पहनावे-दहेज के लिए प्रताड़ना: परेशान हो विवाहिता ने नदी में लगाई छलांग, बोली- पति की गैर मौजूदगी में होता ऐसा
महिला के छलांग लगाते ही नदी के पास ही सब्जी की खेती करने वाले लोगों ने उसे डूबते हुए देख लिया और सकुशल दोनों को बाहर निकाल लिया। पुलिस विवाहिता को असम रोड चौकी लेकर आई।
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पीलीभीत के जहानाबाद क्षेत्र के गांव सुंदरपुर निवासी रुखसार ने गुरुवार को तीन महीने के मासूम बेटे के साथ बरेली हाईवे पर देवहा पुल से नदी में छलांग लगा दी। नदी के पास ही सब्जी की खेती करने वाले लोगों ने महिला को डूबते हुए देख लिया और सकुशल दोनों को बाहर निकाल लिया। पुलिस विवाहिता को असम रोड चौकी लेकर आई। यहां मायके और ससुराल पक्ष के बीच बातचीत हुई। विवाहिता ने ससुराल वालों पर उत्पीड़न का आरोप तो लगाया लेकिन तहरीर नहीं दी। बाद में विवाहिता बच्चे समेत अपने मायके चली गई।
रुखसार ने बताया कि उसकी शादी चार साल पहले सुंदरपुर के युवक से हुई थी। ससुराल वाले आए दिन दहेज और पहनावे को लेकर प्रताड़ित करने लगे। कई बार मारपीट की गई। सुसरालियों ने उसे घर से निकालने की भी धमकी दी। गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे ससुराल वालों ने फिर मारपीट की। जिससे उसके चोटें भी आईं। रुखसार का आरोप है कि ससुराल वालों ने मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया। वह मायके वालों पर बोझ नहीं बनना चाहती थी। इसलिए उसने तीन महीने के बच्चे के साथ आत्महत्या करने के लिए देवहा नदी में छलांग लगा दी।
पुलिस ने रुखसार की ससुराल वालों को चौकी पर बुलवाया। यहां देवर ने बताया कि रुखसार की दो साल की बेटी और तीन महीने का पुत्र है। वह सुबह नाराज होकर घर से दोनों बच्चों को लेकर ई-रिक्शा पर जाने लगी। उन्हें रोकने का प्रयास किया गया, मगर वह नहीं मानी। किसी तरह उसने भतीजी को उतार लिया। इसके बाद वह ई रिक्शा का पीछा करने लगा। बरेली रोड पर जब उसने पुल पर ई रिक्शा खाली देखा तो रुखसार को तलाशना शुरू कर दिया। नीचे नदी में रुखसार को डूबते देख शोर मचाने पर वहां खेती करने वालों ने तैरकर रुखसार को नदी से निकाला।
पति दिल्ली में करता है मजदूरी
रुखसार का पति दिल्ली में मजदूरी करता है। ईद पर वह घर आया था। इसके बाद से अभी तक नहीं आया। विवाहिता का आरोप है कि पति की गैर मौजूदगी में ससुराल वाले प्रताड़ित करते हैं। पति घर पर नहीं है और ससुराल वालों की प्रताड़ना से तंग आकर उसने आत्महत्या करने की ठान ली थी।
‘महिला का कहना है कि वह ससुराल वालों के उत्पीड़न से तंग आकर नदी में कूदी थी। इच्छानुसार उसे मायके भेज दिया गया है। अभी उसने कोई तहरीर नहीं दी है।’ -मदन मोहन चतुर्वेदी, इंस्पेक्टर सुनगढ़ी