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शौचालय की छत पर रात भर दहाड़ता रहा तेंदुआ, कमरे में बंद होकर जान बचाई
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अमरिया। शुक्रवार की रात एक तेंदुआ सूरजपुर गौंटिया निवासी मंगल सिंह के घर में घुसकर शौचालय की छत पर बैठ कर पूरी रात दहाड़ता रहा। तेंदुए की दहाड़ सुनकर परिवार के लोग कमरे के अंदर छुपकर बैठे रहे। घटना की सूचना वन विभाग को दी गई। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे वन कर्मीयों ने पगचिह्न ट्रेस किए।
गांव सूरजपुर निवासी मंगल सिंह की पत्नी विन्दर कौर ने बताया कि उनके पति मंगल सिंह पड़ोस के गांव रसूला में एक फार्म हाउस पर रहकर मजदूरी करते हैं। घर में बह छोटे छोटे बच्चों व सास मंजीत कौर के साथ अकेले रहती हैं। सूरजपुर के आबादी क्षेत्र में 6 माह से एक तेंदुआ चहलकदमी कर रहा है। पिछले आठ दिनों से उनके घर के आस पास दो तेंदुए दिखाई दे रहे हैं। दो दिन पूर्व उनके एक कुत्ते को भी निवाला बना चुके हैं। शुक्रवार की रात करीब एक बजे एक तेंदुआ उनके घर में पहुंचकर शौचालय की छत पर चढ़कर दहाडने लगा। तेंदुए के दहाड़ने की आवाज सुनकर मंजीत कौर ने घर के आंगन में टार्च से देखा तो शौचालय की छत पर तेंदुआ बैठा था। तेंदुए के डर से परिवार के सभी लोग कमरे में छिपकर बैठे रहे। सुबह चार बजे तेंदुआ छत से उतर कर जंगल की ओर चला गया। सूचना पर पहुंचे टाइगर ट्रेकर चेतन कुमार व राजीव ढाली हर बार की तरह पगचिह्न ट्रेस कर वापस चले गए। शाम तक कोई वन अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। विन्दर कौर ने बताया कि शाम के 6 बजते ही प्रति दिन तेंदुए घरों के पास चहलकदमी करने लगते है। वन विभाग के अधिकारियों को सूचना देने के बाद भी अभी तक वन कर्मियों की ओर से तेंदुओं को पकड़कर जंगल में छोड़ने का कोई उपाय नहीं किया गया है। वन विभाग के अधिकारी किसी बड़ी घटना का इंतेजार कर रहे हैं।
तेंदुओं को पकड़कर जंगल में छोड़ने के लिए अधिकारियों से अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलते ही तेंदुओं को पिंजरों में कैद कर जंगल में छोड़ने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। -- डिप्टी रेंजर देवेंद्र पाल सिंह
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गांव सूरजपुर निवासी मंगल सिंह की पत्नी विन्दर कौर ने बताया कि उनके पति मंगल सिंह पड़ोस के गांव रसूला में एक फार्म हाउस पर रहकर मजदूरी करते हैं। घर में बह छोटे छोटे बच्चों व सास मंजीत कौर के साथ अकेले रहती हैं। सूरजपुर के आबादी क्षेत्र में 6 माह से एक तेंदुआ चहलकदमी कर रहा है। पिछले आठ दिनों से उनके घर के आस पास दो तेंदुए दिखाई दे रहे हैं। दो दिन पूर्व उनके एक कुत्ते को भी निवाला बना चुके हैं। शुक्रवार की रात करीब एक बजे एक तेंदुआ उनके घर में पहुंचकर शौचालय की छत पर चढ़कर दहाडने लगा। तेंदुए के दहाड़ने की आवाज सुनकर मंजीत कौर ने घर के आंगन में टार्च से देखा तो शौचालय की छत पर तेंदुआ बैठा था। तेंदुए के डर से परिवार के सभी लोग कमरे में छिपकर बैठे रहे। सुबह चार बजे तेंदुआ छत से उतर कर जंगल की ओर चला गया। सूचना पर पहुंचे टाइगर ट्रेकर चेतन कुमार व राजीव ढाली हर बार की तरह पगचिह्न ट्रेस कर वापस चले गए। शाम तक कोई वन अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। विन्दर कौर ने बताया कि शाम के 6 बजते ही प्रति दिन तेंदुए घरों के पास चहलकदमी करने लगते है। वन विभाग के अधिकारियों को सूचना देने के बाद भी अभी तक वन कर्मियों की ओर से तेंदुओं को पकड़कर जंगल में छोड़ने का कोई उपाय नहीं किया गया है। वन विभाग के अधिकारी किसी बड़ी घटना का इंतेजार कर रहे हैं।
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तेंदुओं को पकड़कर जंगल में छोड़ने के लिए अधिकारियों से अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलते ही तेंदुओं को पिंजरों में कैद कर जंगल में छोड़ने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। -- डिप्टी रेंजर देवेंद्र पाल सिंह
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