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Pilibhit News: हाथ के फ्रैक्चर के ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत, हंगामे के बाद दो चिकित्सकों पर रिपोर्ट
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पोस्टमार्टम हाउस पर परिजनों से बातचीत करते सिटी मजिस्ट्रेट व सीओ सिटी। संवाद
पीलीभीत। शहर के गांधी स्टेडियम रोड स्थित धनवंतरी अस्पताल में हाथ के फ्रैक्चर का ऑपरेशन कराने आई 53 वर्षीय महिला की मौत हो गई। मंगलवार शाम कार्रवाई न होने पर परिजन पोस्टमाॅर्टम हाउस से शव उठाने से इन्कार करते हुए हंगामा किया। इसके बाद आरोपी दोनों चिकित्सकों पर कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। इसके बाद ही परिजन शव घर ले गए। इधर, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में महिला की मौत का कारण हार्ट अटैक आया है।
शहर के छतरी चौराह के निकट स्थित महाराजा रंजीत सिंह कॉलोनी निवासी अनुराग अवस्थी ने कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उनकी मां पदमा अवस्थी उर्फ पूनम अवस्थी का एक हाथ फ्रैक्चर हो गया। इस पर वह उन्हें दिखाने के लिए शहर के गांधी स्टेडियम रोड स्थित धनवंतरी अस्पताल ले आए, जहां हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अक्षत पांडेय और डॉ. उपेंद्र नाथ मिश्रा ने उन्हें देखा और ऑपरेशन कराने की सलाह देकर सोमवार की तिथि निर्धारित कर बुलाया।
सोमवार को जब वह अपनी मां को लेकर अस्पताल पहुंचे तो चिकित्सकों ने जांचें कराईं। सभी जांचें सही होने और ऑपरेशन के लिए मरीज पूरी तरह फिट होने का आश्वासन भी दिया। अनुराग ने बताया कि रात करीब 10.30 बजे दोनों चिकित्सक मां को स्वस्थ हालत में अस्पताल के ओटी में ले गए। अचानक दो घंटे बाद चिकित्सक ने ओटी में बुलाकर बताया कि मरीज की हालत गंभीर है। आरोप है कि इसके बाद वह लोग ओटी के बाहर इंतजार करते रहे। सुबह तड़के करीब तीन बजे दोनों चिकित्सकों ने मरीज की मौत होने की जानकारी परिजनों को दी। परिजन ने डॉ. अक्षत पांडेय और डॉ. उपेंद्र नाथ मिश्र पर इलाज में लापरवाही और सही जांचें न करने का आरोप लगाया। सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमाॅर्टम के लिए भेजा। पुत्र ने दो चिकित्सकों को नामजद करते हुए पुलिस को तहरीर दी। संवाद
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हंगामे की सूचना पर पहुंची दो थानों की फोर्स
मंगलवार शाम पोस्टमार्टम के बाद परिजन रिपोर्ट दर्ज न होने पर फिर भड़क गए। उन्होंने आरोपी चिकित्सकों पर कार्रवाई न होने तक शव को ले जाने से इन्कार कर दिया। हंगामे की सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट प्यारे लाल मौर्य और सीओ सिटी अमरनाथ वर्मा पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। परिजन को निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन परिजन रिपोर्ट दर्ज न होने तक शव ले जाने पर अड़े रहे। इसके बाद अधिकारियों के निर्देश पर रिपोर्ट दर्ज की गई।
डॉक्टर ने मौत की वजह हार्टअटैक बताई
आरोपों में घिरे हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अक्षत पांडेय का कहना है कि मरीज के हाथ में इम्प्लांट डालकर उसका सफल ऑपरेशन किया गया। उसके बाद जब उनको वार्ड में शिफ्ट किया गया, तब उनको हार्टअटैक पड़ा। हॉस्पिटल के ही हृदय रोग विशेषज्ञ की सहायता से पहले हार्टअटैक को नियंत्रण भी किया गया, लेकिन कुछ देर में स्थिति काफी तेजी से बिगड़ने लगी। हायर सेंटर रेफर करने का भी समय नहीं मिल पाया, जिससे मरीज की मौत हो गई।
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परिजन का आरोप, मेडिकल कॉलेज से निजी अस्पताल भेजे जा रहे मरीज
पीड़ित परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्होंने मृतका को पहले मेडिकल कॉलेज दिखाया था, लेकिन वहां हड्डी विभाग से जुड़े कर्मियों ने चिकित्सक के नियमित उपलब्ध न होने का हवाला देकर निजी अस्पताल जाने की सलाह दी। इसके बाद ही वह लोग मजबूर होकर गांधी स्टेडियम रोड स्थित निजी अस्पताल पहुंचे। परिजन का कहना था कि जिस अस्पताल में मौत हुई है। वह चिकित्सक भी मेडिकल कॉलेज में हड्डी विभाग में सेवाएं दे रहे हैं। वर्तमान में विभाग के प्रमुख हैं।
गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज में पूर्व में ही मरीजों को निजी अस्पताल रेफर करने के आरोप लग चुके हैं। लोगों का कहना है कि अनुबंध पर कई चिकित्सक मेडिकल कॉलेज में सेवाएं दे रहे हैं। वहां मरीजों को परामर्श देने की औपचारिकताएं निभाई जाती हैं, जबकि बेहतर इलाज का आश्वासन देने मरीजों को निजी अस्पताल की ओर जाने पर मजबूर किया जाता है।
