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Pilibhit News: परास्नातक में गलत विषय का किया चयन, छात्र सहायता केंद्र में हुआ सुधार
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पीलीभीत। उपाधि कॉलेज के विद्यार्थियों ने परास्नातक में गलत विषय का चयन कर लिया। जानकारी होने पर विद्यार्थियों ने कॉलेज के छात्र सहायता केंद्र में जाकर आवेदन में सुधार करवाया।
छात्र सहायता केंद्र संचालक के अनुसार जब से प्रवेश प्रक्रिया शुरू हुई है। तब से काफी संख्या में ऐसे विद्यार्थी उनके पास पहुंचे हैं, जिन्होंने ऐसे विषय को चुन लिया, जिससे स्नातक में पढ़ाई नहीं की। उन्होंने केंद्र पर आने वाले विद्यार्थियों के आवेदन में सुधार किया। साथ ही विद्यार्थियों को भी इसके प्रति जागरूक किया। उन्हें बताया गया कि अगर वे अंतिम दिन नहीं आते तो प्रवेश लेने में भी परेशानी हो सकती थी।
प्राचार्य प्रो. दुष्यंत कुमार का कहना है कि ऐसे आवेदनों को कॉलेज स्तर से ही रोक दिया जाता है। यह लॉक ही नहीं हो पाते हैं। अगर विद्यार्थियों को प्रवेश संंबंधी कोई परेशानी हो रही है तो रुहेलखंड विश्वविद्यालय में वार्ता की जाएगी।
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गलती से चुन लिया था राजनीति शास्त्र विषय
मरौरी ब्लॉक निवासी एक छात्रा ने हिंदी व समाजशास्त्र विषय से स्नातक की पढ़ाई की है। उसने उपाधि कॉलेज के बाहर के साइबर कैफे से परास्नातक पाठ्यक्रम के लिए आवेदन किया। वहीं जब फॉर्म लेकर वह कॉलेज के छात्र सहायता केंद्र में पहुंची तो पता चला कि साइबर कैफे संचालक ने एमए में राजनीति विज्ञान से आवेदन कर दिया है। परेशान छात्रा के फॉर्म में केंद्र पर सुधार कर जमा किया गया।
केंद्र से कराया ठीक
मझोला निवासी छात्र कॉलेज के सहायता केंद्र में पहुंचा। उसने बताया कि साइबर कैफे की ओर से एमए में गलत तरीके से आवेदन कर दिया गया। जबकि उसने स्नातक की पढ़ाई अंग्रेजी साहित्य से नहीं की है। परेशान विद्यार्थी काफी देर कॉलेज में भटकता रहा। आवेदन की अंतिम तारीख पर केंद्र की ओर से फॉर्म को ठीक कराया गया, जिससे छात्र को प्रवेश मिल सका।
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छात्र सहायता केंद्र संचालक के अनुसार जब से प्रवेश प्रक्रिया शुरू हुई है। तब से काफी संख्या में ऐसे विद्यार्थी उनके पास पहुंचे हैं, जिन्होंने ऐसे विषय को चुन लिया, जिससे स्नातक में पढ़ाई नहीं की। उन्होंने केंद्र पर आने वाले विद्यार्थियों के आवेदन में सुधार किया। साथ ही विद्यार्थियों को भी इसके प्रति जागरूक किया। उन्हें बताया गया कि अगर वे अंतिम दिन नहीं आते तो प्रवेश लेने में भी परेशानी हो सकती थी।
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प्राचार्य प्रो. दुष्यंत कुमार का कहना है कि ऐसे आवेदनों को कॉलेज स्तर से ही रोक दिया जाता है। यह लॉक ही नहीं हो पाते हैं। अगर विद्यार्थियों को प्रवेश संंबंधी कोई परेशानी हो रही है तो रुहेलखंड विश्वविद्यालय में वार्ता की जाएगी।
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गलती से चुन लिया था राजनीति शास्त्र विषय
मरौरी ब्लॉक निवासी एक छात्रा ने हिंदी व समाजशास्त्र विषय से स्नातक की पढ़ाई की है। उसने उपाधि कॉलेज के बाहर के साइबर कैफे से परास्नातक पाठ्यक्रम के लिए आवेदन किया। वहीं जब फॉर्म लेकर वह कॉलेज के छात्र सहायता केंद्र में पहुंची तो पता चला कि साइबर कैफे संचालक ने एमए में राजनीति विज्ञान से आवेदन कर दिया है। परेशान छात्रा के फॉर्म में केंद्र पर सुधार कर जमा किया गया।
केंद्र से कराया ठीक
मझोला निवासी छात्र कॉलेज के सहायता केंद्र में पहुंचा। उसने बताया कि साइबर कैफे की ओर से एमए में गलत तरीके से आवेदन कर दिया गया। जबकि उसने स्नातक की पढ़ाई अंग्रेजी साहित्य से नहीं की है। परेशान विद्यार्थी काफी देर कॉलेज में भटकता रहा। आवेदन की अंतिम तारीख पर केंद्र की ओर से फॉर्म को ठीक कराया गया, जिससे छात्र को प्रवेश मिल सका।