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बेल्हा के दर्जनभर अभ्यर्थी दरोगा भर्ती परीक्षा से किए गए वंचित
Updated Wed, 20 Dec 2017 07:29 PM IST
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बेल्हा के दर्जनभर अभ्यर्थी दरोगा भर्ती परीक्षा से किए गए वंचित
मूल पहचान पत्र होने के बावजूद परीक्षा केंद्र प्रभारी ने नहीं दी इंट्री
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़।
इलाहाबाद स्थित लोक सेवा आयोग के समीप स्थित परीक्षा केंद्र पर बुधवार को दरोगा भर्ती परीक्षा देने गए बेल्हा के दर्जनभर अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र प्रभारी के मनमानी के शिकार हो गए। मूल पहचान पत्र होने के बावजूद उन्हें परीक्षा से वंचित कर दिया गया। विरोध के बावजूद भी अभ्यर्थियों की सुनवाई परीक्षा केंद्र पर नहीं की गई।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड लखनऊ द्वारा 2016 में सब इंस्पेक्टर पद के 3300 पदों के लिए वैकेंसी निकालकर भर्ती परीक्षा कराई गई थी, लेकिन कुछ परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र लीक होने के कारण यह परीक्षा दिसंबर 2017 में दोबारा कराई जा रही है। बुधवार को प्रतापगढ़ के करीब 12 अभ्यर्थियों का परीक्षा केंद्र लोक सेवा आयोग के समीप स्थित एक कम्प्यूटर संस्थान को बनाया गया था। परीक्षा सुबह 8.45 से 10.45 तक होनी थी। अभ्यर्थियों की इंट्री सुबह 7.15 मिनट से शुरु की गई। लाइन में लगे अभ्यर्थियों की चेकिंग बकायदे पुलिस कर्मचारियों ने की। उनके पहचान पत्र सही पाए जाने पर उन्हें परीक्षा केंद्र की ओर भेजा गया। अभ्यर्थी राहुल सिंह, आशुतोष समेत प्रतापगढ़ के लगभग 12 अभ्यर्थियों का आरोप है कि जब वह चेकिंग के बाद परीक्षा केंद्र पर पहुंचे तो परीक्षा केंद्र प्रभारी की ओर से जांच कराई जा रही थी। इस दौरान उनके द्वारा नियुक्त एक निरीक्षक ने मूल पहचान जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी व पैन कार्ड होने के बावजूद भी डुप्लीकेट मूल प्रमाण पत्र बताकर उन्हें बाहर कर दिया। जब अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र प्रभारी से मुलाकात की तो वह भी पहचाजन .पत्र देखने से मना कर दिए और परीक्षा केंद्र का गेट बंद करने का आदेश देकर अंदर चले गए। जबकि अभ्यर्थियों का कहना है कि वह इन्हीं पहचान पत.्र के आधार पर पूर्व में आयोजित इसी दरोगा भर्ती परीक्षा में शामिल हुए थे। उन्हें बाहर नहीं किया गया था।
निबंध लेखन प्रतियोगिता 21 को
प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। बद्री नारायण सिंह स्नातकोत्तर महाविद्यालय सकरौली मादूपुर में 21 दिसंबर को संसाधन के संरक्षण और विदोहन में मनुष्य की भूमिका विषय पर निबंध लेखन व प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। यह जानकारी प्राचार्य डॉ. तीर्थराज पांडेय ने दी।
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तीन साहित्य विषयों की पढ़ाई एक साथ नहीं
राज्य विवि ने विषय चयन के प्रतिबंध संबंधी जारी किया निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। तीन साहित्य विषयों की पढ़ाई एक साथ नहीं की जा सकेगी। राज्य विश्वविद्यालय इलाहाबाद ने बीए परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को व्यक्तिगत छात्र के रूप में विषय चयन के लिए प्रतिबंध संबंधी निर्देश जारी किया है।
इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. साहबलाल मौर्य द्वारा जारी किए गए निर्देश में बताया गया कि तीन साहित्य विषयों का चयन एक साथ एक साथ नहीं किया जा सकता है। वहीं शिक्षाशास्त्र विषय के साथ दर्शनशास्त्र विषय का भी चयन बीए के अभ्यर्थी नहीं कर सकेंगे। इतिहास व प्राचीन इतिहास भारतीय में एक ही विषय के लिए आवेदन किया जा सकेगा। हिंदी व अंग्रेजी भाषा में से एक ही विषय का चयन अभ्यर्थी कर सकेंगे। बीए परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को व्यक्तिगत छात्र के रूप में विषय चयन के लिए विश्वविद्यालय यह प्रतिबंध जारी किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि तमाम अभ्यर्थी आवेदन करते समय निर्देशों को ध्यान से पढ़ते नहीं है। वह मनमाने ढंग से विषयों का चयन कर आवेदन कर देते हैं। ऐसे में उनके फार्म रिजेक्ट कर दिए जाते हैं। जिससे उन्हें परेशानी होती है और वह बाद में विश्वविद्यालय प्रशासन पर दोष लगाते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने निर्देश दिया है कि अभ्यर्थी अच्छी तरह से विश्वविद्यालय द्वारा जारी किए निर्देश को पढ़ लें। उसके बाद ही आवेदन करें। साथ ही महाविद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि वह कालेज परिसर में निर्देश को चस्पा करें। जानकारी लेने के लिए आने वाले अभ्यर्थियों को निर्देश के बारे मे सही जानकारी दें। जिससे उनका फार्म रिजेक्ट न हो। विश्वविद्यालय के निर्देश मिलने के बाद महाविद्यालयों में व्यक्तिगत परीक्षा आवेदन फार्म भरे संबंधी विश्वविद्यालय के निर्देश को कालेज परिसरों में चस्पा किया जा रहा है। साथ ही छात्र-छात्राओं को जानकारी भी दी जा रही है।
इनसेट-
व्यक्तिगत परीक्षार्थियों को भी देना होगा आब्जेक्टिव पेपर
कुलसचिव डॉ. साहबलाल मौर्य के मुताबिक संस्थागत परीक्षा की तरह 2017-18 के बीए व बीकाम प्रथम और द्वितीय वर्ष के व्यक्तिगत परीक्षार्थियों की भी परीक्षाएं ओएमआर पैटर्न पर कराई जाएगी। सभी विषयों के एक-एक प्रश्नपत्र को आब्जेक्टिव रखा गया है। इन प्रश्नपत्रों के परीक्षा की अवधि दो घंटे होगी।
फोटो-
भक्तों की रक्षा के लिए भगवान ने तोड़ा देवराज इंद्र का अभिमान
श्रीमदभागवत कथा के पांचवें दिन कथा व्यास साधना श्री ने कृष्ण की लीलाओं का किया वर्णन
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। विश्व मंगल परिवार द्वारा गौशाला को समर्पित कथा के पांचवें दिन बुधवार को कथा व्यास साधना श्री बताया कि गोकुलवासियों की रक्षा के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को कनिष्ठिका उंगली पर धारण किया था। कंस ने मायावी तरीके से भगवान को मारने का प्रयास किया, लेकिन भगवान की लीलाओं के आगे उसकी नहीं चल सकी।
कथा का विस्तार से चर्चा करते हुए कथाव्यास ने बताया कि कथा श्रवण का सुअवसर अत्यंत सौभाग्य से मिलता है। जिस पर प्रभू कृपा होती है वहीं कथा पंडाल तक पहुंच पाता है। उन्होंने भगवान कृष्ण के जन्मकथा के बारे में बताया कि कंस का आतंक बढ़ता ही जा रहा था। वह कृष्ण को मारेन के लिए पूतना राक्षसी को भेजता है। जिसके स्तनपान से भगवान उसे परम गति को प्रदान करते हैं। इसी तरह कंस ने ने कृष्ण को मारने के लिए बकासुर, वृत्तासुर, तृणासुर आदि राक्षसों को भेजा था , लेकिन सभी कृष्ण के हाथों मारे गए। इसी तरह जब गोकुलवासियों ने गोवर्धन की पूजा करने लगते हैं। क्रोधित देवराज इंद्र मूसलाधार वर्षा करते है तो भगवान गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठिका उंगली पर उठाकर गोकुलवासियों की संकट से उबारते हैं। इसके बाद कथाव्यास ने कालिया नाग और ब्रहा के अभिमान कऌो भी चूर किए जाने की कथा सुनाई। इस अवसर पर रतन जैन, संजीव आहूजा, शरद केसरवानी, डॉ. पीयूषकांत शर्मा, डॉ. अविनाश चंद्रा, श्रीराम मिश्रा, नीरज खंडेलवाल, अंजनी कसौधन, मुरलीधर केसरवानी, दुर्गेश सिंह, गणेश प्रसाद, दिनेश सिंह, अनुपम पांडेय, राजनारायण सिंह, मीनू खंडेलवाल मौजूद रहे।
