दैनिक मजदूरी पर रखे वाचरों को वेतन देने में नाकाम हो रहा टाइगर रिजर्व प्रशासन अब मुफ्त में बाघों की सुरक्षा के लिए टाइगर मित्र रखने की तैयारी में है। इसके की रूपरेखा भी तैयार कर ली गई है। हालांकि वन संरक्षक वीके सिंह ने शुक्रवार को एक बार फिर टाइगर रिजर्व में स्टाफ की कमी को दूर करने एवं संसाधन मुहैया कराने की बात कही है। टाइगर रिजर्व की तीसरी वर्षगांठ पर प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय के नीलामी कक्ष में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें केवल टॉइगर रिजर्व और सामाजिक वानिकी का स्टॉफ ही मौजूद रहा। अपनों के बीच अधिकारियों ने अपनी उपलब्धियां गिनाकर खुद की पीठ थपथपाई। लगातार हो रही घटनाओं में मारे गए आम लोगों के प्रति कोई संवेदना अथवा दुख के भाव कार्यक्रम में नहीं दिखे। हर बार की तरह इस कार्यक्रम में भी टॉइगर रिजर्व की व्यवस्थाएं बेहतर बनाने को घोषणाएं की गई, लेकिन यह घोषणाएं कितनी और कब तक पूरी होंगी यह वक्त आने पर पता चलेगा? मुख्य अतिथि वनसंरक्षक वीके सिंह ने वन्यजीव मानव संघर्ष रोकने और विभाग व ग्रामीणों के बीच समन्वय स्थापित करने को टॉइगर मित्र रखे जाने की घोषणा की। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि रखे गए टॉइगर मित्रों को इस सहयोग के लिए कुछ भी धन देय नहीं होगा। अर्थात ये टॉइगर मित्र मुफ्त में रखे जाएंगे। साथ ही स्टॉफ की कमी को दूर करने के लिए जल्द ही फारेस्टगार्ड की तैनाती का एक बार फिर ऐलान किया। इससे पूर्व एसडीओ केपी सिंह ने टॉईगर रिजर्व के इतिहास और वर्ष भर की गतिविधियों व उपलब्धियां गिनाईं। कार्यक्रम में आठ मई को आग बुझाते समय बाघ के हमले में मारे गए वाचर की विधवा धनका देवी को स्टॉफ के सहयोग से एकत्र की गई 1.83 लाख की धनराशि भेंट की गई। साथ ही बेहतर कार्य करने वालों को पुरस्कृत किया गया। संचालन डब्ल्यूडब्ल्यू के परियोजना अधिकारी नरेश कुमार ने किया। इस मौके पर सामाजिक वानिकी के डीएफओ आदर्श कुमार, टॉइगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश, रेंजर अनिल शाह, गिरिराज सिंह, गजेंद्र बहादुर सिंह, कुंज बिहारी, संजीव सक्सेना, वीके गुप्ता, आरिफ जमाल, अरूण मोहन श्रीवास्तव, नवनीत यादव, सुरेश वर्मा सहित कई लोग मौजूद रहे।