UP News: पीलीभीत टाइगर रिजर्व में वीकेंड पर जंगल सफारी महंगी, सैलानियों को अब देना होगा अधिक शुल्क
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में जंगल की सैर करना अब महंगा हो गया है। सैलानियों और सफारी वाहनों के प्रवेश शुल्क में बढ़ोतरी की गई। अब वीकडेज और वीकेंड पर अलग-अलग शुल्क लिया जाएगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना की अध्यक्षता में शनिवार शाम पीलीभीत-माधोटांडा रोड स्थित एक रिजॉर्ट में पीलीभीत टाइगर कंजर्वेशन फाउंडेशन के शासी निकाय की दूसरी बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव वन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, विभागाध्यक्ष, फील्ड डायरेक्टर सहित नामित कार्यकारिणी सदस्य मौजूद रहे। बैठक में पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पर्यटन को बढ़ावा देने और ईको टूरिज्म को सुदृढ़ करने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए सैलानियों और सफारी वाहनों के प्रवेश शुल्क में बढ़ोतरी की गई। अब वीकडेज और वीकेंड पर अलग-अलग शुल्क लिया जाएगा। सैलानियों को पहले महोफ एक नंबर से बुकिंग करने में 2500 जिप्सी व 100 रुपये प्रति सैलानी की दर से रुपये जमा करने पड़ते थे। अब यह रेट सोमवार से शुक्रवार तक 2500 रुपये और प्रति व्यक्ति 100 से बढ़कर 120 कर दिया गया है। जबकि शनिवार और रविवार को यह रेट वाहन खर्च के अलावा 150 रुपये प्रति सैलानी के हिसाब से जमा करना होगा।
इसी तरह मुस्तफाबाद के बुकिंग काउटंर से पहले जिप्सी वाहन के 2000 रुपये और प्रति सैलानी 100 रुपये जमा करने पड़ते थे। अब सोमवार से शुक्रवार तक प्रति सैलानी का खर्च 100 से बढ़कर 120 कर दिया गया है। जबकि शनिवार और रविवार को यह रेट प्रति व्यक्ति 150 रुपये जमा करना होगा। दोनों जगाहों पर जिप्सी और बड़े जीनान वाहन के रेट में पांच सौ रुपये का अंतर है।
सुबह की पाली में आधे घंटे की बढ़ोतरी
निर्णय लिया गया कि अब जंगल सफारी के समय में भी आधे घंटे की बढ़ोतरी की जाएगी। सुबह की पाली में जहां पहले तीन घंटे का समय मिलता था, वहीं अब सैलानी साढ़े तीन घंटे तक जंगल सफारी का आनंद ले सकेंगे। शाम की पाली पूर्ववत तीन घंटे की ही रहेगी। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रस्तावित बजट पर भी चर्चा की गई जिसमें बाघ संरक्षण, ईको विकास, अनुसंधान और ईको टूरिज्म से जुड़े कार्यों पर व्यय का प्रस्ताव रखा।
साथ ही पीलीभीत टाइगर रिजर्व की एकीकृत ऑनलाइन बुकिंग प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी सहमति बनी। इस अवसर पर इको-टूरिज्म पर आधारित एक फीचर फिल्म का भी विमोचन किया। वन मंत्री ने कहा कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व न केवल बाघों के संरक्षण का महत्वपूर्ण क्षेत्र है, बल्कि यह पर्यावरण संतुलन और स्थानीय आजीविका का भी मजबूत आधार है। उन्होंने रिजर्व में बढ़ते पर्यटन और संरक्षण के प्रयासों की सराहना की।
दूसरे दिन पीटीआर में रौनक लोगों को हुए बाघ के दीदार
पीटीआर के नए पर्यटन सत्र के दूसरे दिन रविवार को भी सैलानियों की आमद से चूका बीच गुलजार रहा। सर्वाधिक रौनक मुस्तफाबाद स्थित बुकिंग पर देखी गई। जंगल सफारी के दौरान सैलानियों को बाघ के दीदार भी हुए। महोफ रेंज में स्थित पीटीआर का प्रमुख पर्यटन स्थल चूका बीच सैलानियों को काफी पसंद आता है। नए सत्र का शुभारंभ इस बार एक नवंबर किया गया। शनिवार को वन मंत्री अरुण कुमार सक्सेना ने बराही के नए पर्यटन गेट से सत्र का शुभारंभ किया था।
रविवार को छुट्टी के दिन सैलानी बेहतर संख्या में पीटीआर घूमने पहुंचे। बनकटी के महोफ गेट नंबर एक के अलावा मुस्तफाबाद और बराही स्थित बुकिंग काउंटर पर भी सैलानियों की आमद हुई। बुकिंग कराने के बाद कुछ अपने दोस्तों तो कुछ अपने परिवार के साथ जंगल भ्रमण के लिए रवाना हुए। हालांकि तीनों बुकिंग स्थलों में से मुस्तफाबाद पर सैलानियों की अधिक भीड़ देखी गई। दोपहर बाद की जंगल सफारी से सैलानी अधिक घूमे। बाघ भी देखने को मिला। रेंजर सहेंद्र यादव ने बताया कि सैलानियों की सुविधा के साथ ही जंगल के नियमों का पालन कराने पर जोर दिया जा रहा है। सैलानियों की आमद जारी है।
होम स्टे संचालकों के भी खिले चेहरे
चूका बीच गुलजार होने लगा है और हटों की एडवांस बुकिंग होने लगी। जंगल से सटे इलाकों में बने होम स्टे संचालकों के चेहरे भी खिल गए। सैलानियों ने होम स्टे में भी बुकिंग करानी शुरू कर दी है। मुस्तफाबाद के आसपास करीब छह होम स्टे हैं। बराही गेट के पास भी एक होम स्टे है। हरदोई ब्रांच नहर पर कलीनगर से शाहगढ़ के बीच भी दो होम स्टे बने हैं।