80 हजार हुए खर्च: अयोध्या जाएगी विश्व की सबसे लंबी बांसुरी, मुस्लिम कारीगरों ने की तैयार; बजेंगे सातों सुर
मुस्लिम परिवार की तरफ से बनाई गई बांसुरी कुछ अलग ही है। अरमान बताते हैं कि बांसुरी बनाना उनका खानदानी काम है। असम के जिस बांस से यह बांसुरी बनाई गई है वह करीब 20 साल पहले से रखा था। इस बांस को किसी विशेष प्रयोजन के लिए रखा था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
श्री रामलला प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में अपने-अपने जिले की प्रसिद्ध वस्तुओं को अयोध्या भेजा जा रहा है। इसी क्रम में पीलीभीत से 21.6 फीट लंबी बांसुरी को अयोध्या भेजा जाएगा। बांसुरी को वहां के संग्राहलय में रखा जाएगा। इस बांसुरी को शहर के मशहूर कारीगर मरहूम नवाब अहमद की पत्नी हिना परवीन और उनके पुत्र अरमान नबी व उनके चाचा शमशाद ने साथियों के साथ तैयार किया है।
हिना परवीन ने बताया कि यह बांस कई वर्षों से किसी ऐतिहासिक क्षण के लिए रखा था, अयोध्या धाम में प्रभु रामलला प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव होने जा रहा है। इसके बाद 10 दिनों में भव्य बांसुरी को संगठन को सौंप दिया। शुक्रवार के कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ब्रज प्रांत के प्रांत प्रचारक हरीश रौतेला ने इस बांसुरी का पूजन किया। 26 जनवरी को यह बांसुरी अयोध्या धाम भेजी जाएगी। जहां इसे संग्राहलय में रखी जाएगी। इस मौके पर विभाग संघचालक ओमप्रकाश गंगवार, प्रांत घोष प्रमुख ललित कुमार, विभाग प्रचारक धर्मेंद्र भारत, विभाग कार्यवाह मिथलेश कुमार, सह विभाग कार्यवाह भद्रपाल गंगवार के अलावा पूर्व सांसद बलराज पासी, जिला अध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह, बरखेड़ा विधायक स्वामी प्रवक्तानंद, पूरनपुर विधायक बाबू राम पासवान, बीसलपुर विधायक विवेक वर्मा, पूर्व विधायक किशन लाल राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष पति गुरुभाग सिंह,नगर पालिका अध्यक्ष आस्था अग्रवाल, ब्लॉक प्रमुख अमरिया निशांत सिंह,ब्लॉक प्रमुख सभ्यता वर्मा, स्वतंत्र देवल तमाम लोग मौजूद रहे।
विश्व की सबसे लंबी बांसुरी
पीलीभीत के लाल रोड निवासी अरमान ने बताया कि 2021 में उन्होंने 16 फीट की बांसुरी बनाई थी। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड में रिकॉर्ड दर्ज है। यह सबसे लंबी बांसुरी थी। अब यह 21.6 फीट की बांसुरी बनाई है जो विश्व की सबसे लंबी बांसुरी होगी।
अयोध्या में गूंजेगी हिना बी व अरमान की बांसुरी
मुस्लिम परिवार की तरफ से बनाई गई बांसुरी कुछ अलग ही है। अरमान बताते हैं कि बांसुरी बनाना उनका खानदानी काम है। असम के जिस बांस से यह बांसुरी बनाई गई है वह करीब 20 साल पहले से रखा था। इस बांस को किसी विशेष प्रयोजन के लिए रखा था। 2021 में जब सबसे लंबी बांसुरी बनाई तब इसका प्रयोग करने जा रहे थे लेकिन दूसरा बांस मिल गया तो उससे बना दी। सोचा भी नहीं था कि भगवान राम की नगरी के लिए इस बांस का प्रयोग होगा।
बांस की खासियत यह है कि इसका व्यास यानी गोलाई 3.5 इंच है। इतनी गोलाई के बांस अब नहीं आते। बांसुरी बनाने में 10 दिन लग गए। बांसुरी की खासियत यह है कि दोनों तरफ से यह बज सकती है। दोनों तरफ से सातों सुर इसमें डाले गए हैं। बनाने में करीब 70-80 हजार रुपये का खर्च आया। हैंड वर्क किया गया है। सोशल मीडिया पर हिना व उनके बेटे अरमान द्वार तैयार की गई बांसुरी काफी तेजी से वायरल हो रही है। इस बांसुरी को ट्रक से अयोध्या भेजा जाएगा।