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सिपाही को गोली मारने वालों पर केस
Updated Wed, 18 Jul 2018 06:28 PM IST
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पुलिस अधीक्षक कार्यालय के करीब मॉडल शॉप के बाहर सिपाही को गोली मारने के मामले में पुलिस ने अज्ञात कार सवार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। सिपाही से चेकिंग के दौरान पहले भी कार सवार लोगों से विवाद हो चुका है। खास बात यह रही कि घटना के बाद कार सिविल पुलिस चौकी के सामने ही गुजरी। सिपाही की हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उसे इलाहाबाद रेफर कर दिया। मौके पर पहुंचे एएसपी पूर्वी ने घायल सिपाही से पूछताछ की।
लखनऊ के रहने वाले करन प्रताप सिंह (25) पुत्र ओम प्रकाश सिंह कोहड़ौर थाने में तैनात हैं। मौजूदा समय में सीआर करने के लिए पुलिस लाइन में ड्यूटी कर रहे हैं। मंगलवार की देर रात पुलिस अधीक्षक कार्यालय के करीब मॉडल शॉप पर मोमोज लेने के लिए करन स्कूटी से आया था। यहां वाहन आगे पीछे करने को लेकर इनोवा सवार और सिपाही करन से कहासुनी होने लगी। सिपाही का आरोप है कि पीछे बैठे युवक ने खिड़की खोलते ही उस पर फायर कर दिया और गोली उसके पैर में जा लगी। करीब चार-पांच राउंड फायर करने के बाद कार सवार सिविल लाइन पुलिस चौकी के सामने से भाग निकले। गंभीर रूप से घायल सिपाही को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। घटना की जानकारी मिलने पर एएसपी पूर्वी पूर्णेदू सिंह ने अस्पताल व घटनास्थल पर पहुंचकर छानबीन की। सिपाही का बयान दर्ज करने के बाद डॉक्टरों की सलाह पर उसे इलाहाबाद भेज दिया गया। घायल सिपाही ने बताया कि इनोवा सवार लोगों से उसकी विधानसभा चुनाव के दौरान कोषागार के करीब चेकिंग करते समय तकरार हुई थी। चूंकि, चेकिंग में शामिल दरोगा के कार सवार परिचित निकल गए थे। बाद में उसे धमकी देते हुए कार सवार चले गए थे। सिपाही का कहना है कि उस पर हमला करने वाले कार में वही लोग सवार थे। एएसपी पूर्वी ने बताया कि सिपाही की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इनोवा कार के साथ हमला करने वाले लोगों की तलाश की जा रही है। कार को चिन्हित कर लिया गया है। अब हमलावरों की लोकेशन ट्रेस की जा रही है।
इनसेट-----
घटनाओं से सबक लेती पुलिस तो टल जाती घटना
पुलिस अधीक्षक कार्यालय के करीब मॉडल शॉप पर अक्सर मारपीट और फायरिंग की खबर मिलती रहती थी। आंबेडकर चौराहे पर स्थित शराब की दुकान पर भी अक्सर लोगों की भीड़ लगी रहती है। कुछ दिनों पहले लगातार आंबेडकर चौराहे पर बाइक सवार युवक स्टंट करते हुए फायरिंग करते निकले थे। इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक के साथ ही कोतवाली पुलिस से की गई। पुलिस की दबिश के बाद भी फायरिंग की घटनाओं पर अंकुश नहीं लग सका। मॉडल शॉप पर तीन दिन पहले भी मारपीट हो चुकी थी, लेकिन पुलिस शिकायत के अभाव में लापरवाही बरतती रही। यदि शिकायतों को पुलिस ने गंभीरता से लिया होता तो सिपाही को गोली मारने की घटना टल सकती थी।
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इनसेट----
शातिर की ओर घूमी शक की सुई
