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हमारे प्रधान जी : मुड़िया हुलास में बनेगा खेल मैदान, निखरेंगी प्रतिभाएं
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बरखेड़ा (पीलीभीत)। हर साल होने वाले शतचंडी महायज्ञ से ग्राम पंचायत मुड़िया हुलास की अलग पहचान बन गई है। यहां के धार्मिक स्थल पर ग्रामीणों ने मिलकर शतचंडी महायज्ञ वर्ष 1994 में नीमसार के यज्ञाध्यक्ष सुनील अवस्थी से कराया था। तब से हर साल वही यज्ञ करने आते हैं। मान्यता है कि यज्ञ के दौरान मांगी गई मनौतियां पूरी हो जाती हैं। यज्ञ में आसपास के तमाम गांवों के हजारों लोग शामिल होते रहे हैं। इस बार ग्रामीणों ने 27 साल की सीमा पाठक को अपना प्रधान चुना है। अब युवाओं को गांव में खेल मैदान बनने की उम्मीद है, जिससे प्रतिभाएं निखर सकेंगी।
बरखेड़ा ब्लॉक के मुड़िया हुलास गांव की आबादी पांच हजार के करीब है, जिनमें मतदाता 1200 हैं। यहां के 80 प्रतिशत लोग साक्षर हैं। नवनिर्वाचित प्रधान सीमा पाठक इससे पहले 2015 में बीडीसी सदस्य चुनी गई थीं। वह मेमोरियल एकेडमी की प्रबंधक भी हैं। उनकी बड़ी बहन ज्योति 2005 में ज्येष्ठ उप ब्लॉक प्रमुख बरखेड़ा रही थीं। उनके पति राजेंद्र पाठक उर्फ राजू गन्ना विकास परिषद बरखेड़ा के डायरेक्टर रहे थे।
मुड़िया हुलास के युवाओं को खेल मैदान की जरूरत है। इसके अलावा बरातघर, गोशाला की जरूरत भी है। जर्जर सड़कें और नालियों में भरी रहने वाली गंदगी से लोग परेशान हैं। नई प्रधान से खेल मैदान बनने के अलावा गांव के विकास और साफ सफाई की उम्मीदें हैं। सड़कों के निर्माण और तालाबों की जरूरत है। हालांकि प्रधान सीमा पाठक ने विकास को अपनी प्राथमिकता बताया है।
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ग्राम पंचायत मुड़िया हुलास
5000 आबादी।
1200 वोटर।
80 प्रतिशत साक्षर।
ये हैं समस्याएं
कच्ची गलियां।
बरात घर का न होना।
गोशाला नहीं।
खेल मैदान का अभाव।
गरीबों को पक्के आवास।
प्राथमिकताएं
खेल मैदान का निर्माण।
गोशाला का निर्माण।
तालाबों का सौंदर्यीकरण।
जरूरतमंद को पक्के आवास।
जर्जर सड़कों और नालियों का सुधार।
गलियों में स्ट्रीट लाइट लगवाना।
गांव की अधिकांश गलियां भी कच्ची हैं। इससे गांव की तस्वीर पिछड़ी हुई है। इसका समाधान होगा। नए प्रधान से ऐसी उम्मीद है। इस पर काम भी होना चाहिए। - प्रमोद शुक्ला, ग्रामीण
सबसे बड़ी दिक्कत बरात घर न होने की है। इससे ग्रामीणों को बेटा-बेटियों के शादी विवाह कार्यक्रम को लेकर दिक्कत होती है। बरात घर बन जाए तो विकास की ओर एक कदम आगे बढ़ेगा। - रामपाल भारती, ग्रामीण
मुड़िया हुलास गांव में खिलाड़ियों की कमी नहीं है। मगर खेल मैदान न होने की वजह से प्रतिभाएं निखर नहीं पाती। खेल मैदान बनने की मांग पहले कई की गई थी। नई प्रधान युवा हैं इसलिए उनसे उम्मीद है। - राजीव गंगवार, ग्रामीण
जरूरतमंद को पक्की छत मुहैया हो। बिना भेदभाव के विकास कार्य किए जाएं। आवारा पशुओं की दिक्कत दूर करने को गोशाला बनवाई जाए। इसी तरह की उम्मीदें नए प्रधान से हैं। यही गांव का असल विकास होगा। - चंद्रप्रकाश मिश्रा, ग्रामीण
