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जिले में भी ‘आपरेशन मुस्कान’ शुरू
पीलीभीत।
Updated Fri, 03 Jul 2015 10:44 PM IST
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गुमशुदा बच्चों की तलाश के लिए शुरू हुए ‘आपरेशन मुस्कान’ को लेकर जिले में भी कार्ययोजना तैयार कर अमल शुरू कर दिया गया है। शुक्रवार को एएसपी सुधीर कुमार सिंह ने पुलिस लाइंस सभागार में थाने में तैनात बाल कल्याण समिति के दरोगा और सिपाहियों की एक बैठक ली और उन्हें जरूरी टिप्स दिए। इस विशेष अभियान के तहत होटलों, ढाबों व ईंट भट्ठों पर काम करने वाले बच्चों के बारे में भी पुलिस जानकारी हासिल करेगी।
पहली जुलाई से प्रदेश में ‘आपरेशन मुस्कान’ शुरू किया गया है। यह ऑपरेशन अभियान 31 जुलाई तक चलेगा। करीब छह महीने पहले शासन के निर्देश पर थानों में बाल कल्याण समिति गठित की गई थी। जिसमें एक दरोगा को बाल कल्याण अधिकारी व सहायक के रूप में एक सिपाही को तैनात किया गया था। पहली जुलाई से शुरू हुए अभियान की सफलता के लिए नोडल अधिकारी एएसपी सुधीर कुमार सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को एक बैठक पुलिस लाइंस स्थित सम्मेलन कक्ष में हुई।
बैठक में मानव तस्करी सेल के अलावा स्वास्थ्य विभाग, श्रम विभाग व बाल कल्याण समिति के लोग मौजूद रहे। बैठक में एएसपी ने जरूरी टिप्स दिए। एएसपी ने बताया कि प्लेटफार्म, बस स्टेशन, ईंट भट्ठों होटलों और ढाबों के साथ ही अन्य स्थानों मिलने वाले बच्चों के संबंध में पुलिसकर्मियों की ओर से छानबीन शुरू की गई है। इस अभियान के दौरान जो बच्चे लापता व गुमशुदा की श्रेणी में पाए जाएंगे उन्हें उनके परिवार से मिलाया जाएगा।
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साथ ही होटल, ढाबों और मिलों में काम करने वाले बच्चों को मुक्त कराकर पहले उन्हें बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया जाएगा। बाद में उन्हें घर भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में वर्ष 2014 में 15 और 2015 में अब तक चार बच्चे गुमशुदा हैं।
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पहली जुलाई से प्रदेश में ‘आपरेशन मुस्कान’ शुरू किया गया है। यह ऑपरेशन अभियान 31 जुलाई तक चलेगा। करीब छह महीने पहले शासन के निर्देश पर थानों में बाल कल्याण समिति गठित की गई थी। जिसमें एक दरोगा को बाल कल्याण अधिकारी व सहायक के रूप में एक सिपाही को तैनात किया गया था। पहली जुलाई से शुरू हुए अभियान की सफलता के लिए नोडल अधिकारी एएसपी सुधीर कुमार सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को एक बैठक पुलिस लाइंस स्थित सम्मेलन कक्ष में हुई।
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बैठक में मानव तस्करी सेल के अलावा स्वास्थ्य विभाग, श्रम विभाग व बाल कल्याण समिति के लोग मौजूद रहे। बैठक में एएसपी ने जरूरी टिप्स दिए। एएसपी ने बताया कि प्लेटफार्म, बस स्टेशन, ईंट भट्ठों होटलों और ढाबों के साथ ही अन्य स्थानों मिलने वाले बच्चों के संबंध में पुलिसकर्मियों की ओर से छानबीन शुरू की गई है। इस अभियान के दौरान जो बच्चे लापता व गुमशुदा की श्रेणी में पाए जाएंगे उन्हें उनके परिवार से मिलाया जाएगा।
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साथ ही होटल, ढाबों और मिलों में काम करने वाले बच्चों को मुक्त कराकर पहले उन्हें बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया जाएगा। बाद में उन्हें घर भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में वर्ष 2014 में 15 और 2015 में अब तक चार बच्चे गुमशुदा हैं।