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Pilibhit News: आखिरकार पकड़ी गई ग्रामीणों को मारने वाली बाघिन
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पीलीभीत। जंगल से दूर आबादी क्षेत्र में आतंक का पर्याय बनी बाघिन आखिरकार पकड़ी गई। रविवार देर शाम पीलीभीत, शाहजहांपुर और लखीमपुर की संयुक्त टीमों ने लोकेशन के आधार पर बेहोश कर बाघिन को पकड़ लिया। उसे पिंजरे में बंद कर दुधवा टाइगर रिजर्व ले जाने की तैयारी की जा रही है।
सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र के चतीपुर, नजीरगंज समेत छह से अधिक गांवों में छह माह पूर्व से चहलकदमी कर रही बाघिन दस दिन पूर्व से इंसानों पर हमलावर हो रही थी। दो ग्रामीणों की हमले में मौत हो चुकी थी। रविवार को 10 किलोमीटर दायरे में हुई महिला की मौत को भी बाघिन के हमले से जोड़कर देखा जा रहा था।
लगातार हो रहे हमलों के बाद मुख्यालय से अनुमति मिलने पर दुधवा, पीटीआर और शाहजहांपुर की टीमें बाघिन को पकड़ने के प्रयास में जुटी थीं। तीन दिन पूर्व से बाघिन वन विभाग की टीमों को चकमा दे रही थी। रविवार देर शाम लोकेशन मिलने पर टीमों ने बाघिन की घेराबंदी की। इसके बाद चतीपुर गांव की सीमा में मैलानी के जंगल में दो सौ मीटर अंदर बाघिन को ट्रेंक्यूलाइज कर पकड़ लिया।
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पिंजरे में कैद करने के बाद बाघिन को रेस्क्यू वाहन से दुधवा टाइगर रिजर्व ले जाने की तैयारी की जा रही है। क्षेत्रीय लोगों के साथ वन महकमे ने भी राहत की सांस ली है।
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पिंजरे में बंधे पड्डे को खाने पहुंची थी बाघिन
अफसरों के अनुसार बाघिन की लोकेशन के आधार पर चतीपुर गांव के निकट मैलानी रेंज के जंगल में पिंजरा लगाकर उसमें पड्डा बांधा गया था। टीमें सतर्क थीं। रविवार शाम बाघिन पिंजरे के निकट पड्डे के लालच में पहुंची। इस दौरान पीटीआर के पशु चिकित्सक डॉ. दक्ष गंगवार ने बाघिन को ट्रेंक्यूलाइज किया।
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बाघिन को ट्रेंक्यूलाइज कर लिया गया है। चतीपुर गांव के निकट मैलानी जंगल के दो सौ मीटर अंदर लगाए गए पिंजरे के पास पहुंचने पर उसको बेहोश किया गया। अफसरों के निर्देश के अनुसार आगे की प्रक्रिया पर अमल किया गया। पशु चिकित्सकों की टीम बाघिन पर नजर बनाए है।
- मनीष सिंह, डीएफओ, पीटीआर
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सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र के चतीपुर, नजीरगंज समेत छह से अधिक गांवों में छह माह पूर्व से चहलकदमी कर रही बाघिन दस दिन पूर्व से इंसानों पर हमलावर हो रही थी। दो ग्रामीणों की हमले में मौत हो चुकी थी। रविवार को 10 किलोमीटर दायरे में हुई महिला की मौत को भी बाघिन के हमले से जोड़कर देखा जा रहा था।
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लगातार हो रहे हमलों के बाद मुख्यालय से अनुमति मिलने पर दुधवा, पीटीआर और शाहजहांपुर की टीमें बाघिन को पकड़ने के प्रयास में जुटी थीं। तीन दिन पूर्व से बाघिन वन विभाग की टीमों को चकमा दे रही थी। रविवार देर शाम लोकेशन मिलने पर टीमों ने बाघिन की घेराबंदी की। इसके बाद चतीपुर गांव की सीमा में मैलानी के जंगल में दो सौ मीटर अंदर बाघिन को ट्रेंक्यूलाइज कर पकड़ लिया।
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पिंजरे में कैद करने के बाद बाघिन को रेस्क्यू वाहन से दुधवा टाइगर रिजर्व ले जाने की तैयारी की जा रही है। क्षेत्रीय लोगों के साथ वन महकमे ने भी राहत की सांस ली है।
पिंजरे में बंधे पड्डे को खाने पहुंची थी बाघिन
अफसरों के अनुसार बाघिन की लोकेशन के आधार पर चतीपुर गांव के निकट मैलानी रेंज के जंगल में पिंजरा लगाकर उसमें पड्डा बांधा गया था। टीमें सतर्क थीं। रविवार शाम बाघिन पिंजरे के निकट पड्डे के लालच में पहुंची। इस दौरान पीटीआर के पशु चिकित्सक डॉ. दक्ष गंगवार ने बाघिन को ट्रेंक्यूलाइज किया।
बाघिन को ट्रेंक्यूलाइज कर लिया गया है। चतीपुर गांव के निकट मैलानी जंगल के दो सौ मीटर अंदर लगाए गए पिंजरे के पास पहुंचने पर उसको बेहोश किया गया। अफसरों के निर्देश के अनुसार आगे की प्रक्रिया पर अमल किया गया। पशु चिकित्सकों की टीम बाघिन पर नजर बनाए है।
- मनीष सिंह, डीएफओ, पीटीआर