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मूल पहचान पत्र होने के बावजूद परीक्षा केंद्र प्रभारी ने नहीं दी इंट्री
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़।
इलाहाबाद स्थित लोक सेवा आयोग के समीप स्थित परीक्षा केंद्र पर बुधवार को दरोगा भर्ती परीक्षा देने गए बेल्हा के दर्जनभर अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र प्रभारी के मनमानी के शिकार हो गए। मूल पहचान पत्र होने के बावजूद उन्हें परीक्षा से वंचित कर दिया गया। विरोध के बावजूद भी अभ्यर्थियों की सुनवाई परीक्षा केंद्र पर नहीं की गई।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड लखनऊ द्वारा 2016 में सब इंस्पेक्टर पद के 3300 पदों के लिए वैकेंसी निकालकर भर्ती परीक्षा कराई गई थी, लेकिन कुछ परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र लीक होने के कारण यह परीक्षा दिसंबर 2017 में दोबारा कराई जा रही है। बुधवार को प्रतापगढ़ के करीब 12 अभ्यर्थियों का परीक्षा केंद्र लोक सेवा आयोग के समीप स्थित एक कम्प्यूटर संस्थान को बनाया गया था। परीक्षा सुबह 8.45 से 10.45 तक होनी थी। अभ्यर्थियों की इंट्री सुबह 7.15 मिनट से शुरु की गई। लाइन में लगे अभ्यर्थियों की चेकिंग बकायदे पुलिस कर्मचारियों ने की। उनके पहचान पत्र सही पाए जाने पर उन्हें परीक्षा केंद्र की ओर भेजा गया। अभ्यर्थी राहुल सिंह, आशुतोष समेत प्रतापगढ़ के लगभग 12 अभ्यर्थियों का आरोप है कि जब वह चेकिंग के बाद परीक्षा केंद्र पर पहुंचे तो परीक्षा केंद्र प्रभारी की ओर से जांच कराई जा रही थी। इस दौरान उनके द्वारा नियुक्त एक निरीक्षक ने मूल पहचान जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी व पैन कार्ड होने के बावजूद भी डुप्लीकेट मूल प्रमाण पत्र बताकर उन्हें बाहर कर दिया। जब अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र प्रभारी से मुलाकात की तो वह भी पहचाजन .पत्र देखने से मना कर दिए और परीक्षा केंद्र का गेट बंद करने का आदेश देकर अंदर चले गए। जबकि अभ्यर्थियों का कहना है कि वह इन्हीं पहचान पत.्र के आधार पर पूर्व में आयोजित इसी दरोगा भर्ती परीक्षा में शामिल हुए थे। उन्हें बाहर नहीं किया गया था।
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निबंध लेखन प्रतियोगिता 21 को
प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। बद्री नारायण सिंह स्नातकोत्तर महाविद्यालय सकरौली मादूपुर में 21 दिसंबर को संसाधन के संरक्षण और विदोहन में मनुष्य की भूमिका विषय पर निबंध लेखन व प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। यह जानकारी प्राचार्य डॉ. तीर्थराज पांडेय ने दी।
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तीन साहित्य विषयों की पढ़ाई एक साथ नहीं
राज्य विवि ने विषय चयन के प्रतिबंध संबंधी जारी किया निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। तीन साहित्य विषयों की पढ़ाई एक साथ नहीं की जा सकेगी। राज्य विश्वविद्यालय इलाहाबाद ने बीए परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को व्यक्तिगत छात्र के रूप में विषय चयन के लिए प्रतिबंध संबंधी निर्देश जारी किया है।
इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. साहबलाल मौर्य द्वारा जारी किए गए निर्देश में बताया गया कि तीन साहित्य विषयों का चयन एक साथ एक साथ नहीं किया जा सकता है। वहीं शिक्षाशास्त्र विषय के साथ दर्शनशास्त्र विषय का भी चयन बीए के अभ्यर्थी नहीं कर सकेंगे। इतिहास व प्राचीन इतिहास भारतीय में एक ही विषय के लिए आवेदन किया जा सकेगा। हिंदी व अंग्रेजी भाषा में से एक ही विषय का चयन अभ्यर्थी कर सकेंगे। बीए परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को व्यक्तिगत छात्र के रूप में विषय चयन के लिए विश्वविद्यालय यह प्रतिबंध जारी किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि तमाम अभ्यर्थी आवेदन करते समय निर्देशों को ध्यान से पढ़ते नहीं है। वह मनमाने ढंग से विषयों का चयन कर आवेदन कर देते हैं। ऐसे में उनके फार्म रिजेक्ट कर दिए जाते हैं। जिससे उन्हें परेशानी होती है और वह बाद में विश्वविद्यालय प्रशासन पर दोष लगाते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने निर्देश दिया है कि अभ्यर्थी अच्छी तरह से विश्वविद्यालय द्वारा जारी किए निर्देश को पढ़ लें। उसके बाद ही आवेदन करें। साथ ही महाविद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि वह कालेज परिसर में निर्देश को चस्पा करें। जानकारी लेने के लिए आने वाले अभ्यर्थियों को निर्देश के बारे मे सही जानकारी दें। जिससे उनका फार्म रिजेक्ट न हो। विश्वविद्यालय के निर्देश मिलने के बाद महाविद्यालयों में व्यक्तिगत परीक्षा आवेदन फार्म भरे संबंधी विश्वविद्यालय के निर्देश को कालेज परिसरों में चस्पा किया जा रहा है। साथ ही छात्र-छात्राओं को जानकारी भी दी जा रही है।
इनसेट-
व्यक्तिगत परीक्षार्थियों को भी देना होगा आब्जेक्टिव पेपर
कुलसचिव डॉ. साहबलाल मौर्य के मुताबिक संस्थागत परीक्षा की तरह 2017-18 के बीए व बीकाम प्रथम और द्वितीय वर्ष के व्यक्तिगत परीक्षार्थियों की भी परीक्षाएं ओएमआर पैटर्न पर कराई जाएगी। सभी विषयों के एक-एक प्रश्नपत्र को आब्जेक्टिव रखा गया है। इन प्रश्नपत्रों के परीक्षा की अवधि दो घंटे होगी।
फोटो-
भक्तों की रक्षा के लिए भगवान ने तोड़ा देवराज इंद्र का अभिमान
श्रीमदभागवत कथा के पांचवें दिन कथा व्यास साधना श्री ने कृष्ण की लीलाओं का किया वर्णन
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। विश्व मंगल परिवार द्वारा गौशाला को समर्पित कथा के पांचवें दिन बुधवार को कथा व्यास साधना श्री बताया कि गोकुलवासियों की रक्षा के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को कनिष्ठिका उंगली पर धारण किया था। कंस ने मायावी तरीके से भगवान को मारने का प्रयास किया, लेकिन भगवान की लीलाओं के आगे उसकी नहीं चल सकी।
कथा का विस्तार से चर्चा करते हुए कथाव्यास ने बताया कि कथा श्रवण का सुअवसर अत्यंत सौभाग्य से मिलता है। जिस पर प्रभू कृपा होती है वहीं कथा पंडाल तक पहुंच पाता है। उन्होंने भगवान कृष्ण के जन्मकथा के बारे में बताया कि कंस का आतंक बढ़ता ही जा रहा था। वह कृष्ण को मारेन के लिए पूतना राक्षसी को भेजता है। जिसके स्तनपान से भगवान उसे परम गति को प्रदान करते हैं। इसी तरह कंस ने ने कृष्ण को मारने के लिए बकासुर, वृत्तासुर, तृणासुर आदि राक्षसों को भेजा था , लेकिन सभी कृष्ण के हाथों मारे गए। इसी तरह जब गोकुलवासियों ने गोवर्धन की पूजा करने लगते हैं। क्रोधित देवराज इंद्र मूसलाधार वर्षा करते है तो भगवान गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठिका उंगली पर उठाकर गोकुलवासियों की संकट से उबारते हैं। इसके बाद कथाव्यास ने कालिया नाग और ब्रहा के अभिमान कऌो भी चूर किए जाने की कथा सुनाई। इस अवसर पर रतन जैन, संजीव आहूजा, शरद केसरवानी, डॉ. पीयूषकांत शर्मा, डॉ. अविनाश चंद्रा, श्रीराम मिश्रा, नीरज खंडेलवाल, अंजनी कसौधन, मुरलीधर केसरवानी, दुर्गेश सिंह, गणेश प्रसाद, दिनेश सिंह, अनुपम पांडेय, राजनारायण सिंह, मीनू खंडेलवाल मौजूद रहे।