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अवैध शराब की बड़ी फैक्ट्रियां कब पकड़ेगी पुलिस
Updated Sun, 16 Jul 2017 07:46 PM IST
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प्रतापगढ़। अंतू के किठावर में अवैध शराब की फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर पुलिस भले ही अपनी पीठ थपथपा रही हो, लेकिन अभी जिले में अवैध शराब की कई फैक्ट्रियां चल रही हैं। शराब माफिया हमेशा की तरह पुलिस की आंखों मेें धूल झोंककर भाग निकला। ऐसी कई फैक्ट्रियां जिले की सीमाओं व गुप्त स्थानों पर हर दिन अवैध शराब की शीशियां तैयार कर रहीं हैं। पुलिसिया कार्रवाई के बाद भी शराब बनाने व बेचने का कारोबार बंद नहीं हुआ।
शुक्रवार की रात जिले की पुलिस ने अंतू के किठावर में दबिश देकर जिला पंचायत सदस्य भीमसेन सिंह उर्फ राजू के मकान के परिसर में 70 पेटी शराब बरामद करने के साथ अवैध शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। पुलिस को चमका देकर शराब माफिया भीमसेन सिंह अपने साथियों के साथ भाग निकला। पुलिस ने एक व्यक्ति को दबोच लिया। शराब से जुड़े कारोबारियों की मानें तो पुलिस के हाथ लगी यह फैक्ट्री तो छोटी थी। शराब माफिया की जनपद व अमेठी की सीमा पर दो और फैक्ट्रियां हैं। दोनों फैक्ट्रियां ऐसे गुप्त स्थान पर हैं, जहां अनजान लोग नहीं पहुंच सकते। इन फैक्ट्रियों की जानकारी केवल करीबी लोगों को ही है। रात में वहां से बनकर अवैध शराब बिकने के लिए चिन्हित स्थलों पर भेजी जाती है। कभी लग्जरी वाहन से कभी मालवाहक वाहन का प्रयोग होता है। सुनसान स्थान पर बनी फैक्ट्रियों की ओर लोग जाते भी नहीं हैं। हैरत की बात यह है कि पुलिसिया कार्रवाई के बाद भी भीमसेन सिंह का मोबाइल फोन बंद नहीं हुआ, बल्कि वह बराबर लोगों से बातें कर रहा है। चर्चा है कि भुपियामऊ क्षेत्र में भी अवैध शराब की छोटी फैक्ट्री स्थापित है। कुंडा सर्किल में तो अवैध शराब के कारखानों के अलावा कच्ची शराब की भट्ठियां धधक रहीं हैं।
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शुक्रवार की रात जिले की पुलिस ने अंतू के किठावर में दबिश देकर जिला पंचायत सदस्य भीमसेन सिंह उर्फ राजू के मकान के परिसर में 70 पेटी शराब बरामद करने के साथ अवैध शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। पुलिस को चमका देकर शराब माफिया भीमसेन सिंह अपने साथियों के साथ भाग निकला। पुलिस ने एक व्यक्ति को दबोच लिया। शराब से जुड़े कारोबारियों की मानें तो पुलिस के हाथ लगी यह फैक्ट्री तो छोटी थी। शराब माफिया की जनपद व अमेठी की सीमा पर दो और फैक्ट्रियां हैं। दोनों फैक्ट्रियां ऐसे गुप्त स्थान पर हैं, जहां अनजान लोग नहीं पहुंच सकते। इन फैक्ट्रियों की जानकारी केवल करीबी लोगों को ही है। रात में वहां से बनकर अवैध शराब बिकने के लिए चिन्हित स्थलों पर भेजी जाती है। कभी लग्जरी वाहन से कभी मालवाहक वाहन का प्रयोग होता है। सुनसान स्थान पर बनी फैक्ट्रियों की ओर लोग जाते भी नहीं हैं। हैरत की बात यह है कि पुलिसिया कार्रवाई के बाद भी भीमसेन सिंह का मोबाइल फोन बंद नहीं हुआ, बल्कि वह बराबर लोगों से बातें कर रहा है। चर्चा है कि भुपियामऊ क्षेत्र में भी अवैध शराब की छोटी फैक्ट्री स्थापित है। कुंडा सर्किल में तो अवैध शराब के कारखानों के अलावा कच्ची शराब की भट्ठियां धधक रहीं हैं।
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