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Pratapgarh News: हादसे में घायल यश की हालत बिगड़ी, आईसीयू में शिफ्ट
Wed, 02 Aug 2023 09:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Wed, 02 Aug 2023 09:02 PM IST
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लोडर व स्कूली वाहन की टक्कर में घायल अन्य छात्रों ले जाए गए जिला अस्पताल
संवाद न्यूज एजेंसी
बाबूगंज। लक्ष्मणपुर के समीप लोडर की टक्कर से मैजिक सवार स्कूली बच्चों में गंभीर रूप से घायल एक छात्र यश की हालत बुधवार को बिगड़ गई। प्रयागराज के एक निजी अस्पताल में भर्ती यश को डॉक्टरों ने आईसीयू में शिफ्ट कर दिया है। हादसे में घायल छह अन्य छात्रों की हालत में सुधार नहीं होने पर परिजन उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गए। घायल छात्रों की हालत में सुधार नहीं होने से परिजन चिंतित हैं।
लीलापुर के पतुलकी गांव समेत आसपास के बच्चे कला भदारी बाबूगंज स्थित साधुरी शिरोमणि स्कूल में पढ़ते हैं। सोमवार को मैजिक से स्कूल जाते समय लक्ष्मणपुर के समीप बेकाबू लोडर ने जोरदार टक्कर मार दी थी। हादसे में एक छात्रा मानसी की मौके पर ही मौत हो गई थी। हादसे में मैजिक चालक समेत तेरह छात्र घायल हो गए थे।
घायलों में मैजिक चालक शरीफ व छात्र यश प्रजापति की हालत नाजुक देख प्रयागराज स्थित चिल्ड्रेन और एसआरएन अस्पताल रेफर किया गया था। अन्य घायल छात्रों को उपचार के बाद घर भेज दिया गया था। चालक शरीफ अभी एसआरएन अस्पताल में ही भर्ती है, जबकि छात्र यश को एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है।
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सोमवार को आठ घंटे बाद यश को होश आया। मंगलवार को उसकी हालत में कुछ सुधार हुआ, लेकिन तीसरे दिन बुधवार को उसकी तबीयत फिर बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर उसे चिकित्सकों की निगरानी में गहन चिकित्सा कक्ष में रखा गया है। परिजन छात्र के साथ अनहोनी की आशंका से परिजन परेशान हैं।
उधर, घर पर स्वास्थ्य लाभ कर रहे घायल अंश, नैना, अनुराग, वर्षा, तनु, रूपाली, मोहिनी की हालत भी तीसरे दिन बिगड़ गई। किसी की आंख व शरीर में सूजन तो किसी को चक्कर व शरीर दर्द था कि बच्चे रात भर सो नहीं सके। छात्रों की हालत देख बच्चों के अभिभावक उन्हें निजी वाहन से उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गए। छात्रों की हालत में सुधार नहीं होने पर परिजन परेशान हैं। छात्रा के अंतिम संस्कार के बाद पुलिस-प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने भी किनारा कर लिया है।
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तीसरे दिन बाद भी मानसी की याद में बेसुध रही मां रेनू
बाबूगंज। दर्दनाक हादसे में छात्रा मानसी की मौत के बाद से परिजनों को रो-रोकर हाल खराब रहा। घटना के बाद से अंतिम संस्कार तक पिता उमेश सरोज, मां रेनू सरोज व भाई अनुराग व आयुष कभी रोते-बिलखते तो कभी शून्य में निहारने लगते। अंतिम संस्कार के बाद पिता व दोनों मासूम भाई कुछ संयत हुए, लेकिन छात्रा की मां रेनू अभी भी बेहाल है। घटना के तीसरे दिन बुधवार को वह घर के बरामदे में बेटी मानसी की याद में रोते-रोते बेसुध रहीं। परिजनों के मुताबिक तीन दिन से उसने न तो खाना खाया और न रात में सो सकीं। बीच-बीच में रेनू अपनी लाडली मानसी की याद में रोने लगती है। परिवार के लोग उन्हें चुप कराते और किसी तरह संभालते रहे। रेनू के खाना-पीना छोडऩे व बेसुध पड़े रहने से अब परिजन परेशान हैं। तमाम कोशिशों के बाद भी रेनू को बेटी से बिछड़ना भूल नहीं रहा है। संवाद
