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Pilibhit News: ताले में कैद होकर रह गया बहुउद्देश्यीय हाल, स्कूल के सामने खेलते हैं छात्र
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पीलीभीत में बीएसए कार्यालय के पास ताला में कैद बहुद्देशीय हाॅल।संवाद
पीलीभीत। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय परिसर में करीब दो साल पहले बनाया गया बहुउद्देश्यीय हॉल ताले में कैदकर होकर रह गया है। यहां पर विद्यार्थियों को खेलने के लिए तो नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में वहां उपलब्ध संसाधन जहर खाने लगे हैं।
जिला बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय परिसर में विद्यार्थियों को खेल गतिविधियों में निपुण बनाने के लिए तत्कालीन सांसद वरुण गांधी की निधि से बहुउद्देशीय हॉल की मंजूरी मिली थी। बजट आने के बाद करीब 30 करोड़ रुपये से इसका निर्माण आरईएस की ओर से कराया गया।
करीब तीन साल पहले हाल का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके बाद भी अब तक इसे कार्यदायी संस्था की ओर से विभाग को हस्तांतरित नहीं किया गया है। ऐसे में पूरा हाल ताले में कैदकर होकर रह गया। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों की ओर से पत्राचार भी किया गया लेकिन कुछ हो नहीं सका। ताला न खुल पाने से यहां साफ सफाई भी नहीं हो पा रही है। ऐसे में यहां उपलब्ध कराई गई खेल सामग्री जंक खाकर बेकार हो रही है।
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खेलने के मैदान में पड़ने लगा कूड़ा
बहुउद्देशीय हॉल के साथ ही वहां पर खेलने के लिए मैदान भी है। इसके चारोें ओर चहारदीवारी भी है। देखरेख न हो पाने और ताला लगा होने के कारण मैदान अब डलावघर बनकर रह गया है। आसपास के लोग यहां कूड़ा डालने लगे हैं। यही नहीं बारिश का गंदा पानी भी भरा हुआ है। गंदगी और कीचड़ में आवारा पशु विचरण करते रहते हैं। इससे बीमारी फैलने की आशंका रहती है।
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भवन बन चुका है, लेकिन कार्यदायी संस्था की ओर से उनको हस्तांतरित नहीं किया जा रहा है। इसको लेकर पत्राचार भी किया जा चुका है।
- अमित कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी
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जिला बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय परिसर में विद्यार्थियों को खेल गतिविधियों में निपुण बनाने के लिए तत्कालीन सांसद वरुण गांधी की निधि से बहुउद्देशीय हॉल की मंजूरी मिली थी। बजट आने के बाद करीब 30 करोड़ रुपये से इसका निर्माण आरईएस की ओर से कराया गया।
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करीब तीन साल पहले हाल का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके बाद भी अब तक इसे कार्यदायी संस्था की ओर से विभाग को हस्तांतरित नहीं किया गया है। ऐसे में पूरा हाल ताले में कैदकर होकर रह गया। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों की ओर से पत्राचार भी किया गया लेकिन कुछ हो नहीं सका। ताला न खुल पाने से यहां साफ सफाई भी नहीं हो पा रही है। ऐसे में यहां उपलब्ध कराई गई खेल सामग्री जंक खाकर बेकार हो रही है।
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खेलने के मैदान में पड़ने लगा कूड़ा
बहुउद्देशीय हॉल के साथ ही वहां पर खेलने के लिए मैदान भी है। इसके चारोें ओर चहारदीवारी भी है। देखरेख न हो पाने और ताला लगा होने के कारण मैदान अब डलावघर बनकर रह गया है। आसपास के लोग यहां कूड़ा डालने लगे हैं। यही नहीं बारिश का गंदा पानी भी भरा हुआ है। गंदगी और कीचड़ में आवारा पशु विचरण करते रहते हैं। इससे बीमारी फैलने की आशंका रहती है।
भवन बन चुका है, लेकिन कार्यदायी संस्था की ओर से उनको हस्तांतरित नहीं किया जा रहा है। इसको लेकर पत्राचार भी किया जा चुका है।
- अमित कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी

पीलीभीत में बीएसए कार्यालय के पास ताला में कैद बहुद्देशीय हाॅल।संवाद