सिपाही करन प्रताप सिंह को गोली मारने के मामले में शक की सुई जिले के शातिर अपराधी की ओर घूम रही है। पुलिस सूत्रों की माने तो जिस कार पर मंगलवार की रात हमलावर सवार थे। यही कार विधानसभा चुनाव के दौरान भी चेकिंग में सिपाही ने रोकी थी। सिपाही से पूछताछ के बाद इनोवा कार का नंबर मेल खा रहा था। इसके चलते पुलिस हमलावरों की लोकेशन खंगाल रही है। सिपाही अपनी पत्नी को साथ लेकर मंगलवार की शाम शहर में खरीदारी करने के बाद मोमोज खरीदने मॉडल शॉप पर गया था।
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लखनऊ के रहने वाले करन प्रताप सिंह (25) पुत्र ओम प्रकाश सिंह कोहड़ौर थाने में तैनात हैं। मौजूदा समय में सीआर करने के लिए पुलिस लाइन में ड्यूटी कर रहे हैं। मंगलवार की देर रात पुलिस अधीक्षक कार्यालय के करीब मॉडल शॉप पर मोमोज लेने के लिए करन स्कूटी से आया था। यहां वाहन आगे पीछे करने को लेकर इनोवा सवार और सिपाही करन से कहासुनी होने लगी। सिपाही का आरोप है कि पीछे बैठे युवक ने खिड़की खोलते ही उस पर फायर कर दिया और गोली उसके पैर में जा लगी। करीब चार-पांच राउंड फायर करने के बाद कार सवार सिविल लाइन पुलिस चौकी के सामने से भाग निकले। गंभीर रूप से घायल सिपाही को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। घटना की जानकारी मिलने पर एएसपी पूर्वी पूर्णेदू सिंह ने अस्पताल व घटनास्थल पर पहुंचकर छानबीन की। सिपाही का बयान दर्ज करने के बाद डॉक्टरों की सलाह पर उसे इलाहाबाद भेज दिया गया। घायल सिपाही ने बताया कि इनोवा सवार लोगों से उसकी विधानसभा चुनाव के दौरान कोषागार के करीब चेकिंग करते समय तकरार हुई थी। चूंकि, चेकिंग में शामिल दरोगा के कार सवार परिचित निकल गए थे। बाद में उसे धमकी देते हुए कार सवार चले गए थे। सिपाही का कहना है कि उस पर हमला करने वाले कार में वही लोग सवार थे। एएसपी पूर्वी ने बताया कि सिपाही की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इनोवा कार के साथ हमला करने वाले लोगों की तलाश की जा रही है। कार को चिन्हित कर लिया गया है। अब हमलावरों की लोकेशन ट्रेस की जा रही है।
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घटनाओं से सबक लेती पुलिस तो टल जाती घटना
पुलिस अधीक्षक कार्यालय के करीब मॉडल शॉप पर अक्सर मारपीट और फायरिंग की खबर मिलती रहती थी। आंबेडकर चौराहे पर स्थित शराब की दुकान पर भी अक्सर लोगों की भीड़ लगी रहती है। कुछ दिनों पहले लगातार आंबेडकर चौराहे पर बाइक सवार युवक स्टंट करते हुए फायरिंग करते निकले थे। इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक के साथ ही कोतवाली पुलिस से की गई। पुलिस की दबिश के बाद भी फायरिंग की घटनाओं पर अंकुश नहीं लग सका। मॉडल शॉप पर तीन दिन पहले भी मारपीट हो चुकी थी, लेकिन पुलिस शिकायत के अभाव में लापरवाही बरतती रही। यदि शिकायतों को पुलिस ने गंभीरता से लिया होता तो सिपाही को गोली मारने की घटना टल सकती थी।
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शातिर की ओर घूमी शक की सुई
सिपाही करन प्रताप सिंह को गोली मारने के मामले में शक की सुई जिले के शातिर अपराधी की ओर घूम रही है। पुलिस सूत्रों की माने तो जिस कार पर मंगलवार की रात हमलावर सवार थे। यही कार विधानसभा चुनाव के दौरान भी चेकिंग में सिपाही ने रोकी थी। सिपाही से पूछताछ के बाद इनोवा कार का नंबर मेल खा रहा था। इसके चलते पुलिस हमलावरों की लोकेशन खंगाल रही है। सिपाही अपनी पत्नी को साथ लेकर मंगलवार की शाम शहर में खरीदारी करने के बाद मोमोज खरीदने मॉडल शॉप पर गया था।