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स्कूल संचालक के खिलाफ जाम लगाने पहुंचे ग्रामीण, पुलिस शांत कराया
बाबूगंज। लक्ष्मणपुर में हादसे के दौरान छात्रा मानसी की मौत व गंभीर रूप से घायल छात्र यश व चालक शरीफ समेत अन्य छात्रों के समुचित उपचार कराने का स्कूल संचालन ने भरोसा दिया था। आरोप है कि साधुरी शिरोमणि स्कूल के संचालक ने जिंदगी की जंग लड़ रहे यश के इलाज में आर्थिक मदद करने से किनारा कर लिया। इससे नाराज घायल छात्रों के परिजन बुधवार को जाम लगाने के लिए लक्ष्मणपुर बाजार पहुंच गए। इसकी जानकारी पर लीलापुर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने नाराज लोगों को किसी तरह से शांत कराया और उनके साथ जुटे ग्रामीणों को समझा बुझाकर जाम नहीं लगाने पर सहमत किया। ग्रामीणों ने पुलिस की बात मानकर जाम तो नहीं लगाया, लेकिन चेतावनी दी है कि स्कूल संचालक की ओर से बच्चों के इलाज में आर्थिक मदद नहीं मिली तो स्कूल गेट पर तालाबंदी कर विरोध जताएंगे। संवाद
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तीसरे दिन भी अस्पताल में सन्नाटा, चार कर्मचारी नदारद
बाबूगंज। बाबूगंज पीएचसी की बदहाल सेवाओं में तमाम विरोध के बाद भी सुधार नहीं आया है। हादसे के तीसरे दिन भी अस्पताल में सन्नाटा पसरा था। बुधवार को भी अस्पताल में डॉ. नफीस को छोड़कर अन्य चारों स्टाफ नदारद रहे।
सोमवार को स्कूली बच्चों के साथ हुए हादसे के बाद पीएचसी गेट पर ताला लगा होने से नाराज ग्रामीणों के ढाई घंटे जाम लगाया था। सीएमओ व प्रशासन की ओर से आश्वासन मिला कि अस्पताल में कर्मचारियों की उपस्थित सुनिश्चित करने के साथ की स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर कराई जाएंगी। मंगलवार को अस्पताल की हालत जस की तस रही। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के निर्देश के बाद भी कर्मचारियों की बढ़ती लापरवाही से ग्रामीण आक्रोशित हैं। लोग चर्चा करते रहे कि इतने बड़े हादसे के बाद भी आखिरकार स्वास्थ्य कर्मी लापरवाह कैसे बने हैं। संवाद
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स्कूल बंद कर संचालक फरार, मान्यता पर सवाल बरकरार
- तीन दिन से गेट पर लटक रहा ताला, छात्रों के भविष्य से भी खिलवाड़
संवाद न्यूज एजेंसी
लालगंज। लक्ष्मणपुर में सोमवार को लोडर व स्कूली मैजिक की टक्कर में छात्रा मानसी की मौत और तेरह बच्चों के घायल होने के बाद से भदारी बाबूगंज स्थित साधुरी शिरोमणि पब्लिक स्कूल बंद है। घटना के बाद से स्कूल के गेट पर लगा ताला बुधवार को लगातार तीसरे दिन भी नहीं खुला।
बुधवार को भी बच्चे स्कूल पहुंचे, लेकिन गेट पर ताला लटका देख वापस लौट गए। अचानक स्कूल बंद होने से परिजन भी परेशान हैं। मदद का भरोसा देने वाले स्कूल प्रबंधक भी सामने नहीं आ रहे हैं। अब सवाल स्कूल की मान्यता व अफसरों के संलिप्तता पर भी उठ रहा है। मान्यता पर बीईओ प्रभाकर यादव ने पहले इन्कार किया। जबकि प्रबंधक ऋषभ त्रिपाठी ने दावा किया कि मान्यता है। संबंधित कागज बीईओ एक घंटे बाद उपलब्ध कराएंगे।
बताया गया कि स्कूल प्रबंधक ने बीईओ प्रभाकर यादव को विद्यालय की मान्यता संबंधी कागज दिखाए थे। जिसमें वर्ष 2020 तक सिर्फ तीन साल के लिए कक्षा आठ तक की मान्यता अनुमन्य की गई थी। इसके बाद मान्यता का नवीनीकरण नहीं कराया गया। इस बारे में खंड शिक्षा अधिकारी प्रभाकर यादव ने बताया कि एक शासनादेश आया था, जिसमें नवीनीकरण कराने की जरूरत नहीं होती है। वहीं प्रबंधक का दावा है कि मान्यता के अनुसार की कक्षाएं संचालित हो रही हैं।
ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जब सब कुछ दुरुस्त है तो फिर तीन दिन से स्कूल गेट पर ताला क्यों लटक रहा है। लोगों का आरोप है कि खामियों को छिपाने के लिए ही स्कूल अचानक बंद कर दिया है। बीईओ प्रभाकर यादव ने कहा कि स्कूल लगातार बंद किए जाने की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बाबूगंज। लक्ष्मणपुर के समीप लोडर की टक्कर से मैजिक सवार स्कूली बच्चों में गंभीर रूप से घायल एक छात्र यश की हालत बुधवार को बिगड़ गई। प्रयागराज के एक निजी अस्पताल में भर्ती यश को डॉक्टरों ने आईसीयू में शिफ्ट कर दिया है। हादसे में घायल छह अन्य छात्रों की हालत में सुधार नहीं होने पर परिजन उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गए। घायल छात्रों की हालत में सुधार नहीं होने से परिजन चिंतित हैं।
लीलापुर के पतुलकी गांव समेत आसपास के बच्चे कला भदारी बाबूगंज स्थित साधुरी शिरोमणि स्कूल में पढ़ते हैं। सोमवार को मैजिक से स्कूल जाते समय लक्ष्मणपुर के समीप बेकाबू लोडर ने जोरदार टक्कर मार दी थी। हादसे में एक छात्रा मानसी की मौके पर ही मौत हो गई थी। हादसे में मैजिक चालक समेत तेरह छात्र घायल हो गए थे।
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सोमवार को आठ घंटे बाद यश को होश आया। मंगलवार को उसकी हालत में कुछ सुधार हुआ, लेकिन तीसरे दिन बुधवार को उसकी तबीयत फिर बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर उसे चिकित्सकों की निगरानी में गहन चिकित्सा कक्ष में रखा गया है। परिजन छात्र के साथ अनहोनी की आशंका से परिजन परेशान हैं।
उधर, घर पर स्वास्थ्य लाभ कर रहे घायल अंश, नैना, अनुराग, वर्षा, तनु, रूपाली, मोहिनी की हालत भी तीसरे दिन बिगड़ गई। किसी की आंख व शरीर में सूजन तो किसी को चक्कर व शरीर दर्द था कि बच्चे रात भर सो नहीं सके। छात्रों की हालत देख बच्चों के अभिभावक उन्हें निजी वाहन से उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गए। छात्रों की हालत में सुधार नहीं होने पर परिजन परेशान हैं। छात्रा के अंतिम संस्कार के बाद पुलिस-प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने भी किनारा कर लिया है।
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तीसरे दिन बाद भी मानसी की याद में बेसुध रही मां रेनू
बाबूगंज। दर्दनाक हादसे में छात्रा मानसी की मौत के बाद से परिजनों को रो-रोकर हाल खराब रहा। घटना के बाद से अंतिम संस्कार तक पिता उमेश सरोज, मां रेनू सरोज व भाई अनुराग व आयुष कभी रोते-बिलखते तो कभी शून्य में निहारने लगते। अंतिम संस्कार के बाद पिता व दोनों मासूम भाई कुछ संयत हुए, लेकिन छात्रा की मां रेनू अभी भी बेहाल है। घटना के तीसरे दिन बुधवार को वह घर के बरामदे में बेटी मानसी की याद में रोते-रोते बेसुध रहीं। परिजनों के मुताबिक तीन दिन से उसने न तो खाना खाया और न रात में सो सकीं। बीच-बीच में रेनू अपनी लाडली मानसी की याद में रोने लगती है। परिवार के लोग उन्हें चुप कराते और किसी तरह संभालते रहे। रेनू के खाना-पीना छोडऩे व बेसुध पड़े रहने से अब परिजन परेशान हैं। तमाम कोशिशों के बाद भी रेनू को बेटी से बिछड़ना भूल नहीं रहा है। संवाद
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स्कूल संचालक के खिलाफ जाम लगाने पहुंचे ग्रामीण, पुलिस शांत कराया
