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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   The candidate selected by negotiation with the union!

संघ के मशवरे से चुने गए उम्मीदवार!

Mon, 16 Jan 2017 11:55 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
ब्यूरो /पीलीभीत Updated Mon, 16 Jan 2017 11:55 PM IST
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जिले की सीटों पर प्रत्याशी चयन करने में भाजपा को काफी मेहनत करनी पड़ी। जिला संगठन और केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के बीच खेमेबंदी के चलते हर सीट पर दोनों खेमों के अलग-अलग दावेदार थे। इस वजह से हाईकमान को कई स्तरों पर फीड बैक लेना पड़ा, संघ के पदाधिकारियों से भी वार्ता की गई। माना जा रहा है कि प्रत्याशियों की सूची संघ से मंत्रणा के बाद ही जारी हुई। यही कारण रहा कि बरखेड़ा सीट पर मेनका गांधी खेमे स्वामी प्रवक्ता नंद को मात देकर किशनलाल राजपूत ने टिकट की लड़ाई जीत ली। बीसलपुर में संघ के करीबी विधायक रामसरन वर्मा के टिकट पर कोई संकट ही नहीं था। पूरनपुर से टिकट पाने वाले बाबूराम पासवान मेनका खेमे के हैं। शहर से संजय गंगवार ही एकमात्र ऐसे प्रत्याशी हैं जो इस खेमेबंदी से अलग हैं।
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ये हैं भाजपा के योद्धा
संजय के नाम पर कोई विवाद नहीं
पीलीभीत शहर विधान सभा सीट पर भाजपा ने युवा नेता संजय गंगवार पर भरोसा जताया है। बीएससी तक शिक्षा प्राप्त संजय गंगवार 2012 में शहर सीट से बसपा टिकट पर चुनाव लड़े थे और सपा के हाजी रियाज से मात्र 4,235 वोटों के अंतर से हार गए थे। 2014 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान मेनका गांधी के कहने पर संजय ने बसपा छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। वह मरौरी ब्लाक के प्रमुख भी रह चुके हैं। इनकी मां नरैना देवी जिपं सदस्य रह चुकी हैं।
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संघ-संगठन दोनों के करीबी किशनलाल
बरखेड़ा विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाए गए 58 वर्षीय किशनलाल राजपूत मूलत: जहानाबाद के रहने वाले हैं। वह बहेड़ी में ग्राम विकास अधिकारी पद पर तैनात थे। करीब छह माह पहले स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद वह चुनाव की तैयारियों में जुट गए थे। स्नातक तक शिक्षा प्राप्त किशनलाल भाजपा के साथ संघ पदाधिकारियों के भी करीबी माने जाते हैं। उनके बेटे नमन राजपूत भाजयुमो के जिला महामंत्री हैं।
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पूरनपुर में बाबूराम पर फिर दांव 
पूरनपुर विधानसभा सीट पर भाजपा ने बाबूराम पासवान को दूसरी बार अपना प्रत्याशी बनाया है। मूल रूप से घुंघचाई क्षेत्र के गांव उदरहा के रहने वाले बाबूराम की शिक्षा बीए, बीएड हैं। उन्होंने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1980 में जिला पंचायत सदस्य बनकर की। जिला सहकारी बैंक के वाइस चेयरमैन भी रहे। 2012 के चुनाव में भाजपा ने उन्हें प्रत्याशी बनाया था और वह दूसरे नंबर पर रहे थे।

1985 से बीसलपुर से चुनाव लड़ रहे रामसरन
बीसलपुर से भाजपा ने अपने विधायक रामसरन वर्मा पर फिर भरोसा जताया है। बीकाम, एलएलबी की शिक्षा ग्रहण कर वर्ष 1985 में उन्होंने बीसलपुर सीट से पहली बार भाजपा से चुनाव लड़ा था। तभी से लगातार इसी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। 2012 से पहले 1991 और 1993 में भी वह चुनाव जीते थे। 1993 में दुग्ध विकास उपमंत्री भी बने। 1996 में हारने के बाद 2002 में उन्होंने सपा ज्वाइन की लेकिन 2007 में फिर भाजपा में वापसी कर ली। 
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