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Pilibhit News: गोवंश को न आश्रय स्थलों में मिल रहा चारा और न घरों में हो रहा गुजारा

Wed, 20 Sep 2023 12:59 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Wed, 20 Sep 2023 12:59 AM IST
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The cattle are neither getting fodder in the shelters nor are they living in their homes.
पीलीभीत। प्रशासन की अनदेखी और लापरवाही के चलते गोवंश का जीना मुहाल है। उन्हें न आश्रय स्थलों में चारा मिल रहा है और न घरों में गुजारा हो रहा है। परशुराम गोआश्रय स्थल में तो एक महीने के भीतर भूख और बीमारी से 20 गोवंश की मौत भी हो चुकी है।
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गोआश्रय स्थलों से पशुओं के चारे के लिए बजट की डिमांड भेजने में लापरवाही का मामला सामने आने के बाद अब एक नया खुलासा हुआ है। सहभागिता योजना के तहत 1500 ग्रामीण 2460 गोवंश को उनका पोषण करने के लिए गोआश्रय स्थलों से अपने घर ले गए। उन्हें चारा-पानी दे रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने उन्हें अभी तक फूटी कौड़ी नहीं दी है, जबकि उन्हें प्रति पशु 30 रुपये रोजाना दिया जाना तय है। प्रशासन पर गोवंश के पोषण भत्ते का करीब 75 लाख रुपया बकाया है।
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निराश्रित गोवंश को संरक्षित करने के लिए जिले में 54 गोआश्रय स्थल संचालित हो रहे हैं। यहां पर विभागीय आंकड़ाें के अनुसार 46 सौ से अधिक पशु पल रहे हैं। शासन ने गोवंश को संरक्षण देने के लिए सहभागिता योजना भी शुरू की है। इसके तहत ग्रामीण आश्रय स्थलों से पशुओं को लेकर घर में पाल सकते हैं। इसके लिए सरकार की तरफ से प्रति पशु 30 रुपये दिए जाते हैं।
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जिले में करीब 15 सौ ग्रामीणों ने अलग-अलग गोआश्रय स्थलों से 2460 पशु घर पर पालने को लिए हैं। प्रशासन को पोषण भत्ते का 75 लाख रुपया इन ग्रामीणों को देना है। ग्रामीणों कई बार बजट की अधिकारियों से मांग कर चुके हैं, लेकिन उन्हें बहानेबाजी करके टाला जा रहा है। अब दावा किया जा रहा है कि अप्रैल से अगस्त तक की डिमांड शासन को भेजी जा रही है।
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खाते लिंक न होने का हवाला दे रहे अधिकारी
मार्च के बाद ग्रामीणों का भुगतान न हो पाने के पीछे शासन के नए नियमों का अधिकारी हवाला दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि अधिकांश ग्रामीणों के बैंक खाते ठीक नहीं थे और आधार से भी लिंक नहीं थे। ऐसे में सभी ग्रामीणों के खातों को आधार से लिंक कराया जा चुका है। खातों को सत्यापित कराकर चेक कराया गया था। अब सभी ठीक होने पर शासन को डिमांड भेज दी गई है। अगस्त तक सभी का भुगतान मिल सकेगा।


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वर्जन
खातों में खामियां होने के कारण पशु पालकों को धनराशि नहीं मिल पा रही थी। सभी के खाता अपडेट कराने मेें समय लगा । अब सभी के खाते ठीक होने पर डिमांड शासन को भेजी जा रही है। जल्द ही खातों में धनराशि भेज दी जाएगी।- डॉ. अरविंद कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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