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Pilibhit News: करंट से दो साल के मासूम की मौत, बहनों से छिना इकलौता भाई
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पूरनपुर। घर में खेल रहे दो साल के बच्चे का हाथ खुले प्लग में लगने से करंट से उसकी हालत खराब हो गई। सीएचसी लाए गए बच्चे को चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। इकलौते पुत्र की मौत पर परिजन में कोहराम मच गया। रक्षाबंधन पर्व से एक दिन पहले भाई की मौत पर उसकी बहनें मायूस हो गईं।
घटना गांव चंदिया हजारा की है। शुक्रवार को गांव निवासी सुशांत मंडल के दो साल के पुत्र सौरभ मंडल को खेलते समय करंट लग गया। परिजनों के मुताबिक, उसका हाथ खेलते वक्त खुले प्लग पर पड़ गया था। जब तक परिजन का ध्यान उसकी ओर गया, इससे पहले वह अचेत हो गया था।
घटना पर परिजन में कोहराम मच गया। सौरभ को सीएचसी लाया गया। वहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। इकलौते पुत्र की मौत पर सुशांत मंडल के परिजन में कोहराम मच गया। सुशांत के परिवार में पत्नी श्रावणी, पुत्री शिवांगी (8), मनीषा (5) और मानवी (4) हैं। शुरू में पुत्र न होने पर सुशांत और उसकी पत्नी श्रावणी ने कई जगह मनौती मांगी। करीब दो साल पहले सौरभ का जन्म होने पर परिजन के अलावा उसकी बहनें भी काफी खुश थीं। मगर, रक्षाबंधन से एक दिन पहले करंट से इकलौते भाई की मौत पर तीनों बहनें पूरे दिन मायूस रहीं। आसपास के घरों में रक्षा बंधन पर्व की तैयारी, गांव के बाजार में लगी राखी की दुकानें सोचकर बहनें चिंतित रही। माता-पिता स्वयं को संभालते हुए बहनों को समझाने में जुटे है। एकत्र हुए पड़ोसियों ने दुखित परिजन को सांत्वना दी।
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घटना गांव चंदिया हजारा की है। शुक्रवार को गांव निवासी सुशांत मंडल के दो साल के पुत्र सौरभ मंडल को खेलते समय करंट लग गया। परिजनों के मुताबिक, उसका हाथ खेलते वक्त खुले प्लग पर पड़ गया था। जब तक परिजन का ध्यान उसकी ओर गया, इससे पहले वह अचेत हो गया था।
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घटना पर परिजन में कोहराम मच गया। सौरभ को सीएचसी लाया गया। वहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। इकलौते पुत्र की मौत पर सुशांत मंडल के परिजन में कोहराम मच गया। सुशांत के परिवार में पत्नी श्रावणी, पुत्री शिवांगी (8), मनीषा (5) और मानवी (4) हैं। शुरू में पुत्र न होने पर सुशांत और उसकी पत्नी श्रावणी ने कई जगह मनौती मांगी। करीब दो साल पहले सौरभ का जन्म होने पर परिजन के अलावा उसकी बहनें भी काफी खुश थीं। मगर, रक्षाबंधन से एक दिन पहले करंट से इकलौते भाई की मौत पर तीनों बहनें पूरे दिन मायूस रहीं। आसपास के घरों में रक्षा बंधन पर्व की तैयारी, गांव के बाजार में लगी राखी की दुकानें सोचकर बहनें चिंतित रही। माता-पिता स्वयं को संभालते हुए बहनों को समझाने में जुटे है। एकत्र हुए पड़ोसियों ने दुखित परिजन को सांत्वना दी।
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