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तेज हवा के साथ बारिश, किसानों की बढ़ी चिंता

Fri, 16 Sep 2022 12:55 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 16 Sep 2022 12:55 AM IST
सार

बुधवार रात से एकाएक बदला मौसम का मिजाज किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गया।मौसम विशेषज्ञ ने संभावना जताई है कि अगले तीन दिन तेज बारिश हो सकती है।अगर ज्यादा बारिश हुई तो फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।दरअसल किसानों ने पिछले साल बारिश से काफी नुकसान झेला था।

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विस्तार

पीलीभीत। बुधवार रात से एकाएक बदला मौसम का मिजाज किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गया। तेज हवा के साथ हुई रिमझिम बारिश से जिले में कुछ जगहों पर धान और गन्ने की फसल गिर गई। मौसम विशेषज्ञ ने संभावना जताई है कि अगले तीन दिन तेज बारिश हो सकती है। अगर ज्यादा बारिश हुई तो फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।
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दरअसल किसानों ने पिछले साल बारिश से काफी नुकसान झेला था। अक्तूबर में धान की कटाई से ठीक पहले काफी बारिश हो गई थी। तराई क्षेत्र में बाढ़ आ गई थी। तब सैकड़ों एकड़ धान की फसल पानी में डूब गई थी। किसान फसल तक नहीं काट सके। अब फिर धान कटाई करीब है और मौसम अपना रुख बदलने लगा है। अभी तक किसान कम बारिश से परेशान थे और अब बारिश होने से फसलें खराब होने का खतरा मंडराने लगा है। बुधवार रात से शुरू हुई बारिश बृहस्पतिवार शाम तक रुक-रुक कर होती रही। पूरनपुर, कलीनगर, मझोला आदि क्षेत्रों में तेज हवा के साथ बरसात के कारण किसानों की धान और गन्ने की फसल बिछ गईं। अब किसानों को चिंता सता रही है कि अगर ऐसे ही बारिश होती रही तो इस बार भी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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पिछले साल सितंबर और अक्तूबर में 60 एमएम से ज्यादा हुई थी बारिश
मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएस ढाका ने बताया कि पिछले साल सितंबर में 55-60 एमएम के बीच बारिश हुई थी। अक्तूबर में भी इतनी बारिश हुई। अक्तूबर शुरू में ज्यादा बारिश हुई, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा था। उन्होंने बताया कि अगले तीन दिन तेज बारिश होने की संभावना है। अगर ज्यादा बारिश होती है तो धान और गन्ने की फसल पर सीधा असर पड़ेेगा। धान की बालियां निकल आई हैं। अक्तूबर में धान की कटाई शुरू हो जाती है। अगर ऐसे में तेज हवाओं के साथ बारिश होती है तो फसल गिर सकती है और उत्पादन प्रभावित हो सकता है। पिछले साल आखिर में बारिश होने से फसलें खराब हुईं थी।
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1.35 लाख हेक्टेयर धान और एक लाख हेक्टेयर पर है गन्ने की फसल
जिले में धान का रकबा 1.35 लाख हेक्टेयर है। इसके अलावा गन्ने की फसल का रकबा 1.09 लाख है। कम बारिश होने से किसान पहले बरसात होने की दुआ कर रहा था और अब जब फसल तैयार हो गई है तो बारिश ही आफत बन गई है। अब उसे बारिश होने पर फसल खराब होने की चिंता सता रही है।
मौसम हुआ सुहाना, गर्मी से मिली राहत
पिछले दो दिनों से गर्मी और उसम से राहत मिली है। दिन में बादल छाये रहे और हवाएं चलीं। तापमान में भी गिरावट हुई। गुरुवार को अधिकतम तापमान 26 और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री रिकॉर्ड किया गया जबकि एक दिन पहले अधिकतम तापमान 34 और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहा था।
किसानों की बातचीत
तेज हवा और बारिश से धान और गन्ने की फसल बिछने लगी है। अभी ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। अगर और बारिश होती है तो दिक्कतें बढ़ सकती हैं। पिछले साल आखिर में ज्यादा बारिश होने से तीन एकड़ धान खराब हो गया था। -मुबारक हुसैन, किसान ग्राम गोरा पूरनपुर

क्षेत्र में तेज हवा के साथ बारिश हुई है। अभी तो नुकसान नहीं हुआ, लेकिन ज्यादा बारिश हुई तो पिछले साल की तरह नुकसान हो सकता है। तेज हवा से गन्ना भी गिरने का खतरा बढ़ गया है।
- गुरजीत सिंह, किसान बसंतपुर नौनेर कलीनगर
‘अभी इतनी बारिश नहीं हुई कि फसल को नुकसान पहुंचे। अगर इस समय ज्यादा बारिश हो जाती है तो फसलों को नुकसान हो सकता है।’
- विनोद कुमार यादव, जिला कृषि अधिकारी
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