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Pilibhit News: गोमती उद्गम स्थल के पुनरुद्धार की टेंडर प्रक्रिया शुरू हो सकती है अगले सप्ताह
Fri, 09 Oct 2026 12:09 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Fri, 09 Oct 2026 12:09 AM IST
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गोमती उद्गम स्थल।
- फोटो : सांकेतिक
कलीनगर। गोमती नदी के पुनरुद्धार की परियोजना अब धरातल पर उतरने की ओर बढ़ गई है। पूर्व में मंजूर हुए 12.26 करोड़ रुपये की परियोजना पर अमल शुरू करने के प्रयास तेज हो गए। अधिकारियों के अनुसार अगले सप्ताह टेंडर प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इसके बाद कार्य पर अमल शुरू कराया जाएगा।
गोमती नदी का उद्गम स्थल ग्राम पंचायत माधोटांडा में स्थित है। उद्गम स्थल के पुनरुद्धार को लेकर प्रदेश और केंद्र सरकार की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इधर राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) ने 17 सितंबर 2026 को एक परियोजना को स्वीकृति दी थी। परियोजना के तहत उद्गम स्थल की तीनों झीलों का पुनर्जीवन कराया जाएगा। पानी के बेहतर प्रबंधन के लिए 3.23 किलोमीटर लंबे एस्केप चैनल की डी-सिल्टिंग, बंधों की मरम्मत और सफाई होगी। चैनल को मजबूत करने के लिए पीसीसी-आरसीसी लाइनिंग और पाइप संबंधी कार्य भी प्रस्तावित हैं। माधोटांडा गांव के घरेलू सीवेज के उपचार की भी व्यवस्था की जाएगी।
इसके लिए इंटरसेप्टर ड्रेन, सीवर नेटवर्क, 1.09 एमएलडी क्षमता का मेन पंपिंग स्टेशन और नेचर बेस्ड सॉल्यूशन (एनबीएस) आधारित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा। डीएम आलोक कुमार ने बताया कि गोमती पुनरुद्धार को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। केंद्र से स्वीकृति मिलने के बाद कार्यदायी संस्था के चयन की प्रक्रिया चल रही है। औपचारिकताएं पूरी होते ही टेंडर कराया जाएगा और इसके बाद स्वीकृत कार्यों को तेजी से शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।
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गोमती नदी का उद्गम स्थल ग्राम पंचायत माधोटांडा में स्थित है। उद्गम स्थल के पुनरुद्धार को लेकर प्रदेश और केंद्र सरकार की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इधर राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) ने 17 सितंबर 2026 को एक परियोजना को स्वीकृति दी थी। परियोजना के तहत उद्गम स्थल की तीनों झीलों का पुनर्जीवन कराया जाएगा। पानी के बेहतर प्रबंधन के लिए 3.23 किलोमीटर लंबे एस्केप चैनल की डी-सिल्टिंग, बंधों की मरम्मत और सफाई होगी। चैनल को मजबूत करने के लिए पीसीसी-आरसीसी लाइनिंग और पाइप संबंधी कार्य भी प्रस्तावित हैं। माधोटांडा गांव के घरेलू सीवेज के उपचार की भी व्यवस्था की जाएगी।
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इसके लिए इंटरसेप्टर ड्रेन, सीवर नेटवर्क, 1.09 एमएलडी क्षमता का मेन पंपिंग स्टेशन और नेचर बेस्ड सॉल्यूशन (एनबीएस) आधारित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा। डीएम आलोक कुमार ने बताया कि गोमती पुनरुद्धार को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। केंद्र से स्वीकृति मिलने के बाद कार्यदायी संस्था के चयन की प्रक्रिया चल रही है। औपचारिकताएं पूरी होते ही टेंडर कराया जाएगा और इसके बाद स्वीकृत कार्यों को तेजी से शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।
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