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Pilibhit News: दो और कोरोना संक्रमित मिले, फिर भी जांचों में सुस्ती
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आठ दिन में जिले में दो प्रशासनिक अधिकारियों में हो चुकी है संक्रमण की पुष्टि
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। जिले में कोरोना संक्रमण रफ्तार पकड़ रहा है। रविवार शाम को आई रिपोर्ट में दो और लोग कोरोना संक्रमित निकले हैं। दोनों अमरिया क्षेत्र की महिलाएं हैं। पिछले आठ दिन में 17 मामले सामने आ चुके हैं। संक्रमण की चपेट में आने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। लेकिन इसके बावजूद जांच में कोई तेजी नहीं आई है।
जिले में आठ दिनों में कोरोना संक्रमण बढ़ा है। जिले में सक्रिय मामलों की संख्या 17 पहुंच चुकी है। शहर से लेकर गांव तक लोग कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। इसमें दो प्रशासनिक अफसर भी शामिल हैं। कोरोना संक्रमण जिस रफ्तार से बढ़ रहा है, उसे देखते हुए शासन स्तर से ज्यादा से ज्यादा लोगों की कोरोना जांच कराने पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन जिले में जांच की गति वही पहले जैसी ही है। इसका अंदाजा जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों की स्थिति से लगाया जा सकता है।
रोजाना ओपीडी की संख्या एक हजार से पार पहुंच रही है। इसमें तीस फीसदी लोग संक्रमण की चपेट में आकर सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित होते हैं, लेकिन इनमें से किसी की भी कोरोना जांच नहीं कराई जा रही है। चिकित्सक वायरल की बात कहकर परामर्श दे रहे हैं। वहीं जिले की बात करें तो सीएचसी स्तर पर भी मरीजों की भीड़ उमड़ रही हैं। लेकिन जांच के नाम पर महज दिखावा किया जा रहा है। हालांकि विभागीय आंकड़ों को देखें तो रोजाना आठ सौ से एक हजार तक नमूनों की बात की जा रही है। अधिकांश नमूने एंटीजन किट से ही लिए जा रहे हैं।
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जिला अस्पताल में स्थापित नहीं हो सकी कोविड हेल्प डेस्क
कोरोना से बचाव के लिए कितनी सजगता बरती जा रही है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिला अस्पताल में शहर से लेकर देहात तक के मरीज पहुंच रहे हैं। संख्या लगातार बढ़ रही है। लेकिन कोरोना की सतर्कता के दावों के बीच अस्पताल में कोविड हेल्प डेस्क तक स्थापित नहीं की गई है। महज टीबी लैब में ही कोरोना की एंटीजन जांच की सुविधा है।
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कोरोना की सैपलिंग नियमित रूप से की जा रही है। संक्रमण से बचाव के लिए जागरूकता भी जरूरी है। मौसम में बदलाव से शरीर को बचाने में लोग लापरवाही न बरतें।
- डॉ. आलोक कुमार, सीएमओ
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संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। जिले में कोरोना संक्रमण रफ्तार पकड़ रहा है। रविवार शाम को आई रिपोर्ट में दो और लोग कोरोना संक्रमित निकले हैं। दोनों अमरिया क्षेत्र की महिलाएं हैं। पिछले आठ दिन में 17 मामले सामने आ चुके हैं। संक्रमण की चपेट में आने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। लेकिन इसके बावजूद जांच में कोई तेजी नहीं आई है।
जिले में आठ दिनों में कोरोना संक्रमण बढ़ा है। जिले में सक्रिय मामलों की संख्या 17 पहुंच चुकी है। शहर से लेकर गांव तक लोग कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। इसमें दो प्रशासनिक अफसर भी शामिल हैं। कोरोना संक्रमण जिस रफ्तार से बढ़ रहा है, उसे देखते हुए शासन स्तर से ज्यादा से ज्यादा लोगों की कोरोना जांच कराने पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन जिले में जांच की गति वही पहले जैसी ही है। इसका अंदाजा जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों की स्थिति से लगाया जा सकता है।
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रोजाना ओपीडी की संख्या एक हजार से पार पहुंच रही है। इसमें तीस फीसदी लोग संक्रमण की चपेट में आकर सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित होते हैं, लेकिन इनमें से किसी की भी कोरोना जांच नहीं कराई जा रही है। चिकित्सक वायरल की बात कहकर परामर्श दे रहे हैं। वहीं जिले की बात करें तो सीएचसी स्तर पर भी मरीजों की भीड़ उमड़ रही हैं। लेकिन जांच के नाम पर महज दिखावा किया जा रहा है। हालांकि विभागीय आंकड़ों को देखें तो रोजाना आठ सौ से एक हजार तक नमूनों की बात की जा रही है। अधिकांश नमूने एंटीजन किट से ही लिए जा रहे हैं।
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जिला अस्पताल में स्थापित नहीं हो सकी कोविड हेल्प डेस्क
कोरोना से बचाव के लिए कितनी सजगता बरती जा रही है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिला अस्पताल में शहर से लेकर देहात तक के मरीज पहुंच रहे हैं। संख्या लगातार बढ़ रही है। लेकिन कोरोना की सतर्कता के दावों के बीच अस्पताल में कोविड हेल्प डेस्क तक स्थापित नहीं की गई है। महज टीबी लैब में ही कोरोना की एंटीजन जांच की सुविधा है।
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कोरोना की सैपलिंग नियमित रूप से की जा रही है। संक्रमण से बचाव के लिए जागरूकता भी जरूरी है। मौसम में बदलाव से शरीर को बचाने में लोग लापरवाही न बरतें।
- डॉ. आलोक कुमार, सीएमओ