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Pilibhit News: रक्षाबंधन पर आत्मनिर्भरता की डोर तैयार कर रहीं समूह की महिलाएं
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पीलीभीत। रक्षाबंधन का पर्व नजदीक आते ही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत जिले की करीब 80 महिलाएं विभिन्न डिजाइन की आकर्षक राखियां तैयार कर रही हैं। इन राखियों की बिक्री से महिलाओं की आय बढ़ेगी और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी कड़ी में महिलाओं को राखी बनाने का प्रशिक्षण भी दिया गया है। महिलाएं मोती, रंगीन धागे, कुंदन, मिरर और अन्य सजावटी सामग्री से पारंपरिक और आधुनिक डिजाइन की राखियां तैयार कर रही हैं। बाजार में स्थानीय स्तर पर तैयार इन राखियों की अच्छी मांग रहने की उम्मीद है।
महिलाओं का कहना है कि त्योहारों के समय ऐसे कार्यों से अतिरिक्त आय का अवसर मिलता है। समूह के माध्यम से उन्हें न केवल रोजगार मिल रहा है, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है। मिशन का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की उपायुक्त वंदना ने बताया कि महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। संवाद
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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी कड़ी में महिलाओं को राखी बनाने का प्रशिक्षण भी दिया गया है। महिलाएं मोती, रंगीन धागे, कुंदन, मिरर और अन्य सजावटी सामग्री से पारंपरिक और आधुनिक डिजाइन की राखियां तैयार कर रही हैं। बाजार में स्थानीय स्तर पर तैयार इन राखियों की अच्छी मांग रहने की उम्मीद है।
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महिलाओं का कहना है कि त्योहारों के समय ऐसे कार्यों से अतिरिक्त आय का अवसर मिलता है। समूह के माध्यम से उन्हें न केवल रोजगार मिल रहा है, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है। मिशन का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की उपायुक्त वंदना ने बताया कि महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। संवाद
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