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दो स्थानों पर मिले बाघ के पगचिन्ह
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत
Updated Sat, 19 May 2018 01:23 AM IST
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वन विभाग के अधिकारी टीम लगाकर निगरानी कराने का दावा कर रहे है, लेकिन बाघों के खेतों में घूमने की समस्या का समाधान अब तक नहीं कराया जा सका है। तहसील अमरिया क्षेत्र में एक बार फिर दो स्थानों पर शुक्रवार सुबह बाघ के पगचिह्न मिलने से दहशत का माहौल बन गया। खेतों पर जाने से लोग घबरा रहे है।
चार दिनों से गजरौला गांव में किसान नेता सर्वदत्त सिंह के खेत में पगचिह्न मिलने का सिलसिला जारी है। यहां पर बाघिन व दो शावकों के विचरण करने की आशंका जताई जा रही है। शुक्रवार सुबह भी खेत पर इसी तरह के पगमार्ग मिले, जिससे बाघिन व शावक होने की बात निकलकर सामने आ रही है। उधर, बेला पोखरा गांव निवासी जगजीत सिंह के खेत में बाघ की मौजूदगी का अहसास हुआ। खेत पर काम करने गए मजदूरों ने बाघ के पगचिह्न देखे तो उनके पसीने छूट गए। वह पहले खेत से निकलकर बाहर आए। चीख पुकार होने पर काफी संख्या में लोग जमा हो गए। इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। जिसके बाद वन दरोगा अवनेश कुमार, मुश्ताक अहमद, चेतन कुमार और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के प्रेमचंद मौर्य मौके पर पहुंचे। काफी पड़ताल करने के बाद पगमार्क को ट्रेस किया गया। इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से ग्रामीणों को अकेले खेत पर न जाने की सलाह दी गई है।
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चार दिनों से गजरौला गांव में किसान नेता सर्वदत्त सिंह के खेत में पगचिह्न मिलने का सिलसिला जारी है। यहां पर बाघिन व दो शावकों के विचरण करने की आशंका जताई जा रही है। शुक्रवार सुबह भी खेत पर इसी तरह के पगमार्ग मिले, जिससे बाघिन व शावक होने की बात निकलकर सामने आ रही है। उधर, बेला पोखरा गांव निवासी जगजीत सिंह के खेत में बाघ की मौजूदगी का अहसास हुआ। खेत पर काम करने गए मजदूरों ने बाघ के पगचिह्न देखे तो उनके पसीने छूट गए। वह पहले खेत से निकलकर बाहर आए। चीख पुकार होने पर काफी संख्या में लोग जमा हो गए। इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। जिसके बाद वन दरोगा अवनेश कुमार, मुश्ताक अहमद, चेतन कुमार और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के प्रेमचंद मौर्य मौके पर पहुंचे। काफी पड़ताल करने के बाद पगमार्क को ट्रेस किया गया। इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से ग्रामीणों को अकेले खेत पर न जाने की सलाह दी गई है।
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