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अस्पताल में उपचार के दौरान महिला की मौत हुई है। परिजनों की ओर से चिकित्सकों पर आरोप लगाते हुए तहरीर दी गई। इस पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। जांच और पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई पूरी कराई जाएगी।
- अमरनाथ वर्मा, सीओ सिटी
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शहर के छतरी चौराह के निकट स्थित महाराजा रंजीत सिंह कॉलोनी निवासी अनुराग अवस्थी ने कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उनकी मां पदमा अवस्थी उर्फ पूनम अवस्थी का एक हाथ फ्रैक्चर हो गया। इस पर वह उन्हें दिखाने के लिए शहर के गांधी स्टेडियम रोड स्थित धनवंतरी अस्पताल ले आए, जहां हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अक्षत पांडेय और डॉ. उपेंद्र नाथ मिश्रा ने उन्हें देखा और ऑपरेशन कराने की सलाह देकर सोमवार की तिथि निर्धारित कर बुलाया।
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सोमवार को जब वह अपनी मां को लेकर अस्पताल पहुंचे तो चिकित्सकों ने जांचें कराईं। सभी जांचें सही होने और ऑपरेशन के लिए मरीज पूरी तरह फिट होने का आश्वासन भी दिया। अनुराग ने बताया कि रात करीब 10.30 बजे दोनों चिकित्सक मां को स्वस्थ हालत में अस्पताल के ओटी में ले गए। अचानक दो घंटे बाद चिकित्सक ने ओटी में बुलाकर बताया कि मरीज की हालत गंभीर है। आरोप है कि इसके बाद वह लोग ओटी के बाहर इंतजार करते रहे। सुबह तड़के करीब तीन बजे दोनों चिकित्सकों ने मरीज की मौत होने की जानकारी परिजनों को दी। परिजन ने डॉ. अक्षत पांडेय और डॉ. उपेंद्र नाथ मिश्र पर इलाज में लापरवाही और सही जांचें न करने का आरोप लगाया। सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमाॅर्टम के लिए भेजा। पुत्र ने दो चिकित्सकों को नामजद करते हुए पुलिस को तहरीर दी। संवाद
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हंगामे की सूचना पर पहुंची दो थानों की फोर्स
मंगलवार शाम पोस्टमार्टम के बाद परिजन रिपोर्ट दर्ज न होने पर फिर भड़क गए। उन्होंने आरोपी चिकित्सकों पर कार्रवाई न होने तक शव को ले जाने से इन्कार कर दिया। हंगामे की सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट प्यारे लाल मौर्य और सीओ सिटी अमरनाथ वर्मा पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। परिजन को निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन परिजन रिपोर्ट दर्ज न होने तक शव ले जाने पर अड़े रहे। इसके बाद अधिकारियों के निर्देश पर रिपोर्ट दर्ज की गई।
डॉक्टर ने मौत की वजह हार्टअटैक बताई
आरोपों में घिरे हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अक्षत पांडेय का कहना है कि मरीज के हाथ में इम्प्लांट डालकर उसका सफल ऑपरेशन किया गया। उसके बाद जब उनको वार्ड में शिफ्ट किया गया, तब उनको हार्टअटैक पड़ा। हॉस्पिटल के ही हृदय रोग विशेषज्ञ की सहायता से पहले हार्टअटैक को नियंत्रण भी किया गया, लेकिन कुछ देर में स्थिति काफी तेजी से बिगड़ने लगी। हायर सेंटर रेफर करने का भी समय नहीं मिल पाया, जिससे मरीज की मौत हो गई।
परिजन का आरोप, मेडिकल कॉलेज से निजी अस्पताल भेजे जा रहे मरीज
पीड़ित परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्होंने मृतका को पहले मेडिकल कॉलेज दिखाया था, लेकिन वहां हड्डी विभाग से जुड़े कर्मियों ने चिकित्सक के नियमित उपलब्ध न होने का हवाला देकर निजी अस्पताल जाने की सलाह दी। इसके बाद ही वह लोग मजबूर होकर गांधी स्टेडियम रोड स्थित निजी अस्पताल पहुंचे। परिजन का कहना था कि जिस अस्पताल में मौत हुई है। वह चिकित्सक भी मेडिकल कॉलेज में हड्डी विभाग में सेवाएं दे रहे हैं। वर्तमान में विभाग के प्रमुख हैं।
गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज में पूर्व में ही मरीजों को निजी अस्पताल रेफर करने के आरोप लग चुके हैं। लोगों का कहना है कि अनुबंध पर कई चिकित्सक मेडिकल कॉलेज में सेवाएं दे रहे हैं। वहां मरीजों को परामर्श देने की औपचारिकताएं निभाई जाती हैं, जबकि बेहतर इलाज का आश्वासन देने मरीजों को निजी अस्पताल की ओर जाने पर मजबूर किया जाता है।
अस्पताल में उपचार के दौरान महिला की मौत हुई है। परिजनों की ओर से चिकित्सकों पर आरोप लगाते हुए तहरीर दी गई। इस पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। जांच और पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई पूरी कराई जाएगी।
- अमरनाथ वर्मा, सीओ सिटी