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अपराजिता : बेटियां पहचानें अपनी ताकत
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अमर उजाला के अभियान अपराजिता के तहत साकेत गर्ल्स कालेज में आयोजित महिला जागरूकता गोष्ठी में बोल?
- फोटो : PRATAPGARH
बेटियों को अपनी ताकत जाननी होगी। वह किसी से कम नहीं हैं। उनमें दृढ़ इच्छा शक्ति और साहस की आवश्यकता है। अगर साहस नहीं है तो किसी भी कार्य में सफलता मिलने वाली नहीं है। यह बातें इलाहाबाद राज्य विवि के कार्यक्रम समन्वयक डॉ.उपेंद्र सिंह ने अमर उजाला के अभियान अपराजिता : 100 मिलियन स्माइल के तहत सोमवार को आयोजित महिला संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहीं।
शहर के दहिलामऊ स्थित साकेत गर्ल्स पीजी कालेज में आयोजित अमर उजाला के अभियान की सराहना करते हुए डॉ. उपेंद्र सिंह ने कहा कि इस पहल से बेटियां जहां जागरूक होंगी। उनका हौसला बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान से शहर और गांव के लोगों में काफी जागरूकता आई है। घर-घर शौचालय का निर्माण होने से जहां प्रदूषण की समस्या से निजात मिल रही है, वहीं संक्रामक बीमारियां नियंत्रित हुई हैं।
कालेज की प्राचार्य डा. नीलिमा श्रीवास्तव ने कहा कि महिला सशक्तीकरण के लिए अनेक अभियान चलाए जा रहे हैं। जिसमें गांव और शहर की बेटियां शिक्षित होकर परिवार और गांव को संवार रही हैं। उन्होंने कहा कि एक पढ़ी-लिखी बेटी दो परिवारों का भाग्य जगाती है। एक वह परिवार जिसमें वह पढ़ी-लिखी और बड़ी हुई और दूसरा उसके पति का घर।
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इसलिए बालिका शिक्षा से समाज की अनेक कुरीतियों का अंत हुआ है। प्रबंधक डॉ. अरविंद श्रीवास्तव ने कहा कि बेल्हा क ी बेटियों ने हाल के दिनों में आईएएस, पीसीएस और न्यायिक क्षेत्र में जो सफलता अर्जित की है, वह बुलंदी की नई कहानी है। छात्राओं ने अपने ज्ञान से आसपास के निरक्षर महिलाओं को साक्षर करने का संकल्प लिया। इस मौके पर डा. अनीता पांडेय, प्रतिभा मिश्र, प्रभात शुक्ला सहित बड़ी संख्या में बालिकाएं मौजूद रहीं।
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शहर के दहिलामऊ स्थित साकेत गर्ल्स पीजी कालेज में आयोजित अमर उजाला के अभियान की सराहना करते हुए डॉ. उपेंद्र सिंह ने कहा कि इस पहल से बेटियां जहां जागरूक होंगी। उनका हौसला बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान से शहर और गांव के लोगों में काफी जागरूकता आई है। घर-घर शौचालय का निर्माण होने से जहां प्रदूषण की समस्या से निजात मिल रही है, वहीं संक्रामक बीमारियां नियंत्रित हुई हैं।
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कालेज की प्राचार्य डा. नीलिमा श्रीवास्तव ने कहा कि महिला सशक्तीकरण के लिए अनेक अभियान चलाए जा रहे हैं। जिसमें गांव और शहर की बेटियां शिक्षित होकर परिवार और गांव को संवार रही हैं। उन्होंने कहा कि एक पढ़ी-लिखी बेटी दो परिवारों का भाग्य जगाती है। एक वह परिवार जिसमें वह पढ़ी-लिखी और बड़ी हुई और दूसरा उसके पति का घर।
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इसलिए बालिका शिक्षा से समाज की अनेक कुरीतियों का अंत हुआ है। प्रबंधक डॉ. अरविंद श्रीवास्तव ने कहा कि बेल्हा क ी बेटियों ने हाल के दिनों में आईएएस, पीसीएस और न्यायिक क्षेत्र में जो सफलता अर्जित की है, वह बुलंदी की नई कहानी है। छात्राओं ने अपने ज्ञान से आसपास के निरक्षर महिलाओं को साक्षर करने का संकल्प लिया। इस मौके पर डा. अनीता पांडेय, प्रतिभा मिश्र, प्रभात शुक्ला सहित बड़ी संख्या में बालिकाएं मौजूद रहीं।

मर उजाला के अभियान अपराजिता के तहत साकेत गर्ल्स कालेज में आयोजित महिला जागरूकता गोष्ठी में जुटी ?- फोटो : PRATAPGARH