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हर्ष फायरिंग करने वालों पर नहीं हुई कार्रवाई
Updated Tue, 05 Dec 2017 07:57 PM IST
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लालगंज। कोतवाली क्षेत्र तीन दिन पहले बारात के दौरान हर्ष फायरिंग मामले में पुलिस ने कोई कार्रवाई नही की है। आरोपियाें के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तारी के बजाय पुलिस घटना की लीपापोती में जुटी है। छानबीन के नाम पर तीसरे दिन भी मामला ठंडे बस्ते में रखा रहा। घटना में गंभीर रूप से घायल चारोें पीड़िताें को इलाहाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
लालगंज कोतवाली के मेढ़ावां निधई का पुरवा में रविवार को श्यामलाल की बेटी सरिता की शादी के लिए मानिकपुर थाना क्षेत्र के बजहाभीट निवासी छेदीलनाल के घर से बारात आई थी। बारात द्वाराचार के लिए निकली तो कुछ लोग जनवासे में बैठ गए। इस बीच किसी ने तमंचा से हर्ष फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग में मानिकपुर के बजहाभीट निवासी विजय कुमार यादव(14) पुत्र दयाराम, कुंडा के मुसन्नापुर निवासी अवधेश यादव(16) पुत्र रामअंजोर व सूबेदार यादव(25) पुत्र राजाराम तथा लालगंज के डगरारा लाला का पुरवार निवासी निर्मल यादव(13) पुत्र दूधनाथ घायल हो गए। हर्ष फायरिंग की घटना के घंटे भर पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन तब तक हर्ष फायरिंग के आरोपी व गोली लगने से घायल लोग जा चुके थे।
घायलाें की हालत नाजुक देख चिकित्सकाें ने उन्हे रेफर कर दिया। जिसके बाद परिजनाें ने गंभीर दशा में घायलाें को इलाहाबाद की एक अस्पताल में भर्ती कराया है। जहां सभी जिंदगी व मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। उधर कोतवाली पुलिस ने हर्ष फायरिंग की घटना में कार्रवाई के बजाय लीपापोती शुरू कर दी है। कोतवाल ने दावा किया था कि परिजनाें से तहरीर मांगी गई। उनकी ओर तहरीर नहीं मिली तो पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी। लेकिन तीन दिन बीतने के बाद पुलिस ने जांच के नाम पर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। हर्ष फायरिंग के आरोपियाें पर कि गिरफ्तारी करना तो दूर अभी तक केस तक दर्ज नहीं किया है।
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हर्ष फायरिंग पर लगाम लगाने के लिए पुलिस कितनी संवेदनीशील है, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। इससे पहले भी मेढ़ावां के पूरेदत्तू में शादी के दौरान हुई हर्ष फायरिंग में दर्जन भर बाराती व घराती घायल हुए थे। लेकिन पुलिस ने आज तक कोई कार्रवाई नहीं की। कोतवाली इलाके में लगातार हो रही हर्ष फायरिंग की घटनाएं पुलिस के ढुलमुल रवैया के चलते तेजी से बढ़ रही है। कार्रवाई का भय नहीं होने से हर्ष फायरिंग की घअनाआें पर लगाम नहीं लग पा रहा है।
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लालगंज कोतवाली के मेढ़ावां निधई का पुरवा में रविवार को श्यामलाल की बेटी सरिता की शादी के लिए मानिकपुर थाना क्षेत्र के बजहाभीट निवासी छेदीलनाल के घर से बारात आई थी। बारात द्वाराचार के लिए निकली तो कुछ लोग जनवासे में बैठ गए। इस बीच किसी ने तमंचा से हर्ष फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग में मानिकपुर के बजहाभीट निवासी विजय कुमार यादव(14) पुत्र दयाराम, कुंडा के मुसन्नापुर निवासी अवधेश यादव(16) पुत्र रामअंजोर व सूबेदार यादव(25) पुत्र राजाराम तथा लालगंज के डगरारा लाला का पुरवार निवासी निर्मल यादव(13) पुत्र दूधनाथ घायल हो गए। हर्ष फायरिंग की घटना के घंटे भर पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन तब तक हर्ष फायरिंग के आरोपी व गोली लगने से घायल लोग जा चुके थे।
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घायलाें की हालत नाजुक देख चिकित्सकाें ने उन्हे रेफर कर दिया। जिसके बाद परिजनाें ने गंभीर दशा में घायलाें को इलाहाबाद की एक अस्पताल में भर्ती कराया है। जहां सभी जिंदगी व मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। उधर कोतवाली पुलिस ने हर्ष फायरिंग की घटना में कार्रवाई के बजाय लीपापोती शुरू कर दी है। कोतवाल ने दावा किया था कि परिजनाें से तहरीर मांगी गई। उनकी ओर तहरीर नहीं मिली तो पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी। लेकिन तीन दिन बीतने के बाद पुलिस ने जांच के नाम पर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। हर्ष फायरिंग के आरोपियाें पर कि गिरफ्तारी करना तो दूर अभी तक केस तक दर्ज नहीं किया है।
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हर्ष फायरिंग पर लगाम लगाने के लिए पुलिस कितनी संवेदनीशील है, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। इससे पहले भी मेढ़ावां के पूरेदत्तू में शादी के दौरान हुई हर्ष फायरिंग में दर्जन भर बाराती व घराती घायल हुए थे। लेकिन पुलिस ने आज तक कोई कार्रवाई नहीं की। कोतवाली इलाके में लगातार हो रही हर्ष फायरिंग की घटनाएं पुलिस के ढुलमुल रवैया के चलते तेजी से बढ़ रही है। कार्रवाई का भय नहीं होने से हर्ष फायरिंग की घअनाआें पर लगाम नहीं लग पा रहा है।