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कहीं परिवार से बिछड़ने के बाद तो खूंखार नहीं हो गई चार साल की बाघिन

Wed, 10 Jun 2020 01:12 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 10 Jun 2020 01:12 AM IST
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tigress attack case
पीलीभीत। माला रेंज के समीप रिछोला क्षेत्र में पिछले दो माह से चहलकदमी कर रही बाघिन क्षेत्रवासियों के लिए तो मुसीबत बनी ही हुई है, वहीं टाइगर रिजर्व के अधिकारियों के लिए भी सिरदर्द बनी चली आ रही है। कयास लगाए जा रहे हैं कि कम उम्र की यह बाघिन अपने परिवार से बिछड़ने के बाद वन्यजीव के शिकार का पूर्ण अनुभव न होने पाने के कारण ही बार-बार जंगल से बाहर निकल रही है और अब इंसानों पर भी हमले कर रही है।
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माला रेंज के समीप रिछोला मेें दो ग्रामीणों को निवाला बनाने के बाद टाइगर रिजर्व की टीम ने तीन अप्रैल को एक बाघ को बेहोश (ट्रैंक्युलाइज) किया था। जानकारों के मुताबिक बेहोश कर पकड़ने के बाद कानपुर भेजा गया बाघ इस समय रिछोला क्षेत्र में घूम रही चार साल की बाघिन का भाई था। यह बात इससे भी पुष्ट होती है कि करीब चार माह पहले एक बाघिन अपने दो शावकों के साथ दिखी थी। फरवरी में वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर बिलाल मियां ने इस पूरे कुनबे को अपने कैमरे में भी कैद किया था। बताते हैं कि बाद में कुनबे की मुखिया बाघिन ने दोनों शावकों से अपने को अलग कर लिया।
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इन्हीं दो शावकों में से नर बाघ को तीन अप्रैल को बेहोश कर पकड़ा गया था। जबकि बाघिन अकेली रह गई। तभी से यह बाघिन आबादी क्षेत्र में बार-बार घुस रही है। इस बाघिन के स्वास्थ्य की पड़ताल करने को कानपुर के पशु चिकित्सक डॉ. आरके सिंह को भी बुलाया गया। उन्होंने चार दिन तक पड़ताल के बाद बाघिन के वासस्थल के आसपास पानी की व्यवस्था न होने की बात कही थी। इसके बाद जंगल में गड्ढे खोदकर पानी की भी व्यवस्था कर दी गई। करीब चार दिन तक बाघिन नहीं दिखी। छठे दिन बाघिन फिर जंगल से बाहर निकलने लगी। सहयोगी भाई के बिछड़ने के बाद बाघिन ने रविवार को रिछोला गांव में घुसकर दिनदहाड़े एक घर में एक किसान पर हमला बोल दिया। वहीं सोमवार रात रिछोला से सटी गोयल कॉलोनी में एक ग्रामीण को मार डाला। इन दोनों घटनाओं में बाघिन ने सिर्फ हमला करके घायल किया, मांस नहीं खाया। बाघ के हमलों में अब तक ऐसा कम ही हुआ है, वरना मारे गए इंसानों का मांस खाना ही बाघ का मकसद रहता है। जानकारों का कहना है कि कम उम्र की इस बाघिन को अभी शिकार का अनुभव नहीं है। भूख प्यास लगने पर ही यह हमलावर जरूर हो रही है, मगर मांस नहीं खा पा रही है। कुछ जानकार अफसर भी इस बात से सहमत दिखाई दिए।
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