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बाघ के हमले में पिता पुत्र घायल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत
Updated Wed, 31 Jan 2018 01:01 AM IST
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खेत में काम करते समय मंगलवार को दोपहर में बाघ ने गांव सिमरिया गौसू निवासी 60 वर्षीय रामचंद्र पर हमला कर दिया। चीख पुकार पर बाघ उन्हें छोड़कर पीछे हट गया। इस बीच खेत पर पहुंचे उनके पुत्र वीरपाल पर भी बाघ ने हमला कर दिया। इससे पिता पुत्र दोनों घायल हो गए। दोनों को पहले न्यूरिया सीएचसी ले जाया गया। इसके बाद दोनों को जिला अस्पताल रेफर किया गया। वहीं वन विभाग घटना को संदिग्ध मानकर जांच में जुटी है।
न्यूरिया थाना क्षेत्र की धनकुना चौकी के गांव सिमरिया गौसू निवासी 60 वर्षीय रामचंद्र का खेत जंगल से सटे गांव अनवरगंज में है। रामचंद्र के अनुसार मंगलवार को दोपहर करीब 12.30 बजे वह मजदूरों के साथ ट्राली में गन्ना भरवाने गए थे। ट्राली में गन्ना भरवाते समय बाघ ने उन पर हमला कर दिया। बाघ को झपटता देख उन्होंने खुद को बचाने के लिए डंडा चलाया लेकिन फिर भी बाघ ने उनके बायें पैर पर पंजा मार कर घायल कर दिया। उनके चीखने पर अन्य मजदूरों ने भी शोर मचाया जिस पर बाघ वहां से हट गया। इस बीच उनका बेटा 35 वर्षीय वीरपाल खेत पर पहुंचा। इस पर पास के गन्ने में छिपे बाघ ने वीरपाल के पैर पर हमला कर घायल कर दिया। ग्रामीणों ने शोर मचाकर दोनों को खेत से हटाया और पुलिस को सूचना दी। घायल पिता पुत्र का पहले न्यूरिया सीएचसी में प्राथमिक उपचार कराया गया। इसके बाद दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां दोनों का एक्स-रे किया गया जिसमें कोई फैक्चर नहीं पाया गया। घटना की जानकारी पर सिटी मजिस्ट्रेट अवधेश मिश्रा एवं सीओ सिटी धर्मसिंह मार्छाल ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना। उधर वन विभाग घटना को संदिग्ध मना रहा है। बाघ के हमले की सूचना के बाद एसडीएम अमरिया वंदना त्रिवेदी, सीओ सदर योगेंद्र कुमार, रेंजर पीलीभीत सतेंद्र चौधरी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान टीम को कहीं भी बाघ के पगचिह्न नहीं मिले। घटना स्थल के आसपास सियार एवं जंगली सुअर के पगचिह्न मिले हैं। इससे ऐसा माना जा रहा है कि किसी सियार ने हमला किया होगा।
बाघ के हमले की सूचना पर टीम मौके पर भेजी गई थी। कहीं भी की मौजूदगी के निशान नहीं मिले हैं। सियार या सुअर ने पैरों पर हमला किया है। बाघ के हमले की बात गलत है।
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आदर्श कुमार, डीएफओ
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न्यूरिया थाना क्षेत्र की धनकुना चौकी के गांव सिमरिया गौसू निवासी 60 वर्षीय रामचंद्र का खेत जंगल से सटे गांव अनवरगंज में है। रामचंद्र के अनुसार मंगलवार को दोपहर करीब 12.30 बजे वह मजदूरों के साथ ट्राली में गन्ना भरवाने गए थे। ट्राली में गन्ना भरवाते समय बाघ ने उन पर हमला कर दिया। बाघ को झपटता देख उन्होंने खुद को बचाने के लिए डंडा चलाया लेकिन फिर भी बाघ ने उनके बायें पैर पर पंजा मार कर घायल कर दिया। उनके चीखने पर अन्य मजदूरों ने भी शोर मचाया जिस पर बाघ वहां से हट गया। इस बीच उनका बेटा 35 वर्षीय वीरपाल खेत पर पहुंचा। इस पर पास के गन्ने में छिपे बाघ ने वीरपाल के पैर पर हमला कर घायल कर दिया। ग्रामीणों ने शोर मचाकर दोनों को खेत से हटाया और पुलिस को सूचना दी। घायल पिता पुत्र का पहले न्यूरिया सीएचसी में प्राथमिक उपचार कराया गया। इसके बाद दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां दोनों का एक्स-रे किया गया जिसमें कोई फैक्चर नहीं पाया गया। घटना की जानकारी पर सिटी मजिस्ट्रेट अवधेश मिश्रा एवं सीओ सिटी धर्मसिंह मार्छाल ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना। उधर वन विभाग घटना को संदिग्ध मना रहा है। बाघ के हमले की सूचना के बाद एसडीएम अमरिया वंदना त्रिवेदी, सीओ सदर योगेंद्र कुमार, रेंजर पीलीभीत सतेंद्र चौधरी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान टीम को कहीं भी बाघ के पगचिह्न नहीं मिले। घटना स्थल के आसपास सियार एवं जंगली सुअर के पगचिह्न मिले हैं। इससे ऐसा माना जा रहा है कि किसी सियार ने हमला किया होगा।
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बाघ के हमले की सूचना पर टीम मौके पर भेजी गई थी। कहीं भी की मौजूदगी के निशान नहीं मिले हैं। सियार या सुअर ने पैरों पर हमला किया है। बाघ के हमले की बात गलत है।
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आदर्श कुमार, डीएफओ