बाबूगंज। लक्ष्मणपुर में हादसे के दौरान छात्रा मानसी की मौत व गंभीर रूप से घायल छात्र यश व चालक शरीफ समेत अन्य छात्रों के समुचित उपचार कराने का स्कूल संचालन ने भरोसा दिया था। आरोप है कि साधुरी शिरोमणि स्कूल के संचालक ने जिंदगी की जंग लड़ रहे यश के इलाज में आर्थिक मदद करने से किनारा कर लिया। इससे नाराज घायल छात्रों के परिजन बुधवार को जाम लगाने के लिए लक्ष्मणपुर बाजार पहुंच गए। इसकी जानकारी पर लीलापुर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने नाराज लोगों को किसी तरह से शांत कराया और उनके साथ जुटे ग्रामीणों को समझा बुझाकर जाम नहीं लगाने पर सहमत किया। ग्रामीणों ने पुलिस की बात मानकर जाम तो नहीं लगाया, लेकिन चेतावनी दी है कि स्कूल संचालक की ओर से बच्चों के इलाज में आर्थिक मदद नहीं मिली तो स्कूल गेट पर तालाबंदी कर विरोध जताएंगे। संवाद
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तीसरे दिन भी अस्पताल में सन्नाटा, चार कर्मचारी नदारद
बाबूगंज। बाबूगंज पीएचसी की बदहाल सेवाओं में तमाम विरोध के बाद भी सुधार नहीं आया है। हादसे के तीसरे दिन भी अस्पताल में सन्नाटा पसरा था। बुधवार को भी अस्पताल में डॉ. नफीस को छोड़कर अन्य चारों स्टाफ नदारद रहे।
सोमवार को स्कूली बच्चों के साथ हुए हादसे के बाद पीएचसी गेट पर ताला लगा होने से नाराज ग्रामीणों के ढाई घंटे जाम लगाया था। सीएमओ व प्रशासन की ओर से आश्वासन मिला कि अस्पताल में कर्मचारियों की उपस्थित सुनिश्चित करने के साथ की स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर कराई जाएंगी। मंगलवार को अस्पताल की हालत जस की तस रही। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के निर्देश के बाद भी कर्मचारियों की बढ़ती लापरवाही से ग्रामीण आक्रोशित हैं। लोग चर्चा करते रहे कि इतने बड़े हादसे के बाद भी आखिरकार स्वास्थ्य कर्मी लापरवाह कैसे बने हैं। संवाद
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स्कूल बंद कर संचालक फरार, मान्यता पर सवाल बरकरार
- तीन दिन से गेट पर लटक रहा ताला, छात्रों के भविष्य से भी खिलवाड़
संवाद न्यूज एजेंसी
लालगंज। लक्ष्मणपुर में सोमवार को लोडर व स्कूली मैजिक की टक्कर में छात्रा मानसी की मौत और तेरह बच्चों के घायल होने के बाद से भदारी बाबूगंज स्थित साधुरी शिरोमणि पब्लिक स्कूल बंद है। घटना के बाद से स्कूल के गेट पर लगा ताला बुधवार को लगातार तीसरे दिन भी नहीं खुला।
बुधवार को भी बच्चे स्कूल पहुंचे, लेकिन गेट पर ताला लटका देख वापस लौट गए। अचानक स्कूल बंद होने से परिजन भी परेशान हैं। मदद का भरोसा देने वाले स्कूल प्रबंधक भी सामने नहीं आ रहे हैं। अब सवाल स्कूल की मान्यता व अफसरों के संलिप्तता पर भी उठ रहा है। मान्यता पर बीईओ प्रभाकर यादव ने पहले इन्कार किया। जबकि प्रबंधक ऋषभ त्रिपाठी ने दावा किया कि मान्यता है। संबंधित कागज बीईओ एक घंटे बाद उपलब्ध कराएंगे।
बताया गया कि स्कूल प्रबंधक ने बीईओ प्रभाकर यादव को विद्यालय की मान्यता संबंधी कागज दिखाए थे। जिसमें वर्ष 2020 तक सिर्फ तीन साल के लिए कक्षा आठ तक की मान्यता अनुमन्य की गई थी। इसके बाद मान्यता का नवीनीकरण नहीं कराया गया। इस बारे में खंड शिक्षा अधिकारी प्रभाकर यादव ने बताया कि एक शासनादेश आया था, जिसमें नवीनीकरण कराने की जरूरत नहीं होती है। वहीं प्रबंधक का दावा है कि मान्यता के अनुसार की कक्षाएं संचालित हो रही हैं।
ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जब सब कुछ दुरुस्त है तो फिर तीन दिन से स्कूल गेट पर ताला क्यों लटक रहा है। लोगों का आरोप है कि खामियों को छिपाने के लिए ही स्कूल अचानक बंद कर दिया है। बीईओ प्रभाकर यादव ने कहा कि स्कूल लगातार बंद किए जाने की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।