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चार ब्लाकों में शुरू हुई हैंडपंपों की जांच 19-54-52
Updated Fri, 11 May 2018 08:04 PM IST
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माननीयों के हैंडपंप लगाने में पंचायत उद्योग द्वारा 1.63 करोड़ रुपये के घपले के मामले में अफसरों की फटकार के बाद खंड विकास अधिकारियों ने शुक्रवार को इसकी जांच शुरू कर दी। चार ब्लाकों में हैंडपंप लगाने की हकीकत जांची गई। गोलमाल में संबंधित ठेकेदार पर भी शिकंजा कसा जा सकता है।
डीपीआरओ कार्यालय के अधीन कार्य करने वाली कार्यदायी संस्था पंचायत उद्योग ने वर्ष 2014-15 और 2015-16 में माननीयों के 1.63 करोड़ रुपये के हैंडपंप लगाने में जमकर खेल किया था। गुरुवार को सीडीओ राजकमल यादव ने परियोजना अधिकारी को पूरे मामले की जांच कराने के लिए बीडीओ को निर्देशित करने के लिए कहा था। शुक्रवार को सदर, संडवा चंद्रिका, मानधाता और मंगरौरा विकास खंडों में हैंडपंपों की जांच का अभियान चला। अफसरों की मानें तो कई जगहों पर खामियां पकड़ में आई हैं। आगे सत्यापन किया जाएगा। पूरे मामले की जांच के बाद संबंधित अफसरों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। खंड विकास अधिकारियों ने ग्राम पंचायत अधिकारियों और ग्राम विकास अधिकारियों से अविलंब रिपोर्ट तलब की है। परियोजना अधिकारी अरविंद सिंह ने बताया कि ब्लाकों से जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी।
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डीपीआरओ कार्यालय के अधीन कार्य करने वाली कार्यदायी संस्था पंचायत उद्योग ने वर्ष 2014-15 और 2015-16 में माननीयों के 1.63 करोड़ रुपये के हैंडपंप लगाने में जमकर खेल किया था। गुरुवार को सीडीओ राजकमल यादव ने परियोजना अधिकारी को पूरे मामले की जांच कराने के लिए बीडीओ को निर्देशित करने के लिए कहा था। शुक्रवार को सदर, संडवा चंद्रिका, मानधाता और मंगरौरा विकास खंडों में हैंडपंपों की जांच का अभियान चला। अफसरों की मानें तो कई जगहों पर खामियां पकड़ में आई हैं। आगे सत्यापन किया जाएगा। पूरे मामले की जांच के बाद संबंधित अफसरों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। खंड विकास अधिकारियों ने ग्राम पंचायत अधिकारियों और ग्राम विकास अधिकारियों से अविलंब रिपोर्ट तलब की है। परियोजना अधिकारी अरविंद सिंह ने बताया कि ब्लाकों से जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी।
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