{"_id":"5ea083708ebc3e90602aaa4c","slug":"stopped-teachers-salary-pilibhit-news-bly403515157","type":"story","status":"publish","title_hn":"28 वित्तविहीन विद्यालयों ने नहीं दिया शिक्षकों का वेतन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
28 वित्तविहीन विद्यालयों ने नहीं दिया शिक्षकों का वेतन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। लॉकडाउन में स्कूल बंद होने के बाद 28 वित्तविहीन विद्यालयों ने अपने यहां पढ़ाने वाले शिक्षकों का वेतन नहीं दिया है। डीआईओएस ने ऐसे विद्यालयों को पत्र जारी कर शिक्षकों का वेतन जल्द उनके खातों में भेजने के निर्देश दिए हैं।
कोरोना पर अंकुश रखने के लिए 23 मार्च को लॉकडाउन के बाद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने सभी प्राइवेट संस्थाओं से अपने कर्मचारियों को वेतन न रोकने की अपील की थी। इसके बावजूद प्राइवेट वित्तविहीन स्कूलों ने अपने शिक्षकों को वेतन नहीं दिया। प्राइवेट और सरकारी विद्यालय लॉकडाउन में बंद चल रहे हैं। शासन का भी आदेश है कि किसी भी कर्मचारी का वेतन नहीं काटा जाएगा। जनपद में कुल 120 वित्तविहीन विद्यालय हैं। इनमें 92 विद्यालयों ने अब तक अपने शिक्षकों को वेतन दिया है। जबकि 28 विद्यालयों ने शिक्षकों के खाते में वेतन नहीं भेजा। डीआईओएस संतप्रकाश ने ऐसे विद्यालयों को पत्र जारी कर शिक्षकों का वेतन खातों में भेजने के निर्देश दिए हैं। डीआईओएस ने कहा कि विद्यालय किसी भी शिक्षक का वेतन न रोकें।
विज्ञापन
कोरोना पर अंकुश रखने के लिए 23 मार्च को लॉकडाउन के बाद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने सभी प्राइवेट संस्थाओं से अपने कर्मचारियों को वेतन न रोकने की अपील की थी। इसके बावजूद प्राइवेट वित्तविहीन स्कूलों ने अपने शिक्षकों को वेतन नहीं दिया। प्राइवेट और सरकारी विद्यालय लॉकडाउन में बंद चल रहे हैं। शासन का भी आदेश है कि किसी भी कर्मचारी का वेतन नहीं काटा जाएगा। जनपद में कुल 120 वित्तविहीन विद्यालय हैं। इनमें 92 विद्यालयों ने अब तक अपने शिक्षकों को वेतन दिया है। जबकि 28 विद्यालयों ने शिक्षकों के खाते में वेतन नहीं भेजा। डीआईओएस संतप्रकाश ने ऐसे विद्यालयों को पत्र जारी कर शिक्षकों का वेतन खातों में भेजने के निर्देश दिए हैं। डीआईओएस ने कहा कि विद्यालय किसी भी शिक्षक का वेतन न रोकें।
विज्ञापन