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तेंदुए पर नजर रखने को लगाए गए छह कैमरे, छठे दिन भी पिजड़ों की पकड़ से बाहर
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अमरिया क्षेत्र में तेंदुए की लोकेशन ट्रेस करने के लिए लगाए जा रहे कैमरे।
- फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। अमरिया तहसील क्षेत्र के सूरजपुर इलाके में दस्तक देकर दहशत फैलाने वाला तेंदुआ छठे दिन भी पकड़ में नहीं आ सका। पगचिह्नों के आधार पर तेंदुए की पिछले 24 घंटे से कोई लोकेशन नहीं मिली है। फिलहाल तेंदुए पर नजर रखने को अलग-अलग स्थानों पर छह कैमरे लगाए गए हैं।
तहसील क्षेत्र में बाघों के अलावा तेंदुओं ने भी दस्तक देनी शुरू कर दी है। पिछले साल अक्तूबर में तहसील क्षेत्र के सूरजपुर इलाके से एक तेंदुआ पकड़ा गया था। इधर सूरजपुर इलाके में ही पिछले डेढ़ माह से एक अन्य तेंदुए ने दस्तक देनी शुरू कर दी है। तेंदुए ने घरों में घुसना शुरू किया तो ग्रामीणों ने वन अफसरों से पकड़ने की मांग की। उच्चाधिकारियों से अनुमति मिलने के बाद दो अप्रैल को सूरजपुर इलाके में एक पिंजड़ा जबकि तीन अप्रैल को एक अन्य पिंजड़ा इसी इलाके में लगाया गया। पिंजड़ा लगने के पहले दिन तो तेंदुआ पिंजड़े के करीब से आकर गुजर गया, मगर तबसे तेंदुए ने इन पिंजड़ों से लगातार दूरी बना रखी है। पिछले तीन दिन से तेंदुआ ड्यूनी डैम के इलाके में देखा जा रहा था, मगर 24 घंटे से इसकी कोई लोकेशन नहीं मिली है। इधर अब वन अफसरों के निर्देश पर डब्ल्यूडब्ल्यूएफ द्वारा तेंदुआ मिलने के अलग-अलग संभावित स्थानों पर छह कैमरे लगाए गए हैं। सामाजिक वानिकी प्रभाग की वन दरोगा सोनी सिंह के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही है। वन अफसरों का मानना है कि अन्य वन्यजीवों की अपेक्षा तेंदुआ देरी से पिंजडे़ की कैद में आता है।
तेंदुए के पकड़ने के प्रयास लगातार जारी है। तेंदुए की लोकेशन ट्रेस करने को अलग-अलग स्थानों पर छह कैमरे लगवाए गए हैं। टीम द्वारा निगरानी की जा रही है। - संजीव कुमार, डीएफओ, सामाजिक वानिकी प्रभाग
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तहसील क्षेत्र में बाघों के अलावा तेंदुओं ने भी दस्तक देनी शुरू कर दी है। पिछले साल अक्तूबर में तहसील क्षेत्र के सूरजपुर इलाके से एक तेंदुआ पकड़ा गया था। इधर सूरजपुर इलाके में ही पिछले डेढ़ माह से एक अन्य तेंदुए ने दस्तक देनी शुरू कर दी है। तेंदुए ने घरों में घुसना शुरू किया तो ग्रामीणों ने वन अफसरों से पकड़ने की मांग की। उच्चाधिकारियों से अनुमति मिलने के बाद दो अप्रैल को सूरजपुर इलाके में एक पिंजड़ा जबकि तीन अप्रैल को एक अन्य पिंजड़ा इसी इलाके में लगाया गया। पिंजड़ा लगने के पहले दिन तो तेंदुआ पिंजड़े के करीब से आकर गुजर गया, मगर तबसे तेंदुए ने इन पिंजड़ों से लगातार दूरी बना रखी है। पिछले तीन दिन से तेंदुआ ड्यूनी डैम के इलाके में देखा जा रहा था, मगर 24 घंटे से इसकी कोई लोकेशन नहीं मिली है। इधर अब वन अफसरों के निर्देश पर डब्ल्यूडब्ल्यूएफ द्वारा तेंदुआ मिलने के अलग-अलग संभावित स्थानों पर छह कैमरे लगाए गए हैं। सामाजिक वानिकी प्रभाग की वन दरोगा सोनी सिंह के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही है। वन अफसरों का मानना है कि अन्य वन्यजीवों की अपेक्षा तेंदुआ देरी से पिंजडे़ की कैद में आता है।
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तेंदुए के पकड़ने के प्रयास लगातार जारी है। तेंदुए की लोकेशन ट्रेस करने को अलग-अलग स्थानों पर छह कैमरे लगवाए गए हैं। टीम द्वारा निगरानी की जा रही है। - संजीव कुमार, डीएफओ, सामाजिक वानिकी प्रभाग
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