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Pilibhit News: बाघों की संख्या जानने के लिए पीटीआर में होगी गणना, लगाए जाएंगे 402 कैमरे
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बाघ का फाइल फोटो।
पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में बाघों की संख्या जानने के लिए 25 अक्तूबर से गणना होगी। इसके लिए जंगल क्षेत्र में 402 कैमरे लगाए जाएंगे। पूर्व में हुई गणना के अनुसार पीटीआर में करीब 71 बाघों के होने की बात सामने आई थी।
तराई की गोद में बसे पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल का अनुकूल वातावरण बाघों के लिए शुरू से ही मुफीद रहा है। भोजन के साथ पानी की पर्याप्त व्यवस्था होने से बाघों की संख्या हर साल बढ़ती रही है।
एनटीसीएम के निर्देश पर हर चार साल में बाघों की गणना होती है तो स्थानीय स्तर पर हर साल। इस बार 25 अक्तूबर से डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहयोग से पीटीआर की पांचों वन रेंज के जंगल क्षेत्र में 402 कैमरों की मदद से बाघों की गणना कराई जाएगी। इसको लेकर कर्मचारियों को प्रशिक्षण दे दिया गया है।
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पूर्व की गणना में 71 बाघों की मिली थी मौजूदगी
पीटीआर में हर चार साल में बाघों की गणना होती है। चार साल पूर्व हुई गणना में यहां 71 बाघ होने की बात सामने आई थी। जिसमें पिछले वर्षों की अपेक्षा छह बाघ बढ़ना पाया गया था। अब पीटीआर प्रशासन डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहयोग से गणना करवा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार भी बाघों की संख्या बढ़कर सामने आएगी। इसको लेकर पीटीआर प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली गई है। पहले चरण में माला, महोफ, दियोरिया रेंज में 30 दिन तक गणना होगी। इसके बाद बराही, हरीपुर रेंज में गणना होगी।
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तृणभोजी वन्यजीवों की भी परखी जाएगी स्थिति
बाघों की गणना के बाद हिरन समेत अन्य तृणभोजी वन्यजीवों की स्थिति परखने के लिए भी गणना कराई जाएगी। तृणभोजी वन्यजीवों की गणना का कार्य 15 नवंबर के बाद कराए जाने की बात कही जा रही है। इसको लेकर रूपरेखा तैयार की गई है।
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25 अक्तूबर से बाघों की गणना का कार्य शुरू होगा। इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसके बाद तृणभोजी वन्यजीवों की गणना भी कराई जाएगी।
- मनीष सिंह, डीएफओ
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तराई की गोद में बसे पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल का अनुकूल वातावरण बाघों के लिए शुरू से ही मुफीद रहा है। भोजन के साथ पानी की पर्याप्त व्यवस्था होने से बाघों की संख्या हर साल बढ़ती रही है।
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एनटीसीएम के निर्देश पर हर चार साल में बाघों की गणना होती है तो स्थानीय स्तर पर हर साल। इस बार 25 अक्तूबर से डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहयोग से पीटीआर की पांचों वन रेंज के जंगल क्षेत्र में 402 कैमरों की मदद से बाघों की गणना कराई जाएगी। इसको लेकर कर्मचारियों को प्रशिक्षण दे दिया गया है।
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पूर्व की गणना में 71 बाघों की मिली थी मौजूदगी
पीटीआर में हर चार साल में बाघों की गणना होती है। चार साल पूर्व हुई गणना में यहां 71 बाघ होने की बात सामने आई थी। जिसमें पिछले वर्षों की अपेक्षा छह बाघ बढ़ना पाया गया था। अब पीटीआर प्रशासन डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहयोग से गणना करवा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार भी बाघों की संख्या बढ़कर सामने आएगी। इसको लेकर पीटीआर प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली गई है। पहले चरण में माला, महोफ, दियोरिया रेंज में 30 दिन तक गणना होगी। इसके बाद बराही, हरीपुर रेंज में गणना होगी।
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तृणभोजी वन्यजीवों की भी परखी जाएगी स्थिति
बाघों की गणना के बाद हिरन समेत अन्य तृणभोजी वन्यजीवों की स्थिति परखने के लिए भी गणना कराई जाएगी। तृणभोजी वन्यजीवों की गणना का कार्य 15 नवंबर के बाद कराए जाने की बात कही जा रही है। इसको लेकर रूपरेखा तैयार की गई है।
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25 अक्तूबर से बाघों की गणना का कार्य शुरू होगा। इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसके बाद तृणभोजी वन्यजीवों की गणना भी कराई जाएगी।
- मनीष सिंह, डीएफओ