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Pilibhit News: बांधे गए पड्डे को खा गया बाघ, ग्रामीणों ने जाम लगाकर किया प्रदर्शन

Sat, 19 Jul 2025 01:39 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Sat, 19 Jul 2025 01:39 AM IST
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The tiger ate the tied cow, the villagers protested by blocking the road
पूरनपुर। हजारा थाना क्षेत्र में घूम रहा बाघ विभाग की पकड़ से दूर है। दो दिन में दो मवेशियों पर हमला करने के बाद बाघ कुठिया गुदिया गांव के पास बांधे गए पड्डे को भी खा गया। बाघ के पकड़े न जाने से नाराज ग्रामीणों ने कुठिया गुदिया-पंजाब घाट मार्ग पर एकत्र होकर पौन घंटे तक जाम लगाकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बाघ के शीघ्र ही न पकड़े जाने पर उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी।
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तीन जून की शाम को हजारा थाना क्षेत्र के गांव शांतिनगर निवासी रामकिशोर की पत्नी रेशमा को बाघ घर से खींच ले गया था और मार डाला। इसके दो दिन बाद से बाघ को बेहोश कर पकड़ने के लिए टीम क्षेत्र में डेरा जमाए हुए है। दुधवा से दो हाथी भी मंगवाए गए हैं। ट्रेंकुलाइज टीम पर बाघ दो बार छलांग भी लगा चुका है। 15 जून की रात को बाघ ने नानक फार्म निवासी हरदीप के घर में घुसकर पड्डे को मार डाला और उसका शव समीप के खेत में खींच ले गया था। चार दिन पहले बाघ ने गांव कुठिया गुदिया के सरजीत सिंह के घर में घुसकर पड्डे और कबीरगंज के प्रधान इकबाल सिंह के घर में घुसकर उनके पालतू कुत्ते को मार डाला था।
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बाघ को पकड़ने के लिए गांव कुठिया गुदिया के समीप 18 जून को पड्डा बांधा गया। ताकि पड्डे के शिकार को बाघ के आने पर पकड़ा जा सके। बीती रात को बाघ बांधे गए पड्डे को भी झाड़ियों और दलदल में खींच ले गया और खा गया। बाघ की लगातार चहलकदमी होने और उसके ट्रेंकुलाइज न होने के विरोध में बृहस्पतिवार शाम को कुठिया गुदिया-पंजाबघाट मार्ग पर एकत्र हुए लोगों ने जाम लगाकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वालों में बलजिंदर सिंह, परमजीत सिंह, सर्वजीत सिंह, मेजर सिंह, गुरजंट सिंह, सतपाल सिंह, मनीषा देवी आदि थे।
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बाघ को पकड़ने के लिए बांधे गए पड्डा को बाघ ने मार दिया। बाघ अक्सर रात को जंगल से निकलकर आबादी की ओर आता है। रात में बाघ को ट्रेंकुलाइज नहीं किया जा सकता। क्षेत्र के अधिकांश खेतों में गन्ना खड़ा है। इससे बाघ को बेहोश नहीं किया जा पा रहा है।
- ललित कुमार, रेंजर संपूर्णानगर
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