मतदाताओं ने जो विश्वास जताकर मुझे प्रधान चुना है। उन उम्मीदों पर खरा उतरकर बिना भेदभाव विकास कार्य कराऊंगी। गांव में खेल मैदान का निर्माण कराना पहली प्राथमिकता होगी। इसके अलावा गोशाला निर्माण, सड़कों का सुधार और बरात घर निर्माण प्राथमिकता पर है। गांव की गलियों में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था भी बेहतर की जाएगी। - सीमा पाठक, नवनिर्वाचित प्रधान
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बरखेड़ा ब्लॉक के मुड़िया हुलास गांव की आबादी पांच हजार के करीब है, जिनमें मतदाता 1200 हैं। यहां के 80 प्रतिशत लोग साक्षर हैं। नवनिर्वाचित प्रधान सीमा पाठक इससे पहले 2015 में बीडीसी सदस्य चुनी गई थीं। वह मेमोरियल एकेडमी की प्रबंधक भी हैं। उनकी बड़ी बहन ज्योति 2005 में ज्येष्ठ उप ब्लॉक प्रमुख बरखेड़ा रही थीं। उनके पति राजेंद्र पाठक उर्फ राजू गन्ना विकास परिषद बरखेड़ा के डायरेक्टर रहे थे।
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मुड़िया हुलास के युवाओं को खेल मैदान की जरूरत है। इसके अलावा बरातघर, गोशाला की जरूरत भी है। जर्जर सड़कें और नालियों में भरी रहने वाली गंदगी से लोग परेशान हैं। नई प्रधान से खेल मैदान बनने के अलावा गांव के विकास और साफ सफाई की उम्मीदें हैं। सड़कों के निर्माण और तालाबों की जरूरत है। हालांकि प्रधान सीमा पाठक ने विकास को अपनी प्राथमिकता बताया है।
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ग्राम पंचायत मुड़िया हुलास
5000 आबादी।
1200 वोटर।
80 प्रतिशत साक्षर।
ये हैं समस्याएं
कच्ची गलियां।
बरात घर का न होना।
गोशाला नहीं।
खेल मैदान का अभाव।
गरीबों को पक्के आवास।
प्राथमिकताएं
खेल मैदान का निर्माण।
गोशाला का निर्माण।
तालाबों का सौंदर्यीकरण।
जरूरतमंद को पक्के आवास।
जर्जर सड़कों और नालियों का सुधार।
गलियों में स्ट्रीट लाइट लगवाना।
गांव की अधिकांश गलियां भी कच्ची हैं। इससे गांव की तस्वीर पिछड़ी हुई है। इसका समाधान होगा। नए प्रधान से ऐसी उम्मीद है। इस पर काम भी होना चाहिए। - प्रमोद शुक्ला, ग्रामीण
सबसे बड़ी दिक्कत बरात घर न होने की है। इससे ग्रामीणों को बेटा-बेटियों के शादी विवाह कार्यक्रम को लेकर दिक्कत होती है। बरात घर बन जाए तो विकास की ओर एक कदम आगे बढ़ेगा। - रामपाल भारती, ग्रामीण
मुड़िया हुलास गांव में खिलाड़ियों की कमी नहीं है। मगर खेल मैदान न होने की वजह से प्रतिभाएं निखर नहीं पाती। खेल मैदान बनने की मांग पहले कई की गई थी। नई प्रधान युवा हैं इसलिए उनसे उम्मीद है। - राजीव गंगवार, ग्रामीण
जरूरतमंद को पक्की छत मुहैया हो। बिना भेदभाव के विकास कार्य किए जाएं। आवारा पशुओं की दिक्कत दूर करने को गोशाला बनवाई जाए। इसी तरह की उम्मीदें नए प्रधान से हैं। यही गांव का असल विकास होगा। - चंद्रप्रकाश मिश्रा, ग्रामीण
मतदाताओं ने जो विश्वास जताकर मुझे प्रधान चुना है। उन उम्मीदों पर खरा उतरकर बिना भेदभाव विकास कार्य कराऊंगी। गांव में खेल मैदान का निर्माण कराना पहली प्राथमिकता होगी। इसके अलावा गोशाला निर्माण, सड़कों का सुधार और बरात घर निर्माण प्राथमिकता पर है। गांव की गलियों में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था भी बेहतर की जाएगी। - सीमा पाठक, नवनिर्वाचित प्रधान