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छात्र की गला रेतकर हत्या, कुएं में मिला शव

Thu, 28 Dec 2017 12:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़ Updated Thu, 28 Dec 2017 12:19 AM IST
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crime near bhagipur village
प्रतापगढ़ - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
रानीगंज। छात्र की गला रेतकर हत्या करने के बाद हत्यारों ने उसका शव कुएं में फेंक दिया। परिजन उसकी तलाश करते रहे लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। पड़ोसी गांव की सीमा पर स्थित पुराने कुएं से लगातार उठ रही दुर्गंध के चलते ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। कुएं से बाहर शव निकला तो उसकी शिनाख्त छात्र के रूप में हुई। परिजन रोने बिलखने लगे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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रानीगंज थाना क्षेत्र के भागीपुर निवासी शैलेश विश्वकर्मा (16) पड़ोसी गांव स्थित कालेज में कक्षा दस का छात्र था। 24 दिसंबर की शाम उसके मोबाइल पर किसी परिचित का फोन आया। जिसके बाद वह उससे मिलने की बात कहते हुए घर से निकला लेकिन फिर देर शाम तक लौटकर नहीं आया। जिसके बाद परिजन परेशान होकर उसकी खोजबीन करने लगे लेकिन कहीं पता नहीं चला। रिश्तेदारी व दोस्तों के घर शैलेश की तलाश करते रहे। बुधवार की सुबह भागीपुर व रस्तीपुर गांव की सीमा पर पुराने कुएं से दुर्गंध उठ रही थी। शंका होने पर ग्रामीणों ने कुएं में झांककर देखा तो किसी का शव पड़ा था। कुएं में लाश मिलने की खबर से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस भी पहुंच गई। ग्रामीणों की मदद से पुलिस कुएं से शव को बाहर निकाला। लाश बाहर निकलते ही शैलेश के परिजन चीख उठे। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो शैलेश की चाकू से गला रेता गया था। शरीर पर चोट के निशान भी थे। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि तीन चार दिन पहले ही उसकी गला रेतकर हत्या करने के बाद हत्यारों ने शव को कुएं में फेंक दिया था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसओ रानीगंज ने बताया कि परिजनों से जानकारी ली गई। उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं है। हालांकि घटना की बाबत कुछ सुराग मिले हैं।
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रानीगंज थाना क्षेत्र के भागीपुर निवासी शिवपूजन के दो बेटे और चार पुत्रियां हैं। बड़ा पुत्र रोहन विश्वकर्मा से अधिक उसकी बहनें अपने छोटे भाई शैलेश को दुलार करती थीं। शैलेश भी परिवार के लोगों की हर बातों को मानता था। जिसके चलते वह सभी का दुलारा बना हुआ था। घर से गायब होने वाले अधिकांश लोगों के साथ अप्रिय वारदात होती रही। इसके बाद भी गुमशुदा लोगों को लेकर पुलिस प्रशासन संवेदनशून्य बना रहता है। शिवपूजन ने मंगलवार को पुलिस को तहरीर दी थी। गुमशुदगी दर्ज करने के बाद पुलिस उसकी खोजबीन की दिशा में प्रयास नहीं की। शैलेश विश्वकर्मा के पास 24 दिसंबर को जिस नंबर से फोन किया गया था। उस नंबर पर परिवार के लोग लगातार संपर्क करते रहे लेकिन वह बंद था। घर के मोबाइल पर शैलेश को फोन कर बुलाया था। इससे परिवार के लोग परेशान थे। परिजनों ने बुधवार को वह नंबर पुलिस को उपलब्ध कराया। जिसके बाद पुलिस उस नंबर को ट्रेस करने का प्रयास करने लगी। उस नंबर की काल डिटेल से पुलिस को घटना का राज खोलने में मदद मिलने की संभावना है।
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