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Pilibhit News: प्रवाह क्या रुका... राजस्व अभिलेखों से ही गायब हो गई सदानीरा गोमती

Sat, 26 Aug 2023 12:06 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Sat, 26 Aug 2023 12:06 AM IST
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What stopped the flow, Sadanira Gomti disappeared from the revenue records
गोमती उदम स्थल का ताल ।संवाद
कलीनगर। लखनऊ की शान कही जाने वाली गोमती नदी अपने घर में ही अस्तित्व बचाने के लिए जद्दोजहद कर रही है। राजस्व विभाग के अभिलेखों पर यकीन करें तो उद्गम स्थल के पास के ही सात गांवों के रिकॉर्ड में गोमती नदी के नाम से जमीन ही दर्ज नहीं है। यही नहीं नदी के प्रवाह का भी कोई विवरण दर्ज नहीं है।
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माधोटांडा क्षेत्र के फुलहर से निकलकर, शाहजहांपुर जिले के बंडा स्थित अति प्राचीन मंदिर सुनासिर नाथ और नैैमिषारण्य तीर्थ के नजदीक से बहती हुई लखनऊ तक पहुंचती है। जिले में गोमती नदी 35 ग्राम पंचायतों की सीमा से होकर गुजरती है। इसके बाद शाहजहांपुर की सीमा में प्रवेश करती है। नदी की अविरल धारा बहाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। नदी की जमीन से अतिक्रमण हटाने की कवायद भी चल रही है।
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इन तमाम कोशिशों और करोड़ों रुपये फूंकने के बावजूद गोमती में अविरल धारा सिर्फ बारिश के दौरान ही दिखाई देती है। गोमती की अधिकांश जमीन पर लोगों ने कब्जा कर लिया है। अभी दो दिन पहले जब ट्रस्ट के लोगों की बैठक हुई तो उसमें अतिक्रमण हटाने पर चर्चा की गई थी। कई प्रस्ताव भी पास किए गए थे। बैठक के बाद जब प्रस्तावों को अमलीजामा पहनाने का मौका आया तो राजस्व विभाग की रिपोर्ट ने सभी को चौका दिया।
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रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया है कि गांव फुलहर, नवदिया टोडरपुर, नवदिया धनेष, देवीपुर, चन्दुइया और शाहबाजपुर के राजस्व रिकॉर्ड (खतौनी) में गोमती का नाम ही दर्ज नहीं है। यही नहीं नदी के प्रवाह का भी कोई रिकॉर्ड नहीं है। अब एसडीएम ने तहसीलदार को राजस्व अभिलेखों की पड़ताल करने की जिम्मेदारी सौंपी है। कहा है कि वह इसमें वैधानिक कार्रवाई करें।
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नदी की जमीन पर अवैध कब्जे का भी चल रहा मामला
गोमती नदी की जमीन राजस्व रिकॉर्ड से गायब होना बड़ा मामला है। इससे लग रहा है कि अवैध कब्जा होने की शिकायतों के बाद कोई ध्यान नहीं दिया गया। कैसे नदी की जमीन और नक्शा गायब हो गए, किसकी जिम्मेदारी है, इन सब मामलों को लेकर कहीं न कहीं सिस्टम की भूमिका संदिग्ध हो गई है। बताया जाता है कि नदी की जमीन पर कब्जा करने वालों ने उसकी बिक्री भी कर दी है।

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कलीनगर तहसील क्षेत्र के गांवों में नदी के नाम जमीन दर्ज नहीं है। पूरनपुर तहसील क्षेत्र के रिकॉर्ड में भी ऐसे गांव हो सकते हैं। इसकी पूरी पड़ताल कराई जा रही है। रिपोर्ट जिलाधिकारी को देकर चकबंदी विभाग से जांच कराकर कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। - आशुतोष गुप्ता, एसडीएम
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