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Pilibhit News: पूरनपुर सहकारी चीनी मिल है बंद, कहां जाएं साढ़े 13 हजार किसान

Fri, 25 Nov 2022 07:30 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 25 Nov 2022 07:30 AM IST
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पूरनपुर किसान सहकारी चीनी मिल। संवाद - फोटो : PILIBHIT
पूरनपुर सहकारी चीनी मिल है बंद, कहां जाएं साढ़े 13 हजार किसान
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पूरनपुर (पीलीभीत)। किसान सहकारी चीनी मिल पूरनपुर का पेराई सत्र शुरू न होने के कारण मिल से जुड़े 13702 गन्ना किसान परेशान हैं। अफसर चीनी मिल को नवंबर माह के अंत में चलने का तर्क दे रहे हैं, मगर मरम्मत का काम पूरा न होने के कारण दिसंबर के पहले मिल का पेराई सत्र शुरू होने की संभावना कम ही नजर आ रही है। ऐसे में किसान परेशान हैं और फसल औने-पौने दामों में बेचने को मजबूर हैं। ऐसे में यह साफ है कि इस बार मिल को आवंटित सारा गन्ना शायद ही पूरा मिल पाए।
बता दें कि जनपद में पूरनपुर की चीनी मिल छोड़कर सभी चीनी मिलों में पेराई शुरू हो चुकी है। यहां बता दें कि पूरनपुर की सहकारी चीनी मिल में भी पेराई सत्र अक्तूबर या नवंबर महीने में शुरू होता आया है। मगर इस बार ऐसा नहीं हो सका है। चीनी मिल की क्षमता प्रतिदिन 25 हजार क्विंटल गन्ना पेरने की है। मगर कई सालों से मिल अपनी क्षमता के अनुसार पेराई नहीं कर पा रही है। चीनी मिल की ओर से इस बार 38.01 लाख क्विंटल गन्ने की मांग की गई थी। मिल को 5569 हेक्टेयर जमीन पर खड़े 44.90 लाख क्विंटल गन्ने का आवंटन किया गया है। पिछले साल भी चीनी मिल को 49.85 लाख क्विंटल गन्ना आवंटित किया गया था। मगर चीनी मिल मात्र 23.08 लाख क्विंटल गन्ना पेर पाई थी। इस बार 28 नवंबर से चीनी मिल शुरू करने की बात कही जा रही है लेकिन इसके आसार कम नजर आ रहे हैं। अगर दिसंबर में मिल शुरू होती है तो साफ है कि इस बार चीनी मिल कम पेराई करेगी इसका असर गन्ना किसानों पर भी पड़ेगा।
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इन केंद्रों पर गन्ना खरीदेगी मिल
चीनी मिल गेट, झुकना, दुधियाखर्दु, जटपुरा, कुवंरपुर गजरौला, कीरतपुर, गुलाबटांडा, उदयकरनपुर, प्रसादपुर पचपेड़ा, शाहगढ़ प्रथम, रंपुराकोन, गढ़वाखेड़ा प्रथम एट अंडबोझी, रायपुर प्रथम एट जगतपुर, माधौपुर अभयपुर, शहबाजपुर, चंदुइया।
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किसानों ने कहा-क्या करें..कहां जाएं
सहकारी चीनी मिल के न चलने पर औने-पौने दामों पर गन्ना बेचना पड़ रहा है। जिला गन्ना अधिकारी से मिलकर कई बार मिल चलवाने की मांग की गई। मगर ध्यान नहीं दिया जा रहा। - स्वराज सिंह, जिलाध्यक्ष भाकियू
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गन्ने की फसल तैयार खड़ी है। कुछ गन्ना काटकर इस बार गेहूं की बुआई का मन बनाया था। मगर चीनी मिल अब तक नहीं चल सकी। गन्ना खेत में खड़ा है। पता नहीं कब मिल चलेगी कब गन्ना काटकर गेहूं बोएंगे।
-मनवीर सिंह, मुजफ्फरनगर
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चीनी मिल के समय से मरम्मत न होने का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। गेहूं की बुआई को पहले से देर हो चुकी है। पता नहीं कब चीनी मिल चलेगी और कब गन्ना सप्लाई होगा।

-रंजीत सिंह, पड़रिया
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सहकारी चीनी मिल की हालत भगवान भरोसे है। इससे गन्ने की फसल से मोह भंग होने लगा है। इस बार गन्ना काटकर गेहूं बोने की योजना थी। मगर चीनी मिल अब तक नहीं चली। गेहूं बुआई का सीजन निकला जा रहा है।
-यदुवीर सिंह, कढेरचौरा
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पेराई सत्र शुरू नहीं किया जा सका है। जीएम की तैनाती हो गई है। उनको शीघ्र चीनी मिल चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
- जितेंद्र मिश्र, जिला गन्ना अधिकारी।
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चीनी मिल को जल्द से जल्द शुरू कराने के लिए डीएम से बात की जाएगी। जल्द ही चीनी मिल शुरू कराई जाएगी।
- संजय सिंह गंगवार, गन्ना राज्यमंत्री
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