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Pilibhit News: 400 क्विंटल गेहूं की कीमत के तीन चेक बाउंस, राइस मिल संचालिका को एक साल कैद की सजा
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पीलीभीत। 400 क्विंटल गेहूं खरीदने के बाद भुगतान के लिए दिए गए तीनों चेक बाउंस होने के मामले में अदालत ने राइस मिल संचालिका को दोषी करार दिया है। सिविल जज (जूनियर डिवीजन)/एफटीसी (महिलाओं के विरुद्ध अपराध) सक्षम शेखर की अदालत ने सत साईं इंडस्ट्रीज, पूरनपुर की पार्टनर सुनीता दीक्षित को एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने उन पर 10 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
परिवादिनी मंजीत कौर के मुताबिक, मई 2018 में उन्होंने सत साईं इंडस्ट्रीज को 400 क्विंतल गेहूं 1900 रुपये प्रति क्विंटल की दर से कुल 7.60 लाख रुपये में बेचा था। मिल संचालकों की ओर से 52,920 रुपये नकद दिए गए। शेष 7,07,080 रुपये के भुगतान के लिए तीन चेक सौंपे गए। मंजीत कौर ने जब चेक बैंक में जमा किए तो तीनों ‘एक्ससीड्स अरेंजमेंट’ की टिप्पणी के साथ अनादरित हो गए।
इसके बाद बकाया रकम की मांग करते हुए कानूनी नोटिस भेजा गया, लेकिन निर्धारित 15 दिन की अवधि में भुगतान नहीं किया गया। रकम वापस न मिलने पर मंजीत कौर ने वर्ष 2021 में न्यायालय की शरण ली और परिवाद दाखिल किया। संवाद
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चेक और हस्ताक्षर से इनकार, साक्ष्यों ने खोली पोल
मुकदमे की सुनवाई के दौरान सुनीता दीक्षित ने चेक व उन पर किए गए हस्ताक्षर अपने होने से इन्कार किया। अदालत ने मूल चेक, बैंक मेमो, कानूनी नोटिस और डाक संबंधी दस्तावेजों को विश्वसनीय साक्ष्य माना।
अदालत ने अर्थदंड की रकम जमा नहीं करने पर चार माह के अतिरिक्त साधारण कारावास का आदेश दिया है। 10 लाख रुपये के अर्थदंड में से 50 हजार रुपये राजकोष में जमा होंगे, जबकि शेष 9.50 लाख रुपये मंजीत कौर को चेक की धनराशि और वाद व्यय के एवज में दिए जाएंगे।
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परिवादिनी मंजीत कौर के मुताबिक, मई 2018 में उन्होंने सत साईं इंडस्ट्रीज को 400 क्विंतल गेहूं 1900 रुपये प्रति क्विंटल की दर से कुल 7.60 लाख रुपये में बेचा था। मिल संचालकों की ओर से 52,920 रुपये नकद दिए गए। शेष 7,07,080 रुपये के भुगतान के लिए तीन चेक सौंपे गए। मंजीत कौर ने जब चेक बैंक में जमा किए तो तीनों ‘एक्ससीड्स अरेंजमेंट’ की टिप्पणी के साथ अनादरित हो गए।
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इसके बाद बकाया रकम की मांग करते हुए कानूनी नोटिस भेजा गया, लेकिन निर्धारित 15 दिन की अवधि में भुगतान नहीं किया गया। रकम वापस न मिलने पर मंजीत कौर ने वर्ष 2021 में न्यायालय की शरण ली और परिवाद दाखिल किया। संवाद
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चेक और हस्ताक्षर से इनकार, साक्ष्यों ने खोली पोल
मुकदमे की सुनवाई के दौरान सुनीता दीक्षित ने चेक व उन पर किए गए हस्ताक्षर अपने होने से इन्कार किया। अदालत ने मूल चेक, बैंक मेमो, कानूनी नोटिस और डाक संबंधी दस्तावेजों को विश्वसनीय साक्ष्य माना।
अदालत ने अर्थदंड की रकम जमा नहीं करने पर चार माह के अतिरिक्त साधारण कारावास का आदेश दिया है। 10 लाख रुपये के अर्थदंड में से 50 हजार रुपये राजकोष में जमा होंगे, जबकि शेष 9.50 लाख रुपये मंजीत कौर को चेक की धनराशि और वाद व्यय के एवज में दिए जाएंगे।