोग गुलशन को लेकर नजदीकी डाक्टर के पास पहुंचे। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस बात की जानकारी मिलते ही बहन सन्नो, पत्नी सपना व पिता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वे लोग शव लेकर घर पहुंच गए। मंगलगीत वाले घर में करुण क्रंदन से हर किसी की आंखों से आंसू गिरने लगता। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंच गई। परिजनों ने कोई कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। जिसके बाद ग्राम प्रधान की मौजूदगी में पंचायतनामा भरा गया। देर शाम परिवार के लोगों ने ऋंग्वेरपुर घाट पर शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
बेटीं के सिर से छिना साया, पिता भी हुआ बेसहारा
पीथीपुर निवासी गुलशन सरोज के ऊपर किशोर अवस्था से ही परिवार के खर्च की जिम्मेदारी आ पड़ी। वह पहले मजदूरी करता रहा बाद में दिल्ली, मुंबई के बाद गुजरात जाकर प्राइवेट कंपनी में काम करने लगा। तीन साल पहले उसकी शादी सपना से हुई। इकलौते बेटी गुलशन की शादी करने के लिए दिव्यांग पिता गजानंद को काफी परेशानी उठानी पड़ी थी। इकलौते बेटे की मौत से जहां पिता बेसहारा हो गया है। वहीं गुलशन की चार माह की बेटी से पिता का साया छिन गया। इस घटना से पूरे गांव में गम का माहौल व्याप्त रहा।
इकलौते बेटे की कमाई से चलता था परिवार का खर्च
बाघराय थाना क्षेत्र के पीथीपुर निवासी गजानंद सरोज के परिवार का खर्च गुलशन की कमाई से चलता था। परिवार के लोगों की इच्छाओं को पूरी करने के साथ ही अपनी शादी में हुए खर्च की वह भरपाई करने के बाद बहन के हाथ पीला करने के लिए परेशान रहता था। रिश्तेदारों से अच्छा से रिश्ता खोजने के लिए कहता रहता था। जब बहन का रिश्ता तय हो गया। तक उसने सुकून की सांस ली। बेटे को याद कर गजानंद बिलख पड़ता था।
सादगी से हुई शादी
पीथीपुर के प्रधान ने बताया कि गुलशन की मौत के बाद सन्नो की शादी में व्यवधान की नौबत आ गई थी। परिवार के लोगों के अलावा दूल्हा पक्ष से बातचीत के बाद तय हुआ कि दूल्हा सादगी के साथ आएगा और विवाह की रस्म पूरी होगी। इसके लिए लोग आंखों में अश्क लेकर शादी के रस्मों को पूरा करने में जुटे रहे। बारात आई और सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शादी कराई गई। गुरुवार की सुबह सन्नो की विदाई होगी।