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बांस व रेत भरे बोरों से स्पर बचाने की कवायद शुरू
अमर उजाला ब्यूरो माधोटांडा।
Updated Mon, 14 Aug 2017 11:56 PM IST
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sharda
- फोटो : amar ujala
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-चार दिन पूर्व जलस्तर बढ़ने से क्षतिग्रस्त हो गया था स्पर नंबर छह
शारदा नदी चौड़ाई में कर रही कटान
शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद क्षतिग्रस्त हुए स्पर नंबर छह को मजबूती देने और कटान से बचाने को बांस के बाक्स बनाकर उसमें रेत भरे बोरे डालने की कवायद शुरू की गई है। अभियंताओं के मुताबिक इस समय बचाव करने का मात्र यही एक तरीका है।
बाढ़ खंड में ढकिया ताल्लुके महाराजपुर में शारदा पर बने स्पर नंबर छह को कटान से बचाने को अब बांस की वायर क्रेट में झाड़ झंकाड़ व रेत से भरे बोरों को भरवाकर मरम्मत कार्य शुरू किया गया है। अभियंताओं का कहना है कि स्पर की नोज पर पानी की धार का करंट तेज है। ऐसे में, इस समय यह उपाय ही कारगर साबित हो सकते हैं। हालांकि उन्होंने स्पर को किसी भी खतरे से इंकार करते हुए कहा कि स्पर मजबूत है। उसकी मुख्य बॉडी को मजबूती देने को यह कार्य कराया जा रहा है।
वहीं, शारदा नदी की धार इस इलाके में चौड़ाई में कटान कर बढ़ती जा रही है। नदी के बीच में बने रेत के ढेर भी नदी काट रही है। इससे या तो स्पर छह पर पानी का दबाव कम होगा या फिर बाढ़ के समय धार का प्रवाह तेज होकर यहां बड़ा नुकसान कर सकता है। इस इलाके में नगरिया खुर्द से लेकर ढकिया ताल्लुके महाराजपुर तक पत्थर के स्पर व मार्जनल बांध बना है। इन सबके बावजूद यह इलाका सर्वाधिक संवेदनशील माना जाता है। इसी कारण बाढ़ खंड ने यहां पर सभी स्परों की नोज पर एप्रिन बना कर मजबूत किया था। इधर अब नदी की धार धीरे-धीरे स्परों की ओर बढ़ती जा रही है।
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शारदा नदी चौड़ाई में कर रही कटान
शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद क्षतिग्रस्त हुए स्पर नंबर छह को मजबूती देने और कटान से बचाने को बांस के बाक्स बनाकर उसमें रेत भरे बोरे डालने की कवायद शुरू की गई है। अभियंताओं के मुताबिक इस समय बचाव करने का मात्र यही एक तरीका है।
बाढ़ खंड में ढकिया ताल्लुके महाराजपुर में शारदा पर बने स्पर नंबर छह को कटान से बचाने को अब बांस की वायर क्रेट में झाड़ झंकाड़ व रेत से भरे बोरों को भरवाकर मरम्मत कार्य शुरू किया गया है। अभियंताओं का कहना है कि स्पर की नोज पर पानी की धार का करंट तेज है। ऐसे में, इस समय यह उपाय ही कारगर साबित हो सकते हैं। हालांकि उन्होंने स्पर को किसी भी खतरे से इंकार करते हुए कहा कि स्पर मजबूत है। उसकी मुख्य बॉडी को मजबूती देने को यह कार्य कराया जा रहा है।
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वहीं, शारदा नदी की धार इस इलाके में चौड़ाई में कटान कर बढ़ती जा रही है। नदी के बीच में बने रेत के ढेर भी नदी काट रही है। इससे या तो स्पर छह पर पानी का दबाव कम होगा या फिर बाढ़ के समय धार का प्रवाह तेज होकर यहां बड़ा नुकसान कर सकता है। इस इलाके में नगरिया खुर्द से लेकर ढकिया ताल्लुके महाराजपुर तक पत्थर के स्पर व मार्जनल बांध बना है। इन सबके बावजूद यह इलाका सर्वाधिक संवेदनशील माना जाता है। इसी कारण बाढ़ खंड ने यहां पर सभी स्परों की नोज पर एप्रिन बना कर मजबूत किया था। इधर अब नदी की धार धीरे-धीरे स्परों की ओर बढ़ती जा रही है।
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