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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   Campaign was not against bogus schools

फर्जी स्कूलों के खिलाफ नहीं चली मुहिम

Tue, 28 Apr 2015 11:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़ Updated Tue, 28 Apr 2015 11:32 PM IST
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जिले में बगैर मान्यता के चलने वाले कान्वेंट स्कूलों के खिलाफ जिला प्रशासन की मुहिम अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। खंड शिक्षा अधिकारियों के संरक्षण में चलने वाले अवैध स्कूलों पर जिला प्रशासन की हिदायत का कोई असर नहीं है। खुलेआम स्कूल संचालक अभिभावकों के जेब पर डाका डाल रहे हैं।
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गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने का ढोंग करने वाले कान्वेंट स्कूलों के खिलाफ जिले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। नि:शुल्क एवं बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 18-ए  के तहत बगैर मान्यता के चलने वाले जिले में 198 स्कूल हैं। बेसिक शिक्षा विभाग से प्राप्त यह वह संख्या है जिसमें खंड शिक्षा अधिकारियों ने अपने करीबियों के स्कूलों का नाम छोड़ दिया था।
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 इस बात की जानकारी मिलने पर बीएसए ने नए सिरे से जांच सूची तलब की है। आश्चर्य की बात यह है कि शासन के सख्त आदेश के बाद भी जिला प्रशासन फर्जी स्कूलों के खिलाफ अभियान नहीं चला रहा है। फर्जी स्कूलों का आलम यह है कि वह खुलेआम अभिभावकों को गुमराह कर बच्चों का दाखिला ले रहे हैं। इलाहाबाद में 95 फर्जी स्कूलों में ताला लगने के बाद भी जिले के अफसर नहीं चेत रहे हैं। बीएसए एसटी हुसैन ने बताया कि फर्जी स्कूलों की सूची तैयार की जा रही है, जल्द ही अधिकारियों की मौजूदगी में ताला लगाया जाएगा।
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जिले के लालगंज ब्लाक में एक भी स्कूल बगैर मान्यता के नहीं चल रहा है। यह दावा खंड शिक्षा अधिकारी अमरदीप जायसवाल का है। बीईओ का यह दावा कितन सच है यह तो समय बताएगा, मगर उनके इस बयान ने यह साबित कर दिया है कि बीईओ नेताओं और चहेतों को बचाने के लिए उन्हें क्लीन चिट देने में जुटे हुए हैं। बीएसए एसटी हुसैन की मानें तो ऐसा हो ही नहीं सकता है कि लालगंज ब्लाक में बगैर मान्यता के स्कूल नहीं चल रहे हैं। उन्होंने गोपनीय जांच कराकर बीईओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजने को कहा है।  


फर्जी स्कूलों की जांच के बहाने क्षेत्र में निकलने वाले बीईओ इन दिनों मलाई काट रहे हैं। स्कूल पहुंचते ही रिश्तेदारों की तरह खातिरदारी हो रही है। अवैध स्कूलों की सूची से नाम बाहर करने के लिए मुंहमांगी रकम दे रहे हैं।
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